विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 19 दिसंबर - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 19 दिसंबर

विदिशा शहर के नागरिकों की हर जरूरत को पूरा करने का प्रयास करता रहूंगा - शशांक भार्गव

विदिशा : विधायक शशांक भार्गव ने प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा बताया कि जिला अस्पताल सांची रोड़ स्तिथ मेडिकल कॉलेज के पास नवीन भवन में स्थानांतरित होने के बाद शहर के नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से पुराने जिला अस्पताल भवन में ओपीडी चालू रखने की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से उनके विदिशा दौरे के समय की थी। आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं कि 1 जनवरी से प्रातः 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक पुराने जिला अस्पताल भवन में ओपीडी की सुविधा शहर के नागरिकों को प्राप्त होगी। वही विधायक शशांक भार्गव ने शहर की सड़कों, अन्य निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री से डेढ़ करोड़ रुपए की मांग की थी। आज नगरीय प्रशासन मंत्री महोदय ने जानकारी दी कि विदिशा नगर पालिका परिषद को 75 लाख रुपए की राशि विकास कार्यों हेतु स्वीकृत कर दी गई है। जो शीघ्र ही नगर पालिका परिषद विदिशा को प्राप्त हो जाएगी। विधायक शशांक भार्गव ने विदिशा शहर के नागरिकों की सुविधा से संबंधित मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ जी, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट जी, नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।और कहा कि वे विदिशा शहर के नागरिकों की हर जरूरत को पूरा करने का प्रयास करते रहेंगे।

राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य की डॉ राजुल महाविद्यालयीन छात्राओं से रू-ब-रू हुई

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राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ राजुल एन देसाई ने आज विदिशा जिले का भ्रमण कर महिलाओं के उत्थान हेतु क्रियान्वित योजनाओं के साथ-साथ महिलाओं के लिए संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन का जायजा लिया।  आयोग सदस्य डॉ राजुल ने सबसे पहले शासकीय कन्या महाविद्यालय विदिशा में पहुंचकर अध्ययनरत छात्राओं से संवाद स्थापित कर उनसे महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के मद्देनजर किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी प्राप्त की वही उन्होंने आकस्मिक संकटो से कैसे निजात पाएं, इसके लिए किन से सम्पर्क करें की जानकारी दी। कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्राओं से उन्होंने लड़कियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए शासन स्तर पर उठाए जा रहे कदम से भी अवगत कराया। परिचर्चा-परिसंवाद के माध्यम से आयोग सदस्य के द्वारा महाविद्यालयीन छात्राओं से रू-ब-रू होकर प्रश्नोत्तरों के माध्यम से उनकी समस्या से अवगत होकर निराकरण की पहल की गई है।  इस अवसर पर शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य के अलावा अन्य प्राध्यापकगण, महाविद्यालयीन छात्राएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।  

महिलाओे के स्वास्थ्य शिक्षा और सुरक्षा पर बल सखी, स्कूलों और महाविद्यालयों का अधिकारी निरीक्षण करें

