विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 20 दिसंबर - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 20 दिसंबर 2019

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 20 दिसंबर

जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक कर्मियों के संविलियन हेतु म.प्र. कांग्रेस की सरकार एवं विधायक शशांक भार्गव के प्रति आभार व्यक्त
विदिशा जिले के जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के 104 कर्मचारियों के संविलियन के आदेश जारी किये जाने, उक्त बैंक के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों नें म.प्र. के मुख्यमंत्री माननीय श्री कमलनाथ जी, सहकारिता मंत्री माननीय डाॅ. श्री गोविंद सिंह जी एवं विधायक शशांक भार्गव के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया हैं कर्मचारियों ने कहा की हम विदिशा विधायक जी के विशेष रूप से आभारी हैं, जिन्होने कर्मचारियांे के लंबित संविलियन प्रकरण की आबाज पिछले सत्र में म.प्र. विधानसभा में ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से रखी, साथ ही समय-समय पर विधायक शशांक भार्गव ने म.प्र. के लोकप्रिय वचनबद्ध मुख्यमंत्री कमलनाथ जी एवं सहकारिता मंत्री जी को बार- बार पत्रों के माध्यम से एवं व्यक्तिगत मुलाकात कर बैंक कर्मियो की बात सशक्त रूप से रखी, इसके लिये बैंक कर्मी एवं उनके परिवार जन विधायक शशांक भार्गव के प्रति विशेष रूप से आभारी है, विगत तीन वर्षो से कर्मचारियों को वेतन नही मिल रहा था, ऐसे में उनके परिवार की दयनीय स्थिती के दर्द को विधायक शशांक भार्गव ने समझा और हमारी आबाज बुलंद की जिसके लिये सभी कर्मचारी आगामी दिनांे में विधायक शशांक भार्गव के प्रयासों के प्रति सम्मान समारोह का आयोजन करेंगे। आभार व्यक्त करने वालो में प्रमुख रूप से भारतभूषण शर्मा, महेन्द्र यादव, जगदीश दीक्षित, वेदप्रकाश तिवारी, रामगोपाल शर्मा, मदनगेापाल शर्मा, गोविंद सिंह राजपूत, अरविंद सिंह राजपूत, अनेक कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना

शासन द्वारा मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना अंतर्गत कृषक पुत्री-पुत्र को कृषि पर आधारित स्वयं का उद्योग, सेवा, व्यवसाय उद्यम स्थापित करने हेतु बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है । इच्छुक आवेदक द्वारा एमपी ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई (सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग) के बेवसाइट उचवदसपदमण्हवअण्पद से निर्धारित प्रारूप में आवश्यक सहपत्रों सहित ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है ।

खुशियों की दास्तां : 90 रूपए का बिजली बिल आने से खुश हैं अंगूरी बाई

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मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 100 यूनिट या उससे कम यूनिट की बिजली खपत करने पर सिर्फ 100 रूपए या उससे कम राशि का बिजली बिल दिया जा रहा है। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि घरेलू उपभोक्ता बिजली बचाने के लिए प्रेरित भी हो रहे हैं। विदिशा नगर के पूरनपुरा लालधाऊ में निवासरत नया सबेरा योजना कार्डधारक श्रीमती अंगूरीबाई पति श्री सुरेश लोधी ने कभी सोचा नही था कि उनका बिजली बिल सौ रूपए से कम आने लगेगा जहां पहले दो सौ ढाई सौ रूपए बिल आता था वह अब 80-90 रूपए हो गया है उन हितग्राहियों में शामिल हैं, जिन्हें इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ मिला है। श्रीमती अंगूरी बाई का कहना है कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हूं। ऐसे समय बिजली अति आवश्यक है और वह भी सस्ती हो गई है। सरकार ने हम गरीबों की सुनी है लेकिन पिछले दो-तीन माह से उनका बिल 80 से 90 रूपए के आसपास ही आ रहा है। इस माह उनका विद्युत बिल 90 रूपए का आया है, जिसे उन्होंने जमा भी कर दिया है। कम राशि का बिजली बिल आने से वह बहुत खुश है।

