सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 10 जनवरी - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 10 जनवरी

सरकारी शौचालय का गड्ढा खोदा, पैसा भी नहीं मिला  गड्ढे में गिरी पत्नि, हो गई मौत, पति ने मांगा मुआवजा 

सीहोर। आष्टा ब्लाक के ग्राम टिटोरिया के ग्रामीण ने ग्राम पंचायत के कहने पर शोचालय के लिए गड्ढा खोद लिया। पंचायत ने सरकारी योजना से पैसा भी नहीं दिया। गडढ़े में गिरने से लगी चौट के कारण पत्नि की मौत भी हो गई। पीडि़त ग्रामीण ने पंचायत पर सख्त कार्रवाहीं करने और पत्नि की मौत पर मुआवजा देने की मांग प्रशासन से की है।  कलेक्टे्रट पहुंचे ग्रामीण सुन्दरलाल पुत्र रंजीत सिंह ने बताया  कि सरपंच और सचिव ने सरकारी योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए घर के पास गड्ढा खोदने के लिए कहा था जिस पर परिजनों ने मिलकर गडढ़ा खोद लिया लेकिन पंचायत ने शौचालय योजना की राशि नहीं दी। गडढ़ा खोदते वक्त पत्नि शुगन बाई को कुल्हाड़ी की चोट लग गई। पत्नि का काफी ईलाज कराया लेकिन बीते साल २० अक्टुवर को अस्पताल में पत्नि की मौत हो गई। पंचायत ने पत्नि की मृत्यु पर मिलने वाली राशि भी हड़प ली। पीडि़त ने सहायता राशि की दिलाने की गुहार लगाई है। 

विद्यालयीन छात्र छात्राओं को दी गई बाल अधिकारों की जानकारी
      
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18 साल तक की उम्र के सभी बच्चों को अपने अधिकारो के प्रति जागरूक रहना है तथा लैंगिक हमला लैंगिक उत्पीडन और अष्लील साहित्य के अपरधों से बालकों का संरक्षण करने और ऐसे अपराधों का विचारण करने के लिए विषेष न्यायालयों की स्थापना की गई है। बालक के उचित विकास के लिये यह आवष्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा उसकी निजता और गोपनीयता का सम्मान करें। उक्त जानकारी अनिल सक्सैना सदस्य बाल कल्याण समिति जिला सीहोर एवं परामर्षदाता सुरेष पांचाल द्वारा बाल संरक्षण सप्ताह अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 सीहोर में विषेष कक्षा का आयोजन कर दी गई। साथ ही किषोर न्याय अधिनियम अंतर्गत बालकों को दि जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई। किषोर न्याय (बालको की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 एवं लैंगिक अपराधौ से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की जानकारी प्रदान करने तथा उनको मौलिक अधिकारो, हिंसा, शोषण, दुव्र्यवहार और उपेक्षा के षिकार एवं निराश्रित, बेसहारा, गुमषुदा बालको को देखरेख एवं संरक्षण प्रदान करना है।   जिले के समस्त शासकीय अषासकीय विद्यालयो में बाल अधिकारो के प्रति जागरूकता हेतु विषेष कक्षाओं का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चो को बाल अधिकारो तथा पाॅक्सो एक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ आवष्यक मोबाईल नंबर 100, 1098 आदि भी बताये गये। साथ ही जागरूकता हेतु विभिन्न प्रतियोगिताओं भी करवाई गई।

कलेक्टर ने ली केन्द्राध्यक्षों की बैठक रविवार को होगी राज्य सेवा प्रारंभिक एवं वन सेवा परीक्षा