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ राजुल एन देसाई ने आज जिला पंचायत के सभागार कक्ष में महिलाओं के उत्थान हेतु क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा हेतु क्रियान्वित योजनाओं पर बल दिया है। उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री वृदावंन सिंह, एसडीएम श्री प्रवीण प्रजापति के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा एनजीओ पिरामल के पदाधिकारी मौजूद थे। आयोग सदस्य डॉ राजुल ने कहा कि विदिशा जिले में मेरी बेटी मेरी अभिमान के तहत व्यस्तम चौराहे की दीवार पर जिले की बीस से 25 ऐसी बच्चियों के फोटोग्राफ्स अंकित किए जाएं जिनके द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित की गई है। चाहे वह शैक्षणिक, खेल, सामाजिक, वरिष्ठ पदोंं पर चयन, सांस्कृतिक क्षेत्र में  इत्यादि में विशेष दर्जा हासिल करने वाली बालिकाओं की फोटोग्राफ्स संक्षिप्त जानकारियों सहित प्रदर्शित करने के निर्देश दिए है। आयोग सदस्य डॉ राजुल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं के उत्थान और सर्वागीण विकास के लिए क्रियान्वित योजनाओं का लाभ सुपात्रों को अविलम्ब दिलाया जाए। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागृति लाने के लिए समय-समय पर शैक्षणिक संस्थाओं और सखी केन्द्र का भ्रमण कर वहां मौजूद पूर्व उल्लेखितों को योजनाओं एवं उनके अधिकारों की जानकारी देने के प्रयास करें।  आयोग सदस्य डॉ राजुल ने अधिकारियों से कहा कि जो भी कार्य करें वह परिणाममूलक हो और उसकी सार्थकता स्वयमेव प्रदर्शित होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं के मध्य जनजागृति के लिए सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिग्स से प्रदर्शन करने के निर्देश देते हुए उन्होंने उपरोक्त होर्डिग्स को फोटोग्राफ्स आयोग को मेल करने के भी निर्देश दिए है।  आयोग सदस्य डॉ राजुल ने कहा कि बच्चियों को गुड टच- बेड टच की जानकारी अनिवार्यतः दी जाए इसके लिए स्कूलों में छात्राओं के लिए शिविर आयोजित कर महिलाओं के द्वारा सुगमता से अवगत कराया जाए ताकि बच्चियां गुड टच-बेड टच से भलीभांति अवगत हो सकें। छात्राओं में जनजागृति के लिए उनके अधिकार तथा संकट के समय सम्पर्क किससे करें कि जानकारी पेम्पलेटो के माध्यम से मुहैया कराई जाए।  शाला एवं महाविद्यालय में प्रवेशोत्सव का आयोजन कर छात्राओं के उत्थान हेतु क्रियान्वित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी देने का कार्य किया जाए साथ ही गुड टच - बेड टच की मूल अवधारणा से भी अवगत कराया जाए।  राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ राजुल के द्वारा केन्द्रीय योजनाएं क्रमशः बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं योजना, वूमेन हेल्प लाइन, स्वाधार गृह, केन्द्रीय पीड़ित मुआवजा कोष, वन स्टाप सेन्टर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना,  प्रधानमंत्री उज्जवला योजना तथा राज्य स्तरीय योजनाएं क्रमशः वूमेन वेलफेयर स्कीम, एक्सपियेसनल डिस्ट्रिक इन्टीकेटर आफ नीति आयोग तथा प्रोग्रेस रिपोर्ट आफ नीति आयोग रिगार्डिंग वूमेन एण्ड चाइल्स (हेल्थ, एजुकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर, क्लीनीनेस आफ वाटर इत्यादि) की जानकारियां संबंधित विभागों के द्वारा पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुत की गई। जिले में महिलाओं के उत्थान हेतु किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे ने बाल शिक्षा केन्द्र आंगनबाडी, आईएसओ धारक आंगनबाडी केन्द्रों की जानकारी दी।  

सखी का औचक निरीक्षण

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ राजुल एन देसाई ने आज विदिशा की कोतवाली थाना परिसर में संचालित वन स्टॉप क्राइसेस सेन्टर (सखी) का औचक निरीक्षण किया। यहां पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए किए गए प्रबंधों पर प्रशंसा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक जिले को पचास लाख रूपए की राशि सखी सेन्टर भवन के निर्माण हेतु जारी की जा रही है।  उन्होंने सखी सेन्टर के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। मौके पर मौजूद महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिग्स के माध्यम से प्रदर्शन किया जाए। उपरोक्त कार्य अनुभाग क्षेत्र स्तर पर भी क्रियान्वित किया जाए।  आयोग सदस्य डॉ राजुल ने सखी केन्द्र पर आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान डीएसपी पिंकी जिवनानी के अलावा सखी सेन्टर में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहें और उनके द्वारा आयोग सदस्य को सखी सेन्टर की गतिविधियों से अवगत कराया गया है। क्रमांक 185

कार्यभार ग्रहण

नव पदस्थ जिला आयुर्वेद अधिकारी श्री दिनेश कुमार अहिरवार ने आज कार्यभार ग्रहण कर लिया है। श्री अहिरवार से उनके मोबाइल नम्बर 8319641310 पर सम्पर्क किया जा सकता है। 

