विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 30 दिसंबर - Live Aaryaavart

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सोमवार, 30 दिसंबर 2019

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 30 दिसंबर

लंबित आवेदनों की समीक्षा 

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प्रभारी कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने आज विभिन्न विभागों में लंबित आवेदनों की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में हुई उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने वनाधिकार अधिनियम के तहत प्रदाय किए जाने वाले पट्टो हेतु पुराने आवेदनों का शत प्रतिशत ऑन लाइन दर्ज करना अनिवार्य है उक्त कार्यवाही 31 दिसम्बर तक शत प्रतिशत पूरी की जाए। 26 जनवरी की विशेष ग्रामसभा में पात्रताधारियों का सत्यापन कार्य एवं अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने फसल ऋण माफी योजना के आवेदनों का समय सीमा में  सत्यापन काय.र् किया जाए ताकि दो जनवरी को खण्ड स्तर पर आयोजित होने वाले विशेष शिविरों में प्राप्त दावे आपत्तियो का निराकरण किया जा सकें।  प्रभारी कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि खण्ड स्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन शीघ्र किया जाएगा। उक्त बैठकों में तमाम विभागों के द्वारा खण्ड स्तरीय प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। इसके लिए पृथक से कार्ययोजना तय करने के निर्देश उन्होंने समस्त एसडीएमो को दिए है।  प्रभारी कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि संभागायुक्त द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा के दोरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिन विभागों के द्वारा अब तक पालन प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध नही कराया गया है वे शीघ्रतिशीघ्र जमा कराना सुनिश्चित करें अन्यथा संबंधित विभागों के द्वारा कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।  प्रभारी कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि माननीय सांसद एवं विधायकगणों के कार्यालय से प्राप्त होने वाले पत्रों का पृथक पंजी में संधारण करते हुए समय सीमा में जबाव प्रेषित करना सुनिश्चित करें।  उक्त बैठक में सीएम हेल्पलाइन के अलावा आयोग, विधायकों एवं वरिष्ठ कार्यालयों के अलावा पेपर कतरनो पर अब तक संबंधित विभागों के द्वारा क्या कार्यवाही की गई है से अवगत कराया गया है। बैठक में समस्त एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी मौजूद थे।  

आगामी टीएल बैठक बुधवार को

प्रभारी कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने बताया कि आगामी टीएल बैठक सोमवार की जगह बुधवार आठ जनवरी 2020 को आयोजित की जाएगी।

रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण आज 

कौशल विकास एवं रोजगार उन्मुखीकरण एक दिवसीय प्रशिक्षण 31 दिसम्बर को आयोजित किया गया है। विदिशा विधायक श्री शशांक भार्गव प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभांरभ करेंगें  मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण शुभांरभ कार्यक्रम जिला पंचायत प्रागंण में दोपहर एक बजे से आयोजित किया गया है। जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक युवतियोंं के कौशल विकास एवं रोजगार उन्मुखीकरण हेतु आयोजित प्रशिक्षण केन्द्र का शुभांरभ भी अतिथि द्वारा किया जाएगा। नीति आयोग के द्वारा नामित संस्था सीआईआईएम द्वारा सेन्टर का संचालन किया जाएगा। उक्त सेन्टर में जिले के युवाजनों को विभिन्न रोजगारों से संबंधित ट्रेडो का प्रशिक्षण मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा उन्हें स्वरोजगार हेतु आवश्यक परामर्श भी उक्त सेन्टर पर प्रदाय किया जाएगा।

जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्न राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान 19 से