खुशियों की दास्तां : योजना का लाभ लेकर युवाओं को उदाहरण पेश किया हिम्मत सिंह ने

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शहरखेडा तहसील लटेरी जिला विदिषा निवासी हिम्मत सिंह आर्थिक तंगियो से गुजर रहे थे अन्य लोगो के यहा खेतिहर मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। हिम्मत सिंह को जब पता चला कि सरकार द्वारा पिछडा वर्ग के लिए अलग से योजना चला रही है। अखबारो से मिली जानकारी के आधार पर हिम्मत सिंह ने विदिशा में पिछडा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण में जाकर जानकारी ली और ट्रेक्टर फायनेंस हेतु आवेदन दाखिल किया। चयन समिति द्वारा अनुमोदन के पश्चात् हितग्राही हिम्मत सिंह को एक्सिस बैंक विदिशा के द्वारा साढे छह लाख रूपए का ऋण ट्रेक्टर क्रय करने हेतु स्वीकृत हुआ जिसमें एक लाख 95 हजार रूपए अनुदान भी मिला है। हितग्राही हिम्मत सिंह का कहना है कि ट्रेक्टर मिल जाने से खेतीहर मजदूरी कार्यो से मुक्ति मिली है स्वंय ट्रेक्टर चलाकर महीने में 20 से 25 हजार रूपए की आमदनी हो रही है। उन्होने दो लोगो को रोजगार भी प्रदाय किया है श्री हिम्मत सिंह जी ने इस योजना का लाभ लेकर अपने गाँव में युवाओ के लिए उदाहरण पेष किया है।

राजबाई के घर पहुंचे चिकित्सक

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स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दी गई सूचना के आधार पर विदिशा जिले में एक मरीज जापानी बुखार से पीड़ित है। उक्त मरीज के घर पहुंचकर विदिशा के चिकित्सकों ने जांच पड़ताल की है। उपरोक्त कार्य को सम्पादित करने वाले डाक्टर शोएब खॉन ने बताया कि डंगरबाडा ग्राम में श्रीमती राजबाई जापानी बुखार से पीड़ित है कि सूचना प्राप्त होने पर उनसे घर जाकर सम्पर्क किया गया। 41 वर्षीय राजबाई घर पर पूर्ण स्वस्थ मिली हालाकि एक से 12 दिसम्बर तक राजबाई डेंगू  एवं चिकुनगुनिया से पीड़ित होने के कारण भोपाल के एम्स हास्पिटल में भर्ती रही है।  जापानी बुखार के लक्षण के समय डॉक्टर शोएब ने बताया कि क्यूलेस मच्छर से यह बीमारी होती है यह मच्छर गंदे पानी में पाया जाता है। साथ में गए मलेरिया अधिकारी डॉ बीएम वरूण एवं उनकी टीम के द्वारा जांच पड़ताल की गई है और आसपास कही भी गंदे पानी में पनपने वाले क्यूलेस मच्छर नही जाए गए है साथ ही साथ सुअर भी नही थे। आवेदिका से संवाद स्थापित कर चिकित्सक ने पूरी जानकारी प्राप्त की और अपने आने के कारण से भी अवगत कराया। 
समाधान एक दिन तत्काल सेवा प्रदाय व्यवस्था प्रारम्भ

राज्य शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी कानून 2010 के अन्तर्गत अधिसूचित सेवाओं में से चिन्हित सेवाओं को लेकर समाधान एक दिन तत्काल सेवा प्रदाय व्यवस्था दी गई है । इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रथम चरण में 13 विभागों की सेवाऐं चिन्हित की गई है । जिसमें सामान्य प्रशासन राजस्व सामाजिक न्याय श्रम महिला एवं बाल विकास गृह एवं परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण सेवाओं को तत्काल सेवा के दायरे में लाया गया है । तत्काल सेवा प्रदाय व्यवस्था के अंतर्गत चिन्हित समस्त सेवाएं जिला एवं ब्लॉक मुख्यालय पर संचालित लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से प्रदाय की जा रही है । लोक सेवा केन्द्रों पर समाधान 1 दिवस व्यवस्था प्रत्येक कार्य दिवस के लिए होगी, कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के लिए प्रत्येक कार्यदिवस हेतु साप्ताहिक रोस्टर तैयार किया जाएगा तथा इन अधिकारियों के लिंक अधिकारी भी प्राधिकृत किया जाएगे । 

सार्वजनिक जगहों पर 5 और 5 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबन्ध जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने धारा 144 में आदेश जारी किये