जय किसान फसल ऋण माफी योजना तहत गुलाबी आवेदन एक एवं दो के निराकरण के संबंध में

जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत जिले के समस्त कृषको से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक द्वारा आग्रह किया गया है कि जिन कृषकों के द्वारा भरे गए गुलाबी एक एवं गुलाबी दो के प्रकरण निराकरण की कार्यवाही शुरू हो गई है। अतः गुलाबी फार्म पंचायत स्तर पर भरकर जमा किए गए है उन सभी कृषकों को सूचित किया गया है कि अपनी बैंक शाखा में समस्त दस्तावेंज लेकर 26 एवं 27 दिसम्बर को उपस्थित हो ताकि गुलाबी फार्म में भरी गई आपत्ति का निराकरण मौके पर कराया जा सकें।  किसानो द्वारा भरे गए गुलाबी फार्म में दर्शाई गई आपत्ति का निराकरण किया जाएगा। बैंक स्तर पर आपत्तियों का निराकरण ना होने की स्थिति में दो जनवरी 2020 को सभी कार्यालय जनपद पंचायत स्तर पर जिलाधिकारी की उपस्थिति में शिविर आयोजित किया जाएगा जिसमें उपस्थित होकर गुलाबी फार्म में भरी गई आपत्ति का निराकरण संबंधित कृषकबंधु करा सकते है।

सोशल मीडिया और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक संदेश, चित्र,भेजने पर प्रतिबंध

जिला दंडाधिकारी श्री कौशलेन्द्र ने बुधवार को धारा 144 के अंतर्गत वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ज़िले में सोशल प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, ग्रुप एसएमएस, और अन्य सोशल प्लेट फॉर्म पर आपत्तिजनक संदेश, चित्र, किसी समुदाय, धर्म, संप्रदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक, भड़काऊ, टिप्पणी करने वीडियो, चित्र,  और लोगो को  किसी  के विरुद्ध असामाजिक  प्रदर्शन, आंदोलन के लिए एकत्रित करने  के संदेश फैलाने  पर रोक लगाई है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री सिंह ने धारा 144 में आदेश जारी कर जिले में सोशल मीडिया में किसी समुदाय, सम्प्रदाय, धर्म या व्यक्ति के विरुद्ध गलत टिप्पणी,फ़ोटो, वीडियो डाले जाने पर उसकी जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन की होगी, यदि किसी व्हाट्सअप, फेस बुक, इंस्टाग्राम,मैसेंजर जैसे  अन्य सोशल प्लेट फॉर्म पर गलत टिप्पणी और अन्य सामग्री भेजी जाती है तो इसकी जानकारी तुरंत ही पुलिस को देना होगी। 

24 दिसम्बर को राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस का आयोजन

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मध्यप्रदेश के द्वारा 24 दिसम्बर को राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस का आयोजन किया जायेगा । आयोजन स्थल पर उपभोक्ता संरक्षण गतिविधियों से जुड़े विभाग प्रमुखतः खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नापतौल, शिक्षा, बीमा, परिवहन, स्वास्थ्य, ऑयल कम्पनी, विद्युत कम्पनी, दूरसंचार, वाणिज्यिक तथा समस्त बैंक के संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने विभाग में संबंधित प्रदर्शनी लगायेंगे।  जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस का आयोजन जिला पंचायत के सभागार कक्ष में 24 दिसम्बर की पूर्वान्ह 11.30 बजे से आयोजित किया गया है। जिसमें जिला आपूर्ति अधिकारी के द्वारा राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन टोल फ्री नम्बर 18002330046 के संबंध में जानकारी दी जाएगी वही उपभोक्ताओं को जागरूकता संबंधी कार्यक्रम नुक्कड़, नाटक कठपुतली, लोकगीतो के माध्यम से किया जाएगा। 

माफिया के विरुद्ध हो कठोर कार्यवाही -कमिश्नर  श्रीमती श्रीवास्तव
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर ने कलेक्टर व एसपी को दिए निर्देश
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कमिश्नर भोपाल संभाग श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर व एसपी को निर्देशित किया है कि जिलों में संगठित माफिया के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें।  उन्होंने कहा कि इस कार्य को आप लोग चुनौती के रूप में लेते हुए माफिया को चिन्हित करें और फिर पूरी तैयारी के साथ कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि इस कार्यवाही से आमजन को किसी तरह की परेशानी ना हो। कमिश्नर श्रीमती श्रीवास्तव द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए योजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में इस वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 स्कूलों को मार्च तक बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जाए। इसके लिए सीएसआर फंड और जिला पंचायतों में उपलब्ध राशि का उपयोग किया जाए । अगले शिक्षा सत्र के लिए अभी से तैयारी की जाए।  निजी स्कूलों द्वारा किताबे थोपने की शिकायत के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि अभी से निजी स्कूलों से किताबों की सूची ली जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए। कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मिशन इंद्रधनुष अभियान की प्रगति, डेंगू, चिकनगुनिया की रोकथाम की प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कमिश्नर द्वारा कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आगामी समय में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सख्त निगरानी और नियंत्रण  बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान भोपाल संभाग के आई जी श्री आदर्श कटियार,, सभी जिलों के जिला कलेक्टर,डीआई जी भोपाल और जिलो के एस.पी. सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। क्रमांक 190