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जिले में सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान-दो का द्वितीय चरण छह जनवरी को तथा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का क्रियान्वयन 19 से 21 जनवरी तक आयोजित किया गया है। उपरोक्त टीकाकरण कार्यो के शत प्रतिशत उद्वेश्यों की प्राप्ति हेतु तय की गई कार्ययोजना की जानकारियां आज जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक में प्रस्तुत की गई। नवीन कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में हुई उक्त बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो विमुक्ति की दवा पिलाई जाएगी।  सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान-दो के तहत छह से 16 जनवरी तक आयोजन किया जाएगा। उक्त अवधि में नवजात शिशुओं से लेकर दो वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती माताओं को टीके लगाने का कार्य किया जाएगा।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अहिरवार ने उक्त दोनो अभियानों के शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु जिले में किए गए प्रबंधों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान हेतु क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाई गई है इसके लिए बी एवं सी टीम गठित की गई है इन टीमों के सदस्यों को क्या-क्या कार्य सौपे गए है और उनका क्रियान्वयन कैसे करेंगे से उन्हें पूर्व में भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। बी टीम पहले दिन बूथ बनाकर एक स्थान पर दवा पिलाने का काम करेंगी। अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन घर-घर जाकर छूटे  बच्चों  का पता लगाकर उन्हें पोलियो विमुक्ति की दवा पिलाएगी। सी टीम हाई रिस्क क्षेत्रों में घूमकर पोलियो दवा पिलाएगी। उक्त मोबाइल टीम, ट्राजिस्ट टीम आवागमन कर हाट बाजारो मेलो पर बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी और बच्चों की अंगुलियों एवं मकानो पर निशान लगाएगी तथा छूटे घरो में एक्स निशान लगाएगी।  मिशन इन्दधनुष अभियान दो के क्रियान्वयन हेतु सुपरवाइजरों को क्रियान्वयन बिन्दुओं से अवगत कराया गया है। ततसंबंध में सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को मानिटरिंग कर डब्ल्यूएचओ की संयुक्त टीम के भ्रमण दौरान सतत सम्पर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए है साथ ही रिपोर्टिंग कार्य पर विशेष बल दिया गया है ताकि ऑन लाइन रिपोर्टिग कार्य में जिला पिछड़ ना पाए। उक्त बैठक में सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी के अलावा अन्य चिकित्सकगण मौजूद थे। 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 को

दसवां राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2020 को आयोजित किया जाएगा। समारोह के लिए स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण प्रजापति ने बताया कि मुख्य समारोह 25 जनवरी के पूर्व कॉलेज एवं स्कूल स्तर पर निबंध, वाद-विवाद, चित्रकला, स्लोगन इत्यादि की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। सभी प्रतियोगिता में दो सौ अंक निर्धारित किए गए है।  प्रतियोगिता के विषय के संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निबंध प्रतियोगिता हेतु तीन विषय विषय प्रस्तावित किए गए है तदानुसार चुनाव में युवाओं की भागीदारी, नैतिक मतदान एवं मतदाता जागरूकता शामिल है। वाद विवाद प्रतियोगिता  ऑन लाइन वोटिग एक बेहतर विकल्प है, मतदान की अनिवार्यतः होना चाहिए तथा लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव एक साथ होना चाहिए। जबकि चित्रकला प्रतियोगिता मतदान दिवस का एक दृश्य, आदर्श मतदान केन्द्र एवं चुनाव प्रचार का एक दृश्य विषय पर आयोजित की जाएगी। स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर स्लोगन प्रतियोगिता के प्रस्तावित विषय में चुनाव में महिलाओं की भागीदारी, लोकतंत्र मेंं युवाओं की भूमिका एवं मतदाता सूची में नाम जरूरी, कोई मतदाता ना छूटे शामिल है।  सभी विधाओं में उक्त प्रथम तीन स्तर पर उत्कृष्ट प्रतिभागियां का चयन किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम आने वाले प्रतिभागी का नामांकन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा। प्रतियोगिताएं त्रि-स्तरीय होगी जिसमें प्रथम चरण में उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी द्वितीय चरण में जिला स्तर पर तथा तृतीय चरण में जिलो द्वारा चयनित प्रतिभागियों में से राज्य स्तर पर चयन किया जाएगा।

एके प्रिन्टर्स को स्पष्टीकरण का जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश

चाईल्ड हेल्पलाइन 1098 जो बच्चो से संबंधित समस्याओ के निराकरण हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। चाईल्ड हेल्प लाइन नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है। प्रचारित स्थल पर उक्त हेल्पलाइन नम्बर को मिटाकर एके प्रिन्टर्स विदिशा द्वारा अपना विज्ञापन प्रदर्शित किया गया है।  हेल्प लाइन नम्बर के प्रदर्शन स्थल को मिटाकर अपना विज्ञापन प्रदर्शित करने के फलस्वरूप ततसंबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी के द्वारा एके प्रिन्टर्स विदिशा के प्रबंधक को अपना स्पष्टीकरण तीन दिवस में प्रस्तुत करने के आश्य का पत्र संस्थान को प्रेषित किया है। 

