पटना,19 जनवरी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इतिहास गढ़ने सड़क पर उतरे लोग इतिहास रचकर माने।बिहार ने एक बार फिर इतिहास रचा। मानव श्रृंखला में चार करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हुए और देश-दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जल-जीवन-हरियाली की सुरक्षा को लेकर लोगों ने प्रतिबद्धता दिखाती। मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए महिलाएं भी उत्साहित दिखीं। ऐतिहासिक रविवार दिन रहा। सबसे पहले 2017 में शराबबंदी अभियान को सफल बनाने के लिए बिहार में 11292 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी, जिसके रिकार्ड को बिहार वासियों ने 2018 में जाकर अपना ही पुराना विश्व रिकार्ड तोड़ दिया है।दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13654 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर तोड़ा था। इस बार 2020 में मानव श्रृंखला की लंबाई पहले 16,128 किलोमीटर करने का लक्ष्य था, जो जिलों की रिपोर्ट के आधार पर बढ़कर 16,370 हो गई थी। शनिवार को दोबारा रिपोर्ट सौंपी गई, जिसबे बाद इसकी लंबाई 16,443 की गई। प्रत्येक किलोमीटर पर श्रृंखला के लिए एक नायक को तैनात किया गया था। पांच किलोमीटर पर एक सेक्टर ऑफिसर और 10 किलोमीटर पर सुपर सेंटर था। बिहार सरकार द्वारा आयोजित जल -जीवन- हरियाली अभियान,शराबबंदी एवं नशा मुक्ति के पक्ष में तथा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ मानव श्रृंखला में प्रदेश के सभी लोग शामिल हुए। गोपालगंज शहर के तुरकहां रेलवे ढाला के पास मानव श्रृंखला में पहुंचा छात्र ठंड से बेहोश हो गया। छात्र को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित छात्र का नाम ताहिर हुसैन बताया गया, जो तुरकहां निवासी सगीर आलम का पुत्र है।परिजनों ने बताया कि पॉपुलर स्कूल के छात्रों के साथ मानव श्रृंखला में ताहिर लगा था। इसी दौरान ठंड से बेहोश हो गया।स्कूल की ओर से सूचना दी गयी, जिसके बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दरभंगा में मानव श्रृंखला में भाग लेने जा रहे केवटी प्रखंड के उर्दू मध्य विद्यालय दिघियार के शिक्षक मो. दाउद (59) की मौत रास्ते में ह्दय गति रुक जाने से हो गयी।वहां मौजूद अधिकारी मो. दाउद को अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।मो. दाउद इसी साल जुलाई माह में अवकाश ग्रहण करने वाले थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मानव श्रृंखला में खड़े हुए। उनके बाएं जल पुरुष के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र सिंह और दाएं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी खड़े हुए।आसमान में गुब्बारा उड़ाये गए।पूरे कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई, जिसके लिए 15 हेलिकॉप्टरों पर फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर तैनात किए गए थे। जो मानव शृंखला को अपने कैमरे में कैद कर रहे थे। इसके अलावा बाइक सवार वीडियोग्राफर ने भी वीडियो बनाया गया। गांव से लेकर शहर तक हर एक किलोमीटर पर एक वीडियोग्राफर को तैनात किया गया था। बिहार सरकार के उघोग मंत्री श्याम रजक ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति के समर्थन में, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ आज आपनें विधानसभा क्षेत्र फुलवारी में मानव श्रृंखला में शामिल हुआ। बूढ़े से लेकर बच्चों तक में गजब का उत्साह देखने को मिला। उन्होंने एक बार पुनः मानव श्रृंखला को सफल बनाने के लिए पूरे बिहार को धन्यवाद दिया। संत माइकल हाई स्कूल के एक स्टाफ फादर जोनसन केतकर ने राजधानी पटना में लाइव आर्यावर्त के रिपोर्टर आलोक कुमार को एक बार नहीं दो बार कहा कि जिला प्रशासन ठंड के नाम पर स्कूल को बंद करते रहा और मानव श्रृंखला पर सड़क पर उतारने में दिक्कत महसूस नहीं किया। उसी तरह राजधानी में वर्षा व नालों का पानी से उत्पन्न बाढ़ के समय हेलिकॉप्टरों को पयार्प्त संख्या में राहत सामग्री वितरण करने में नहीं लगाया।

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