राज्य एवं संभाग स्तरीय आंतरिक शिकायत निवारण समिति गठित

राज्य शासन ने न्यायालयों में उच्च शिक्षा विभाग के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये राज्य एवं संभाग स्तरीय आंतरिक शिकायत निवारण समितियों का गठन किया है । राज्य स्तरीय समिति में प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में राजपत्रित अधिकारियों (प्राचार्य, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी एवं ग्रंथपाल) के प्रकरणोंध्शिकायतों का निराकरण किया जाएगा । समिति में आयुक्त, उच्च शिक्षा, विधि महाविद्यालय के नामांकित प्राध्यापक, सहायक-प्राध्यापक, संचालनालय में न्यायालयीन शाखा प्रभारी एवं प्रकरण से संबंधित संचालनालय, मंत्रालय के शाखा प्रभारी को सदस्य मनोनीत किया गया है । शिकायतकर्ताओं से सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया जाएगा । आवेदनकर्ता अपने शासकीय ई-मेल से लॉग-इन कर ऑनलाइन आवेदन और अन्य दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं । सेवारत कर्मचारी अपने शासकीय ई-मेल आई.डी. एवं पासवर्ड का प्रयोग कर लॉग-इन कर सकते हैं । सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी अपने मोबाइल नम्बर की सहायता से विभागीय पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकते हैं ।

शहरी आजीविका मिशन में प्रशिक्षण के लिये आवेदन 20 तक आमंत्रित

उद्यमिता विकास केन्द्र (सेडमैप) द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में भोपाल शहर में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के बेरोजगार युवक-युवतियां के लिये निरूशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव ट्रेड में दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिये आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 दिसम्बर निर्धारित है। प्रशिक्षण पूर्णतरू निरूशुल्क रहेगा। प्रशिक्षण के बाद सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिये 18 से 45 वर्ष आयु तक के बेरोजगार आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रशिक्षणार्थी को बीपीएल, राशन-कार्ड, अंक-सूची, आधार कार्ड और फोटो 20 दिसम्बर तक सेडमैप में जमा कर आवेदन करना होगा । इच्छुक व्यक्ति श्री अरूण गुप्ता जिला समन्वयक उद्यमिता विकास केन्द्र म.प्र. (सेडमैप) 16-ए अरेरा हिल्स, भोपाल अथवा मोबाइल 9752140680 पर संपर्क कर सकते हैं। क्रमांक 192

नशामुक्त ग्राम पंचायत पुरस्कार के लिए 20 तक प्रस्ताव

प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक जिले की एक ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किय्या जाएगा । यह पुरस्कार ग्राम पंचायत मे निवासरत युवा, वृद्ध तथा महिलाएं नशा मुक्त जीवन यापन कर रहे हैं, को नशामुक्त ग्राम पंचायत पुरस्कार देने की योजना प्रारंभ की गई है। ऐसी नशामुक्त ग्राम पंचायत को एक लाख रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। सभी जनपद सीईओ को नशामुक्त ग्राम पंचायत पुरस्कार के लिए प्रस्ताव भेजने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं ।  जिले की कोई एक ग्राम पंचायत ऐसा कार्य करने में सफल रही है तो ऐसी ग्राम पंचायत का चयन किया जाकर एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि ग्राम पंचायत को प्रदान की जाएगी। साथ ही गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में संबंधित पंचायत के सरपंच को प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाएगा। सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को नशामुक्त ग्राम पंचायत पुरस्कार के लिए 20 दिसम्बर 2019 तक प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि के पश्चात पुरस्कार हेतु प्रस्ताव मान्य नहीं किए जाएंगे।