शिष्टाचार का पालन करना सुनिश्चित करें

प्रभारी कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर सांसद सदस्यों एवं विधायकों के पत्रों में दिए गए निर्देशो का शिष्टाचारपूर्वक पालन करने  के निर्देश दिए है साथ ही शासकीय कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक आमंत्रित करने की कार्यवाही सम्पादित करने के भी निर्देश संबंधितों को प्रेषित किए गए है।  प्रभारी कलेक्टर ने समस्त जिलाधिकारियों एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों को जारी निर्देशों का कढाई से पालन कर की गई कार्यवाही से जिला कार्यालय को समय-समय पर अवगत कराने के भी निर्देश प्रसारित किए है। 

उत्तरा बेवसाइट पर जानकारियां दर्ज करें

प्रभारी कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को पुनः पत्र प्रेषित करन उन्हे उत्तरा वेबसाइट में दर्ज विधायकगणों के पत्रों एवं पेपर कतरनों के संबंध में की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन अनिवार्यतः दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इस कार्य में यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो संबंधित विभाग के जिलाधिकारी सीधे एनआईसी के डीआईओ को अपनी समस्या से अवगत कराकर समाधान प्राप्त कर सकते है।

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजन के संबंध में बैठक दो को

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 के आयोजन संबंध में जिला मुख्यालय पर की जाने वाली तैयारियों के परिपेक्ष्य में  दो जनवरी 2020 को एक बैठक आयोजित की गई है। परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री बिजेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से आयोजित होने वाली उक्त बैठक में संबंधितों को राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के संबंध में प्राप्त दिशा निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने संबंधितो को बैठक में नियत समय पर उपस्थित होने के निर्देश प्रसारित किए है। 

ऋणी-अऋणी किसान फसल बीमा 31 दिसम्बर तक 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी वर्ष 2019-20 के तहत अधिसूचित फसलों के लिए के सभी किसानों का 31 दिसंबर 2019 तक फसल बीमा हर हाल में किए जाने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों तथा बैंकर्स को दिए गए हैं। बैंक अधिकारियों को ऋणी किसानों की बीमा प्रीमियम उनके ऋण खाते से तथा अऋणी किसानों से भू-अधिकार पुस्तिका एवं बुआई प्रमाण पत्र के आधार पर बीमा की प्रीमियम राशि प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। ऋणी एवं अऋणी किसानों को समय सीमा के भीतर प्रीमियम जमा करने के लिए प्रेरित करने तथा अधिक से अधिक किसानों का फसल बीमा किए जाने के लिये कहा गया है।

उद्यानिकी फसलों का बीमा प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि आज

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत विदिशा जिले में अधिसूचित उद्यानिकी फसलो की बीमा कराए जाने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर है। विभाग के सहायक श्री केएल व्यास ने बताया कि उद्यानिकी फसलें टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्ता गोभी, हरी मटर, लहसुन, धनिया के अलावा आम, अनार, आलू, प्याज की फसलें अधिसूचित की गई है। उक्त फसलों का यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेन्स कंपनी लिमिटेड द्वारा बीमा किया जाएगा।  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर बीमित राशि एवं कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि इस प्रकार से है। टमाटर, बैंगन, फूल गोभी, पत्ता गोभी के लिए कृषकों द्वारा प्रति हेक्टेयर  3076 रूपए की प्रीमियम देय होगी जबकि बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 61 हजार 522 रूपए पचास पैसे होगी। इसी प्रकार हरी मटर एवं धनिया की प्रीमियम राशि क्रमशः 1280 रूपए बीमित राशि 25 हजार 593 रूपए 75 पैसे, लहसुन की प्रीमियम दो हजार 366 रूपए और बीमित राशि 47 हजार 325 रूपए, अनार की प्रीमियम राशि 6143 बीमित राशि एक लाख 22 हजार 850, आलू की बीमित राशि 33398/2364 की बीमित राशि 78750 तथा 47287 रूपए पचास पैसे, इसी प्रकार प्याज की कृषक द्वाराप्रीमियम राशि प्रति हेक्टेयर 2366 रूपए देय होगी जबकि बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 47 हजार 325 रूपए देय होगी।बीमा कराने के इच्छुक कृषक बंधु अपने संबंधित बैंक जहां कृषक का ऋण बचत बैंक खाता हो या सीएससी सेन्टर पर आवश्यक दस्तावेंज जैसे भू-अधिकार ऋण पुस्तिका, बुआई प्रमाण पत्र, पूर्णतया भरा हुआ प्रस्ताव पत्र, पहचान पत्र एवं अनिवार्य रूप से आधार कार्ड प्रस्तुत कर खाते से प्रीमियम राशि जमा कर बीमा करा सकते है। बीमा के लिए अंतिम तिथि 31 दिसम्बर नियत की गई है। ततसंबंध में अन्य जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों अथवा निकटतम बैंक शाखा या सीएससी सेन्टर अथवा यूनाईटेड इंश्योरेन्स कंपनी से सम्पर्क कर प्राप्त की जा सकती है। 

