नौसेना की योजना है कि उसके पास तीन विमानवाहक पोत हों : नौसेना प्रमुख - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

नौसेना की योजना है कि उसके पास तीन विमानवाहक पोत हों : नौसेना प्रमुख

navy-chief-wants-three-ship
नयी दिल्ली, तीन दिसंबर, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने मंगलवार को कहा कि नौसेना की दीर्घकालीन योजना है कि उसके पास तीन विमानवाहक पोत हों। साथ ही कहा कि स्वदेश में विकसित पहला विमानवाहक पोत 2022 तक पूरी तरह परिचालन में आ जाएगा। एडमिरल सिंह ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में देश को भी आश्वस्त किया कि नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि नौसेना की दीर्घकालिक योजना है कि उसके पास तीन विमानवाहक पोत हों। नौसेना प्रमुख ने कहा कि पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत का पूर्ण परिचालन 2022 तक शुरू हो जाएगा और उसके पास मिग-29के विमान होगा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि पिछले पांच वर्षों में नौसेना का वार्षिक बजट आवंटन 18 प्रतिशत से घटकर 12 प्रतिशत पर आ गया है। पड़ोसी देशों से मिल रही चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसी और देश की नौसैन्य गतिविधि का हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम समान विचार वाले देशों के साथ क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार हैं।”  एडमिरल सिंह ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में सात से आठ चीनी पोत आम तौर पर मौजूद रहते हैं।  नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिर भूमिका निभा रहा है। चीनी नौसेना के व्यापक विस्तार के बारे में पूछे जाने पर एडमिरल सिंह ने कहा कि वे अपनी क्षमता के अनुकूल बढ़ रहे हैं और “हम अपनी क्षमता के हिसाब से चल रहे हैं।” 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...