टेली लॉ योजना प्रारंभ मुफ्त कानूनी सहायता मिलेगी

गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की “टेली लॉ योजना’’ शुरू की है । इस योजना में कॉमन सर्विस सेंटर से वीडियो काँफ्रेंसिंग के जरिये जरूरतमंदो को दिल्ली में बैठे वकीलों से मुफ्त कानूनी सहायता मिलेगी । विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस योजना को संचालित कर रहा है । इसके लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत पंचायत स्तर पर संचालित हो रहे इस योजना में टेली लॉ नाम का एक पोर्टल शुरू किया गया है, जो कि सभी कॉमन सर्विस सेंटर वेब पर उपलब्ध है । टेली लॉ के जरिये लोग वीडियो काँफ्रेंसिंग से कॉमन सर्विस सेंटर पर वकीलों से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकेंगे जो जरूरतमंद को वीडियो काँफ्रेंसिंग के जरिए कानूनी सलाह ओर परामर्श देंगे।

जनसम्पर्क संचालनालय से प्राप्त ग्रामीण अंचलों में "हर घर नल से जल" योजना का प्रभावी क्रियान्वयन

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 98 फीसदी पेयजल व्यवस्था भू-जल स्त्रोतों पर आधारित है। विगत कई वर्ष से भू-जल स्तर में हो रही निरंतर गिरावट को देखते हुए राज्य सरकार ने ग्रामीण पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए पिछले एक साल में सतही जल स्त्रोतों पर आधारित समूह जल प्रदाय योजनाओं को प्राथमिकता दी है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में 'हर घर नल से जल'' योजना लागू कर दी गई है। अब ग्रामीण माता-बहनों को पानी के लिये नदी, तालाब, कुआँ, बावड़ी के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल गई है। नई पेयजल नीति में छोटे और दूर-दराज के गाँवों को प्राथमिकता दी गयी है। इन गाँवों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नीति को सरल बनाया गया है। जिन बसाहटों में गर्मी के मौसम में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता है, उनमें नये हैण्डपम्प लगाए जायेंगे। पहले किसी भी बसाहट के 500 मीटर के दायरे में न्यूनतम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जगह नई पेयजल नीति में न्यूनतम 300 मीटर के दायरे में कम से कम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। हैण्डपम्प स्थापना में ग्रामों के चयन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल ग्रामों को प्राथमिकता दी जा रही है। अब गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या से त्रस्त रहने वाले बड़े गाँवों के साथ छोटे गाँव भी नल-जल योजना के क्रियान्वयन से लाभान्वित हो सकेंगे।

मध्यप्रदेश 'राइट टू वाटर' एक्ट बनाने वाला पहला प्रदेश
राज्य सरकार ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में 'राइट-टू-वाटर ' एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में यह एक्ट पारित करवाकर लागू कर दिया जाएगा। इस एक्ट के लागू होने पर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहाँ लोगों को पानी का कानूनी अधिकार मिलेगा। इस कानून को लागू करने के लिये बजट में एक हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। यह एक्ट सरकारी कानून न होकर 'जनता का कानून' होगा। इसमें जन भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जल- संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को बड़े अभियान के रूप में क्रियान्वित किया जायेगा। इस कानून से प्रदेश के सभी जल-स्त्रोतों, नदियों, तालाबों और परम्परागत जल-स्त्रोतों कुएँ-बावड़ी आदि को संरक्षित कर स्थायित्व दिया जायेगा। राज्य सरकार ने प्रत्येक परिवार को उसकी आवश्यकता के अनुरूप जल उपलब्ध करवाने से निश्चय का ही परिणाम है पानी का कानूनी अधिकार।

हर घर पहुँचेगा नल से जल
ग्रामीण अंचलों में हर घर तक नल से जल पहुँचाने के लिये 68 हजार करोड़ रूपये की विस्तृत कार्य- योजना बनाई गई है। अभी तक 19 समूह जल योजनाएँ पूर्ण कर 802 गाँवों की लगभग साढ़े 11 लाख से अधिक जनसंख्या को घरेलू नल कनेक्शन द्वारा जल-प्रदाय शुरू कर दिया गया है। रूपये 6672 करोड़ की लागत की 39 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जो अगले दो साल में पूरा हो जाएगा। इससे 6091 गाँवों की लगभग 64 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। प्रदेश के 14 हजार 510 गाँव की एक करोड़ आबादी को पेयजल सुलभ कराने के लिये 22 हजार 484 करोड़ रूपये की 45 समूह जल-प्रदाय योजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली गई है।

ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने हुए स्थायी कार्य
पिछले एक साल में ग्रामीण अंचल में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के सघन प्रयास किए गए हैं। इतने कम समय में ग्रामीण अंचल में 6 हजार से ज्यादा हैण्डपम्प स्थापित किये गए, 600 से अधिक नवीन नल-जल योजनाओं के कार्य पूरे कर पेयजल प्रदाय प्रारंभ कराया गया और 6700 से अधिक सिंगल फेस मोटर पम्प स्थापित किये गये हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय की लगभग तीन हजार नल-जल योजनाओं को भी पुन: चालू करवाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े 3 लाख 12 हजार हैण्डपम्पों को सुधार कर चालू करवाया गया। साथ ही, साढ़े तीन लाख मीटर राइजर पाइप बढ़ाकर अथवा आवश्यकतानुसार बदलकर 65 हजार हैण्डपम्पों को चालू स्थिति में लाया गया है।

बेहतर प्लानिंग के लिये आईआईटी से अनुबंध
पेयजल प्रदाय योजनाओं की बेहतर प्लानिंग के लिये आईआईटी दिल्ली से अनुबंध किया गया है। पेयजल उपलब्धता लिये न्यू डेवलपमेंट बैंक से 4500 करोड़ की योजनाओं की वित्तीय सहायता प्राप्त हो गई है। जायका से नीमच तथा मंदसौर जिले के सभी गॉंव और रतलाम जिले के आलोट विकासखण्ड के 1735 गाँवों में समूह पेयजल योजना के लिये वित्तीय सहायता प्राप्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

वचन-पत्र- कारगर पहल
अपने वचन-पत्र में किये गये वायदों के अनुरूप ग्रामीण, आदिवासी अंचलों में शुद्ध पेयजल के नियमित प्रदाय तथा उनके रख-रखाव की स्थाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिकायत निवारण की भी सक्रिय व्यवस्था लागू की जा रही है। जल निगम का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। लगभग 27 हजार करोड़ रूपये लागत की समूह जल प्रदाय परियोजनाएँ प्रक्रियाधीन हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए जाइका, एडीबी, एनडीबी सिक्योरिटाइज्ड माइनिंग फंड और पीपीसी से वित्तीय व्यवस्था की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। नई जल योजनाओं के निर्माण की गुणवत्ता एवं उन्हें समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के लिए शीर्ष स्तर पर नियमित मानिटरिंग की जा रही है। नर्मदा एवं अन्य बारहमासी नदियों के 50 कि.मी. के दायरे की बसाहटों के लिए जल निगम और विभाग द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में साध्यता के आधार पर पेयजल योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। विभाग में ठेकेदारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा रहा है।

जल-गुणवत्ता में मिली पहली रैंक
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रयोगशालाओं में जल-गुणवत्ता की जाँच के लिए निर्धारित 14 मानदण्डों में मध्यप्रदेश को प्रथम रैंकिंग मिली है। प्रदेश को आईएस 10500-2012 के तहत पहला स्थान दिया गया है।  प्रदेश की मुरैना, गुना, ग्वालियर, भिण्ड, शाजापुर, मंदसौर, पन्ना, मण्डला और सागर जिले सहित मुख्यालय की प्रयोगशालाओं ने प्रथम दस में स्थान हासिल किया है।

संविदा कर्मचारियों के हितार्थ लिए गए निर्णय
प्रदेश में जल सहायता संगठन के अंतर्गत वर्ष 2013 से कार्यरत 500 से ज्यादा संविदा कर्मचारियों और उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित कराने के उददेश्य से राष्ट्रीय पेंशन योजना (एन.पी.एस) में खाते खुलवाए जा रहे हैं। इसमें 10 प्रतिशत अंशदान संविदा कर्मचारी देंगे और 10 प्रतिशत विभाग द्वारा दिया जाएगा।

नवाचार
मैप आई.टी के माध्यम से विभागीय कार्यों के अनुबंधों के अनुश्रवण के लिए ऑनलाईन साफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। स्थापित नल-जल योजनाओं के संचालन के अनुश्रवण और संबंधित ग्राम पंचायतों की संचालन में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल तैयार कराया जा रहा है। नल-जल योजनाओं में विद्युत खपत की रियल टाइम मानिटरिंग के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जल निगम में ई-टेण्डरिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए सुदृढ किया गया है। प्रदेश की एक लाख 28 हजार 231 ग्रामीण बसाहटों में निरंतर पेयजल सुनिश्चित करने के सार्थक प्रयासों के परिणाम मिलने लगे हैं। 

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