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  ने  एनआरसी से सम्बंधित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोपाल जिले में धारा 144 के  आन्तर्गत  सार्वजनिक जगहों पर 5 और 5 से अधिक लोगो के एक जगह एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 18 फरवरी 2020 की प्रातरू 06 बजे तक लागू रहेगा ।  पारिवारिक सदस्यों, विवाह समारोह, बारात तथा शवयात्रा और शासकीय कार्यालयों, चिकित्सालय, शिक्षण संस्थाओं, होटल, दुकान, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं पर  यह आदेश प्रभावशील नहीं रहेगा ।  आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ किसी भी स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकते हैं । कोई भी व्यक्ति धरना, रैली, प्रदर्शन का न तो निर्देशन करेगा और न ही उसमें भाग लेगा और न ही कोई सभा आयोजित कर सकेगा । कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चल सकता है । कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिसके फलस्वरूप शिक्षण संस्थाओं, होटल, दुकान, उद्योग एवं निजी अथवा सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हो, इस आदेश का उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध धारा 188 के तहत कार्यवाही की जायेगी । 

रेत खदानों के लिये संभागवार नियंत्रण केन्द्र बनाने के निर्देश

खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने राज्य खनिज निगम की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य शासन की नई रेत नीति में नीलाम की गई खदानों के लिए संभागवार नियंत्रण केन्द्र बनाए जाएं। इसके अलावा, राज्य स्तर पर निगम मुख्यालय में भी नियंत्रण कक्ष बनाया जाए, जिससे प्रदेश की सभी खदानों की जानकारी नियमित प्राप्त होती रहे। मंत्री श्री जायसवाल ने राज्य खनिज विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि व्यवसायिक गतिविधियों में तेजी लाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर निगम के लंबित प्रस्तावों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। श्री जायसवाल ने बैठक में निगम को स्वीकृत मुख्य खनिज खदान रॉक फास्फेट, बाक्साईट और कोयला तथा आवंटित गौण खनिज खदान पायरोफिलाइट, डायस्पोर, फर्शी पत्थर, सिलिकासैण्ड, डोलोमाइट की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि निगम की संयुक्त उपक्रम कंपनियों मेसर्स फॉरच्यून स्टोन्स ग्रेनाइट और मेसर्स किसान मिनरल ग्रेनाइट के विषय में राज्य शासन की तत्कालीन नीति के तहत समस्त संयुक्त उपक्रम को हस्तांतरित किये गए। मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम को पूर्व में आवंटित एवं वर्तमान में अनावंटित कोल ब्लाक्स के विकास, खनन एवं विक्रय के लिए गठित संयुक्त क्षेत्र कंपनियों और परिसमापन की प्रक्रिया के विषय में जानकारी दी गई। क्रमांक 202

कृषक दल प्रशिक्षण हेतु 30 को रवाना होंगे
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत जिले के 60 कृषक एक दिवसीय प्रशिक्षण हेतु सीआईए नवीन बाग भोपाल के लिए तीस दिसम्बर को रवाना होंगें। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री केएल व्यास ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक कृषि उपकरण कोल्ड रूम, सौर ऊर्जा, सोया पनीर, फलो की उन्नत खेती, तकनीकी एवं हल्दी प्रोसेसिंग तथा फूड प्रोसेसिंग इकाई का भ्रमण कराया जाएगा। क्रमांक 203