मंत्री-मंडल के ऐतिहासिक फैसलों का साल रहा वर्ष 2019

बीता साल मध्यप्रदेश के लिये उल्लेखनीय रहा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश के मंत्री-मंडल ने पिछले एक वर्ष में ऐतिहासिक फैसले लिए। इन फैसलों ने प्रदेश को एक नई गति दी, विकास के नए कीर्तिमान गढ़े और दी कमजोर वर्गों को नई ताकत। प्रदेश में निवेश को मिला प्रोत्साहन और मंदी से गुजर रहे रियल एस्टेट को मिले आगे बढ़ने के अवसर।

किसानों के हित में
प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था के आधार स्तंभ किसानों को राहत देने के एक बड़े फैसले के साथ 5 जनवरी को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नए मंत्री-मंडल की पहली बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश के किसानों के ऋण माफ करने का फैसला हुआ। देश में अब तक के इतिहास में किसी राज्य द्वारा किसानों के हित में लिया गया संभवत: यह पहला बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय था।

ऊर्जा
बिजली उपभोक्ताओं को भी मंत्री-मंडल ने एक नई सौगात दी। कुल 100 यूनिट तक की खपत पर 100 रुपये तक बिजली बिल देने, 150 यूनिट बिजली जलने पर 50 यूनिट पर निर्धारित बिजली दर लेने और 100 यूनिट पर 100 रुपये का फिक्स चार्ज लेने का फैसला लिया गया। इससे गरीबों के साथ मध्यम वर्ग को भी बड़ी राहत मिली। साथ ही, दस हार्स पावर तक के कृषि उपभोक्ताओं की विद्युत बिल राशि को आधा करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए इंदिरा किसान ज्योति योजना लागू की गई।

पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण
प्रदेश की आधी से अधिक आबादी पिछड़े वर्ग की है। मुख्यमंत्री ने मंत्री-मण्डल की सहमति से पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया। मंत्री-मण्डल द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिये भी 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गई। 

रोजगार और सामाजिक न्याय
मध्यप्रदेश में वर्ष 2019 में रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर गाइड लाइन दर में 20 प्रतिशत की कमी करने का निर्णय लिया गया। गरीब परिवारों को कन्या विवाह और निकाह योजना में दी जाने वाली 28 हजार रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया गया। युवाओं को रोजगार देकर आत्म-निर्भर बनाने के लिए युवा स्वाभिमान योजना लागू की गई। निराश्रितों और बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये की गई। प्रदेश की जीवन-दायिनी माँ नर्मदा एवं ताप्ती नदियों के संरक्षण के लिए न्यास का गठन किया गया। 

आदिवासियों को संरक्षण और सम्मान
राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में आदिवासी वर्ग के हितों का संरक्षण करते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा दो हजार से बढ़ाकर 2500 रुपए करने का निर्णय लिया। तेंदूपत्ता मजदूरी और बोनस राशि का भुगतान नगद करने का भी निर्णय हुआ। आदिवासी संस्कृति के देव स्थानों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा उनका जीर्णोद्धार  करने का निर्णय हुआ। आदिवासी भाइयों को ऋण से पूरी तरह मुक्ति दिलाने के लिए साहूकारी ऋण माफ करने का फैसला लेकर उसे क्रियान्वित किया गया। निरस्त वन अधिकार दावों का पुनरीक्षण तेजी से और पूरी पारदर्शिता से करने के लिए "वन मित्र" सॉफ्टवेयर तैयार किया गया। आदिम जाति कल्याण विभाग की शालाओं में नियोजित अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि करने का फैसला भी वर्ष 2019 में हुआ।

नई रेत नीति
प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने और इस संपदा से सरकार के राजस्व में वृद्धि करने के लिए मंत्री-मण्डल ने नई रेत नीति को मंजूरी दी। इसके साथ ही, गौण खनिज नियम 1996 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे अधिक से अधिक राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी। छतरपुर में 364 हेक्टेयर (वन भूमि) क्षेत्र की बंदर हीरा खदान 30.05 प्रतिशत अधिकतम बोली पर आदित्य बिड़ला ग्रुप की कम्पनी को दी गई। इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष 600 करोड़ राजस्व मिलेगा। 

