मूल कर्तव्य ही गांधी जी के विचार हैं : कलराज मिश्र - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 15 जनवरी 2020

मूल कर्तव्य ही गांधी जी के विचार हैं : कलराज मिश्र

duty-gandhi-thoughy-kalraj-mishra
जयपुर, 15 जनवरी, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को कहा कि संविधान में उल्लेखित मूल कर्तव्य ही महात्मा गांधी के विचार हैं और इनके अनुरूप कार्य करके हम राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि गांधी जी में भारतीयता के प्रति दृढ़ भावना थी। उनका दर्शन वसुधैव कुटुम्बकम का था।  राज्यपाल ने इस मौके पर जयपुर शहर के 30 विद्यालयों के लगभग एक हजार बच्चों को संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया। एक सरकारी बयान के अनुसार समारोह को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र राज मोहन गांधी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी निडर थे। वह अंहिसा के पुजारी थे। उन्होंने कहा कि गांधी जी किसी से कम या ज्यादा नहीं थे और न ही वे किसी से ऊंचे और नीचे थे। भारतीय स्वतत्रंता संग्राम का नेतृत्व गांधी जी ने ही किया था।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...