जनसम्पर्क संचालनालय से प्राप्त मध्यप्रदेश में जल्द लागू होगी बाल संरक्षण नीति

मध्यप्रदेश में जल्दी ही बाल संरक्षण नीति लागू की जाएगी। बाल संरक्षण नीति बनाने के संबंध में आज महिला-बाल विकास विभाग द्वारा यूनीसेफ और एनफोल्ड प्रोएक्टिव संस्था कर्नाटक के तकनीकी सहयोग से एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महिला-बाल विकास विभाग के साथ बाल अधिकार संरक्षण आयोग,पुलिस, सामाजिक न्याय, स्कूल शिक्षा, विधि, आदिम जाति कल्याण, स्वास्थ्य आदि शासकीय विभागों द्वारा संचालित संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत अशासकीय संस्थाओं ने भी भाग लिया और बाल संरक्षण नीति बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये। बैठक में आयुक्त महिला-बाल विकास श्री नरेश पाल कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में बाल संरक्षण नीति तैयार करने के लिये पहली बैठक का आयोजन किया गया है। प्रदेश के स्टेट एक्शन प्लान में भी बाल संरक्षण नीति बनाने के बिन्दु का समावेश किया गया है। सभी स्टेक होल्डर्स और लाभार्थियों से चर्चा के बाद अगले 6 महीने निरंतर बैठकें आयोजित कर बाल संरक्षण नीति को अंतिम रुप दिया जाएगा। बच्चों के संरक्षण, विकास और सुरक्षा के उपायों को इस नीति में शामिल किया जाएगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने कहा कि बाल संरक्षण नीति बनने से घर, परिवार और संस्थाओं से लेकर आमजन तक की भागीदारी एवं जवाबदारी तय होगी, जो बाल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बाल अपराध रोकने के लिये बालक और बालिकाओं, दोनों से ही बात करने की आवश्यकता बताई। बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री ब्रजेश चौहान ने कहा कि बाल संरक्षण नीति मध्यप्रदेश की सामाजिक और भौगालिक परिस्थितियों के अनुरुप होना चाहिए। सभी स्टेकहोल्डर्स ने भी बैठक में सुझाव साझा किये। बैठक में संयुक्त संचालक महिला-बाल विकास श्री विशाल नाडकर्णी, यूनीसेफ के श्री लोली चेन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि आज की बैठक के पूर्व 17 और 18 दिसम्बर को भी विभिन्न संस्थाओं के बच्चों के साथ गहन चर्चा की गई थी। चर्चा में संस्थाओं के बच्चों ने अपनी समस्याओं के बारे बताया था और बाल संरक्षण नीति के बारे में सुझाव भी दिये थे। बच्चों से प्राप्त सुझावों को नीति में शामिल किया जाएगा। 

उच्च आदर्शों को कार्य का लक्ष्य बनायें : राज्यपाल श्री टंडन 
राज्यपाल से आई.पी.एस. प्रोबेशनर अधिकारियों की शिष्टाचार भेंट 
राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने गुरूवार को राजभवन में शिष्टाचार भेंट करने पहुँचे भारतीय पुलिस सेवा के प्रोबेशनर अधिकारियों से कहा कि कार्य के उच्च आदर्श ही सफलता का आधार होते हैं। लोक सेवा वास्तव में समाज के विकास और विकृतियों को दूर करने का सशक्त माध्यम है। यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि उच्च आदर्शों को अपने कार्य का लक्ष्य बनाएं। वर्दी का सम्मान समाज और देश का सम्मान है, इस बात को ध्यान में रखकर आगे बढ़ें। राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को समाज के सेवक के रूप में कार्य करना चाहिए। चिंतन का दायरा व्यापक और परिदृश्य विस्तृत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों को खुशी देने से मिलने वाली खुशी अमूल्य होती है। सरकारी सेवा इस खुशी को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है। तदानुसार रचनात्मकता, नवाचार, संवेदनशीलता और न्यायप्रियता के साथ उत्साह से कार्य करेंगे, तो जीवन में भरपूर सम्मान और प्रसन्नता प्राप्त करेंगे।

214 करोड़ के सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ : 400 पुलों के निर्माण की पंचवर्षीय योजना तैयार 