निवेश को प्रोत्साहन
खनिज उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के अंतर्गत लैंड पूलिंग योजना 2019 को प्रायोगिक तौर पर लागू करने की नीति स्वीकृत की गई। इंदौर को जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह ट्रस्ट से जोड़ने के लिए इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना के लिए पहली किश्त के रूप में 36 करोड़ 89 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। औद्योगिक इकाइयों के लिए रूफ टॉप सौर परियोजना को मंजूरी मिली। अंतर्राष्ट्रीय निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डाटा सेंटर स्थापना के लिए भूमि मूल्य पर 75 प्रतिशत की छूट देने का भी निर्णय लिया गया। इसी वर्ष उद्यमियों और स्टार्ट अप को प्रोत्साहन देने के लिए एमएसएमई विकास नीति का अनुमोदन किया गया। 

पर्यटन
राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने के लिए नयी ब्रांडेड होटल प्रोत्साहन नीति बनाई और पर्यटन नीति 2016 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी। मंत्री-मण्डल द्वारा रिसॉर्ट बार लायसेंस को सरल बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर निर्मित करने के लिए बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना अनुमोदित की गई। 

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण
प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए ग्रामीण उप स्वास्थ्य केन्द्रों में ए.एन.एम. के दो हजार नियमित पदों पर अगले दो वर्ष में चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया। अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से सेवानिवृत विशेषज्ञों एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारियों की संविदा नियुक्ति के लिए अंतिम अनुमोदन का अधिकार प्रशासकीय विभाग को दिया गया। चिकित्सा महाविद्यालयों में सातवाँ वेतनमान लागू किया गया। चिकित्सा विशेषज्ञों की शासकीय चिकित्सालयों में उपलब्धता बढ़ाने के लिए 6 पत्रोपाधि पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र निवेश प्रोत्साहन नीति 2019 को स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री सुषेण चिकित्सक प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया गया।

महिलाओं के हक में
गत एक वर्ष में मंत्री-मंडल की बैठकों में महिलाओं के हित में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। महिला हेल्पलाइन को सशक्त बनाने के लिए 27 पदों पर आऊटसोर्स से नियुक्ति की मंजूरी दी गई। महिला हेल्पलाइन 181 को वन स्टाप सेंटर तथा अन्य हेल्पलाइन से जोड़ने का फैसला लिया गया। प्रदेश के 6 शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, छतरपुर और जबलपुर में महिला सुरक्षा आधारित सेफ सिटी कार्यक्रम संचालित करने की मंजूरी दी गई। 

खिलाड़ियों को प्रोत्साहन
खिलाड़ियों को उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से तकनीकी विषय-विशेषज्ञों की सेवाओं के लिए नवीन मार्गदर्शी सिद्धांतों को स्वीकृत किया गया। भोपाल में वॉटर स्पोर्ट्स नोड की स्थापना के लिए रक्षा मंत्रालय को 0.607 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

अन्य निर्णय
प्रदेश मंत्री-मण्डल ने प्रमुख और व्यापक जनहित के फैसलों के अलावा भी वर्ष 2019 में अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिये। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी संचालनालय का गठन, छिंदवाड़ा में विश्वविद्यालय और उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना, 3 दिसंबर को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाने, भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल के लिए त्रिपक्षीय करार, मदरसों में मध्यान्ह भोजन, मध्यप्रदेश भू-संपदा नीति तथा मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2019 का अनुमोदन, अधिमान्य वरिष्ठ पत्रकारों की सम्मान निधि बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने और मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्र-संस्करण योजना को लागू करने जैसे निर्णय हैं।

सिंचाई क्षमता बढ़ाने में नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं का योगदान

प्रदेश के विभिन्न अंचलों में सिंचाई क्षमता बढ़ाने में बीते साल से नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं का सक्रिय योगदान मिलने लगा है। राज्य सरकार ने इतने कम समय में इन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देकर खासतौर से कृषि क्षेत्र को सिंचित कर कृषि पैदावार बढ़ाने, सिंचित कृषि से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार और प्रदेश के शहरों, कस्बों और गॉवों में पीने के पानी की कमी को दूर करने का उपक्रम किया है। साथ ही जल विद्युत क्षमता में वृद्धि के भी प्रयास किये हैं। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं से पिछले साल 4 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों को सिंचाई उपलब्ध कराई गई। इस वर्ष रबी सीजन में 5 लाख 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। नई सरकार ने सितम्बर 2019 में खरगोन जिले में 5 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की बलवाड़ा माईक्रो सिंचाई परियोजना पूर्ण कराई है। इससे 2.5 हेक्टेयर चक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले एक वर्ष से मध्यप्रदेश को आवंटित 18.25 एमएएफ नर्मदा जल के वर्ष 2024 के पूर्व उपयोग के लिए नर्मदा घाटी योजनाओं के कार्य तेजी से पूर्ण कराये जा रहे हैं।

