मधुबनी : CAA,NRC व NPR के खिलाफ वामदल समर्थित मानव श्रृंखला - Live Aaryaavart

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शनिवार, 25 जनवरी 2020

मधुबनी : CAA,NRC व NPR के खिलाफ वामदल समर्थित मानव श्रृंखला

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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) : CAA,NRC ओर NPR पर इस देश में विरोध और प्रदर्शन रुकने का नाम ही नही ले रहा है। आज इसी कड़ी में बिहार में विपक्ष की कई पार्टियों के द्वारा गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पर मानव श्रृंखला बना कर विरोध दर्ज किया जा रहा है। मधुबनी जिले में भाकपा(माले) के नेतृत्व में शहर भर में आज “संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ-नागरिकता बचाओ” नारे के साथ असंवैधानिक व सांप्रदायिक CAA,NRC और NPR एवं गरीबी के खिलाफ भाकपा(माले) ध्रुव नारायण कारण के नेतृत्व में गंतब्य6दिवस के पूर्व संध्या पर मानव श्रृंखला बना कर जबरदस्त विरोध दर्ज किया जा रहा है। इस मौके पर जानकारी देते हुए ध्रुव नारायण कारण ने बताया कि ये कानून काला कानून है। हम मार जाएंगे पर देश मे इसको लागू नही होने देंगे। इससे देश के अल्पसंख्यक समुदायों को टारगेट करके उनको देश से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही इससे देश में गरीबी भी बढ़ेगी। सरकार जब तक इस कानून को वापस नही लेगी, तब तक हमारा विरोध यूं ही चलता रहेगा। ये मानव श्रृंखला CAA, NRC, NPR(नागरिक संशोधन कानून, नागरिकता रजिस्टर, जनसंख्या रजिस्टर) के खिलाफ में संबिधान बचाओ अभियान के तहत बाम दलों की ओर से मधुबनी समाहरणालय-थाना चौक-वाटसन स्कूल से लगातार सघन व बिशाल हजारों लोगों की भागीदारी बाला मानव श्रृंखला बनाकर फासीवादी मोदी सरकार का बिरोध किया गया। इस मानव श्रृंखला में भाकपा (माले) के अलावे सीपीआई, सीपीएम एवं अन्य कई अल्पसंख्यक समुदाय के बैनर तले लोगों की भागीदारी थी। वहीँ जिले के बाबूबरही प्रखंड में CAA, NRC और NPR के विरोध मे मानव श्रृंखला का आयोजन मूस्लिम तंजीम-इमारत-ए-शरिया के आह्वान पर पुरे बिहार मे किया गया है, जिसमे वाम दल माले और कई विपक्ष की पार्टी ने समर्थन किया है। इस मौके पर जानकारी देते हुए शाहिद अंजुम ने बताया कि ये इस देश के लिए  काला कानून साबित हो रहा है। इस कानून से इस देश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की नागरिकता खत्म हो जाएगी। नरेंद्र मोदी की सरकार हमें इस देश से बाहर करने में लगी है, पर हम अपने इस देश को छोड़ कहीं और नही जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे हमें अपने ही देश मे पराया बनाया जा रहा है, हमसे ऐसे-ऐसे कागज मांगें जाने वाले हैं जो शायद अब किसी के पास शायद ही मिल पाएं। ऐसे ही किसी कारण को लगा कर इस देश के अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग एवं बच्चे और महिलाएं मानव श्रृंखला में शामिल हुए।

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