राज्य सरकार ने अपने वचन-पत्र पर अमल करते हुए बीते एक वर्ष में प्रदेश में करीब 214 करोड़ के सड़क निर्माण शुरू किये हैं। एमओआरटीएच से राशि प्राप्त कर शेष कार्य भी शीघ्र शुरू किए जायेंगे। बीओटी के तहत स्वीकृत मार्गों का संधारण अनुबंध के अनुसार शुरू किया जा रहा है। साथ ही, प्राथमिकता के आधार पर राज्य-मार्गों एवं एमडीआर पर स्थित सँकरे, जलमग्नीय एवं अत्यंत पुराने पुलों के पुनर्निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में कुल 2552 पुल-पुलियाओं का निर्माण कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा,प्रदेश में पुलों के निर्माण के लिए एक पंचवर्षीय योजना तैयार की गई है। इस योजना में 2 हजार करोड़ की लागत से 400 पुलों का निर्माण कराया जाएगा। मार्गों के रख-रखाव के लिए प्रतिमाह नियमित वीडियो कान्फ्रेंसिंग की जा रही है तथा अलग से उपलब्ध बजट से रख-रखाव का काम कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के क्रियान्वयन के लिए ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश में 10 करोड़ रूपये से अधिक लागत के सड़क एवं पुल कार्यों पर सुपर विजन कन्सल्टेन्ट का नियोजन कर गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण किया जा रहा है। एनडीबी परियोजना में प्रथम चरण में मण्डल स्तरीय प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया जा रहा है। इसके अलावा, 15वें वित्त आयोग की ग्रांट से भी 25 करोड़ के कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिये स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों में भू-अर्जन और अतिक्रमण जैसी बाधाएँ दूर करने के लिये राजस्व, वन और खनिज विभाग के माध्यम से सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र में 4 में से 3 कार्यों में मुआवजा वितरण की कार्यवाही पूरी कर ली है तथा एक कार्य में करीब 87 प्रतिशत मुआवजा राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के 13 कार्यों में विभिन्न स्तरों पर मुआवजा निर्धारण प्रक्रियाधीन हैं। भारतमाला परियोजना में 3102 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों के फोर-लेन उन्नयन के प्रस्ताव एमओआरटीएच को भेजे गए हैं। दो अथवा अधिक जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले मार्गों के उन्नयन कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालयों को जोड़ने वाले 158 किलोमीटर लम्बाई के मार्गों के उन्नयन के लिए 197 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति शीघ्र जारी की जा रही है।

17 फ्लाई ओवर और 55 आरओबी निर्माण की कार्य-योजना बनी
प्रदेश में रेलवे लाइनों के कारण यातायात बाधित होने की समस्या के स्थायी समाधान के लिये ओव्हर-ब्रिज तथा अंडर-ब्रिज के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे की पिंक बुक में शामिल तथा एक लाख टीयूव्ही होने पर रेलवे द्वारा 50 प्रतिशत की कास्ट शेयरिंग के आधार पर आरओबी एवं आरयूबी के कार्यों को सीआरएफ एवं राज्य बजट के अंतर्गत प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में आरओबी एवं फ्लाई-ओवर के निर्माण के लिये पंचवर्षीय कार्य-योजना तैयार की गई है। इसमें अगले पाँच साल में 3 हजार 540 करोड़ लागत के 17 फ्लाई-ओवर तथा 55 आरओबी का निर्माण कराया जाएगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 4 राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) संचालन के लिये चेंज ऑफ स्कोप प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इन राष्ट्रीय राजमार्गों पर इसी माह में ईटीसी सुविधा चालू की जायेगी।

प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस
प्रदेश में टोल टैक्स ठेकेदारों से अनुबंध के अनुसार सड़क संधारण कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान अनुबंधों में दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों को निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों तक पहुँचाना तथा प्राथमिक उपचार कराने का प्रावधान है। इसी के साथ, प्रदेश में आयुष्मान भारत से कैशलेस इंश्योरेंश स्कीम संचालित है। एडीबी-V परियोजना के एक कम्पोनेंट कैशलेस एक्सीडेंट इंश्योरेंश स्कीम में 30 हजार रुपये की राशि तक दुर्घटना सहायता का प्रावधान लागू है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिकों के लिये टोल-फ्री नम्बर 1099 कॉल-सेंटर का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। एआरएस प्रणाली का भी उन्नयन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने शासकीय भवनों के निर्माण और रख-रखाव के लिये परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) के स्थान पर 'भवन निर्माण एवं रख-रखाव'' संचालनालय बनाने का निर्णय लिया है। अब जीर्ण-शीर्ण शासकीय कार्यालयों के भवनों को तोड़कर उनके स्थान पर बहु-मंजिला भवन बनाये जायेंगे। प्रदेश में समस्त शासकीय सम्पत्ति भूमि और भवन की पंजी का संधारण कार्य लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है। लोक निर्माण विभाग में सभी शासकीय भवनों की पंजी अद्यतन की जा रही है। इसके लिये सॉफ्टवेयर बनाकर उसमें सभी जरूरी जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। नए ठेकेदारों के पंजीयन की प्रणाली को सरल किया गया है। पहले 3 श्रेणियों में ठेकेदारों का पंजीयन किया जाता था लेकिन अब मात्र एक श्रेणी में ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने पंजीयन के लिये आवश्यक जानकारी तथा अभिलेखों में भी कमी की है। 

मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मिले चार राष्ट्रीय पुरस्कार

मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चार राष्ट्रीय अवॉर्ड प्रदान किये हैं। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से गुरूवार शाम नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित समारोह में एम.पी.आर.आर.डी.ए. के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमाकांत उमराव को ये पुरस्कार प्रदान किये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमराव ने बताया कि प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कराये गये कार्यो की उत्तम गुणवत्ता के लिए देश में प्रथम, सड़क मार्गो के संधारण कार्य के लिये प्रथम अधिकतम लंबाई की सड़कों के निर्माण के लिए तृतीय और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए तृतीय पुरस्कार मिला है। पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, सचिव ग्रामीण विकास श्री अमरजीत सिन्हा, अपर सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय तथा एम.पी.आर.आर.डी.ए. के प्रमुख अभियंता श्री पी.के. निगम उपस्थित थे।

यूरिया की रैक प्राप्त हुई

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के द्वारा जिले में यूरिया की आपूर्ति के लिए शासन स्तर पर लगातार सम्पर्क बनाए रखने के फलस्वरूप जिले को यूरिया की एक रैक और आज प्राप्त हुई है तथा दूसरी रैक रविवार को प्राप्त होगी। जिला विपणन अधिकारी विनोद उपाध्याय ने बताया कि रबी 2019-20 हेतु चालीस हजार मेट्रिक टन यूरिया लक्ष्य के विरूद्व सहकारिता के माध्यम से अब तक 27 हजार नौ सौ मेट्रिक टन एवं निजी विक्रेताओं के यहा से 12 हजार मेट्रिक टन इस प्रकार कुल 39900 मेट्रिक टन यूरिया का भण्डारण कर किसान भाईयों को वितरण किया जा चुका है।  संचालक कृषि को विदिशा जिले के लिए अतिरिक्त दस हजार मेट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराने हेतु मांग पत्र किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री एएस चौहान के माध्यम से भेजा गया था जिसके तारतम्य में आज बीस दिसम्बर को एक रैक यूरिया 3190 मेट्रिक टन की जिले को प्राप्त हुई है। दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में जिले को एक रैक यूरिया और मिलने की पूरी संभावना है जिससे जिले में यूरिया की मांग अनुसार पूर्ति की जा सकें। विपणन संघ के डबल लॉक केन्द्रों, समितियों एवं निजी व्यापारियों के यहा से किसान भाई यूरिया निर्धारित दर 266.50 प्रति बोरी में क्रय कर सकते है। 

जिला एवं अनुविभाग स्तर पर समिति गठित

अपराधो के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही सम्पादन हेतु गृह विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विशेष निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने आदेश के परिपालन में जिला एवं अनुविभाग स्तरीय समिति गठित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेट, खनिज अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, उपायुक्त पंजीयन सहकारिता, जिला पंजीयक (पंजीयन) परियोजना अधिकारी (डूडा) को सदस्य नियुक्त किया गया है तथा समिति में अपर जिला दण्डाधिकारी को सदस्य सचिव का दायित्व सौंपा गया है। समिति संगठित अपराधो के संबंध में जानकारी प्राप्त कर कार्ययोजना तैयार कार्यवाही सम्पादित करेंगी। समिति की माह में दो बार बैठक आयोजित की जाएगी। समिति को दूरभाष क्रमांक 07592-230143 या वॉटसएप नम्बर 7587977601 अथवा ईमेल आईडी dmvidisha@nic.in पर सूचित किया जा सकता है।  जिले के प्रत्येक अनुविभाग स्तर पर भी समिति गठित की गई है। उक्त समिति के अध्यक्ष उपखण्ड मजिस्ट्रेट होंगे जबकि समिति में तीन सदस्य क्रमशः अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, तहसीलदार तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को शामिल किया गया है। अनुविभाग स्तरीय समिति की पाक्षिक बैठक आयोजित होगी। संगठित अपराधो का पता लगाकर प्रभावी कार्यवाही सम्पादित करेंगी तथा कृत कार्यवाही का साप्ताहिक प्रतिवेदन जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करेगी। समिति सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु अपना दूरभाष क्रमांक, वाट्सअप क्रमांक तथा ईमेल आईडी सार्वजनिक रूप से प्रकाशित कराएगी। अनुविभाग स्तरीय समिति जिला स्तरीय समिति के निर्देशो में कार्यवाही सम्पादित करेगी। 

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