नवीन परियोजनाएँ
प्रदेश में अगस्त 2019 से लगभग 14 हजार करोड़ रूपये लागत की 8 परियोजनाओं के लिए निविदा पद्धति से एजेंसी निर्धारण की कार्यवाही अब पूर्णता पर है। इन परियोजनाओं के कार्य शीघ्र आरंभ किये जाएंगे। इनसे 4 लाख 3 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा निर्मित होगी। इनमें से शाजापुर एवं राजगढ़ जिले में एक लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की कालीसिंध चरण-2 परियोजना की लागत 4408 करोड़ रूपये है। सीहोर एवं शाजापुर जिले में एक लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की नर्मदा-पार्वती चरण 3 एवं 4 परियोजना की लागत 4132 करोड़ रूपये है। खरगोन जिले में 35 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की खालवा परियोजना की लागत 730 करोड़ रूपये और 17 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की पीपरी परियोजना की लागत 293 करोड़ रूपये है। धार एवं अलीराजपुर जिले में 47 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की 1128 करोड़ रूपये लागत की डही परियोजना संचालित है। बड़वानी जिले में 5 हजार 500 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की पाटी परियोजना की लागत 129 करोड़ रूपये है। धार जिले में 50 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की बदनावर परियोजना की लागत 1521 करोड़ रूपये है। होशंगाबाद, हरदा एवं खण्डवा जिले में 48 हजार 800 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की मोरण्ड गंजाल परियोजना की लागत 2813 करोड़ रूपये है।

बांध निर्माण की आवश्यकता
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जुलाई 2019 में नर्मदा बेसिन में जल भण्डारण एवं जल उपयोग की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब नर्मदा नदी से सीधे पानी लेकर सिंचाई के लिए योजनाएँ बनाई जा रही हैं तथा जल भण्डारण की आवश्यकता को ध्यान रखकर बांध परियोजनाओं को भी प्राथामिकता से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस अनुक्रम में मोरण्ड–गंजाल बांधों के निर्माण कार्य के निविदाएँ भी बुलाई गई हैं। एजेंसी निर्धारित कर ये कार्य शीघ्र आरंभ किये जाएंगे। डिण्डोरी जिले में 36 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने के लिए अपर नर्मदा बांध परियोजना, नरसिंहपुर जिले में 60 हजार हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता विकसित करने के लिए शक्कर बांध परियोजना के कार्यों के लिए भी शीघ्र निविदाएँ आमंत्रित की जा रही हैं।

प्रशासकीय स्वीकृति
आदिवासी क्षेत्र के लिये नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा प्राथमिकता से योजनाएँ बनाई जा रही हैं। इसी तारतम्य में 75 हजार हैक्टेयर सिंचाई क्षमता की कुक्षी माईक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य के लिए शीघ्र निविदा आमंत्रित की जा रही है। इसके अलावा प्रशासकीय स्वीकृति के बाद क्रियान्वयन के लिए निम्नानुसार 6 परियोजनाओंके डीपीआर प्राथमिकता से तैयार किये जा रहे हैं।
(1) राघवपुर परियोजना : सिंचाई क्षमता 26000 हेक्टेयर., लाभान्वित जिला डिण्डौरी। (2) बसानिया परियोजना : सिंचाई क्षमता 8480 हेक्टेयर., लाभान्वित जिला डिण्डौरी एवं मण्डला। (3) शक्कर परियोजना : सिंचाई क्षमता 64000 हेक्टेयर., लाभान्वित जिला नरसिंहपुर। (4) चिंकी-बोरास परियोजना : सिंचाई क्षमता 131000 हेक्टेयर., लाभान्वित जिला नरसिंहपुर एवं रायसेन। (5) हांडिया बांध परियोजना : लाभांवित सिंचाई क्षमता 25000 हेक्टेयर जिला हरदा,.। (6) होशंगाबाद परियोजना , होशंगाबाद यह परियोजना मुलत: जल भण्डारण के लिये परिकल्पित है। इससे सिंचाई की संभावना का भी परीक्षण किया जा रहा है।

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