राज्य सेवा आयोग के निर्देशानुसार राज्य सेवा प्रारंभिक एवं राज्य वन सेवा परीक्षा में कंडिका 9 के बिन्दु क्रमांक 9.1 सामान्यत: पररक्षाओं में ऐसा पाया गया है कि परीक्षार्थी अपने कपड़ों, कफलींक, चश्मा, जूते-मौजे, हाथ के बैंड/हाथ में बंधे बंधन आदि में नाना प्रकार से इलेक्ट्रानिक डिवाइश का प्रयोग करते हैं। परीक्षा में किसी इलेक्ट्रानिक डिवाइश के उपयोग को रोकने के लिए परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थी चप्पल व सेंडल पहनकर आ सकते हैं। चेहरे को ढंक कर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित होगा। ऐसेसरीज जैसे बालों को बांधने का क्लचर/चकल, घड़ी, हाथ में पहने जाने वाले किसी भी प्रकार के बैंड, कमर में हपने जाने वाले बेलट, धूप में पहने जाने वाले चश्में, पर्स/वॉलेट, टोपी वर्जित है। बिन्दु क्रमांक 9.2 सिर, नाक, कान, गला, हाथ-पैर आदि में पहनने वाले सभी प्रकार के आभूषण तथा हाथ में बंधे धागे/कलावा/रक्षा सूत्र आदि का सूक्ष्मता से परीक्षण कर वीक्षकों द्वारा परीक्षार्थी के कक्ष में जाने पूर्व तलाशी ली जाएगी। बिन्दु क्रमांक 9.3 परीक्षार्थियों को मोबार्ठल, केल्कूलेटर आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण, पठन सामग्री एवं वर्जित वस्तुएं लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं है। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व परीक्षार्थियों से उक्त सामग्री प्राप्त कर सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। बिन्दु क्रमांक 9.5 प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर केन्द्राध्यक्ष द्वारा 150 परीक्षार्थियों पर एक कर्मचारी के मान से परीक्षार्थियों का सामान सुरक्षित रखने के लिए कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। बिन्दु क्रमांक 9.6 परीक्षा केन्द्र पर पूर्व से टोकन बना कर रखें जिससे सामान सुरक्षित रखने का कार्य तीव्रगति से व सुविधा पूर्ण संपन्न हो सके। बिन्दु क्रमांक 9.7 यह सुनिश्चत करे कि परीक्षार्थियों का परीक्षा पूर्व सामान सुरक्षित रखने व परीक्षा उपरांत प्राप्त करने में 15 मिनिट से अधिक समय न लगे। बिन्दु क्रमांक 9.8 परीक्षार्थियों के कक्ष में जाने के पूर्व वीक्षक परीक्षार्थियों की तलाशी लें एवं यह सुनिश्चत करें कि परीक्षर्थी कक्ष में वर्जित वस्तुएं लेकर प्रवेश न करें। विशेषत: महिला अभ्यर्थियों की तलाशी पूर्ण गरिमा के साथ महिला अधिकारी/कर्मचारी द्वारा ही ली जाए।महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे/चुन्नियां भलीभांति जांच कर तुरंत वापस लौटा दिए जाएं। बैठक में कलेक्टर ने सभी संबंधितों को राज्य सेवा आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री एस.एस. चौहान ने बताया कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर पुलिस बल तौनात रहेगा। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा, अपर कलेक्टर श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री समीर यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा के दौरान सघन जांच हेतु कलेक्टर ने नियुक्त किए दो उड़नदस्ता दल  

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 का आयोजन 12 जनवरी 2020 को दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण प्रात:10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एवं दोपहर 2:15 से 4:15 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा केन्द्रों की सघन जांच के लिए जिला मुख्यालय पर 13 परीक्षा केन्द्रों पर 2 उड़नदस्तों का गठन किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अरुण कुमार विश्चकर्मा को 42/7 शासकीय कन्या स्ना.महाविद्यालय, 42/4 शासकीय महिला पॉलीटेक्निक, 42/12 अशासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय अवधपुरी, 42/2 शासकीय आवासीय खेलकूद संस्थान, 42/10 अशासकीय नूतन बाल विद्या मंदिर इंग्लिशपुरा, 42/13 शासकीय चन्द्रशेखर आजाद महाविद्यालय तथा अनुविभागीय अधिकारी आष्टा श्रीमती अंजु अरुण विश्चकर्मा को 42/1 शासकीय उमावि कस्तूरबा गंज, 42/8 शासकीय उमावि सुभाष गंज, 42/11 अशासकीय शारदा विद्या मंदिर स्टेशन रोड़, 42/3 शासकीय स्वामी विवेकानंद मंडी हाईस्कूल, 42/5 शासकीय बालक उत्कृष्ट उमावि, 42/6 शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि, 42/9 शासकीय मॉल उमावि शेरपुर परीक्षा केन्द्र आवंटित किए गए हैं।

राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा हेतु कंट्रोल रूम स्थापित
परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 15 में कट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका नंबर 07562-226856 है, कंट्रोल रूम प्रभारी अधीक्षक भू अभिलेख श्री जीएस यादव एवं सहायक श्री एल.एल धावरे को नियुक्त किया गया है। परीक्षा के संपूर्ण कार्य संपादन हेतु प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप सोनी रहेंगे।

आयोग की वेबसाईट पर जानकारी दर्ज करने
कार्यालय कार्य एवं कंप्यूटर कार्य तथा आयोग की वेबसाईट पर जानकारी दर्ज करने के लिए श्री एल.एल धावरे, श्री अंशुल शर्मा, श्री दिनेश्वर दयाल तिवारी, श्री दानिश कुरैशी एवं भृत्य श्री शमशुद्दीन को नियुक्त किया गया है। यह सभी कर्मचारी राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 के प्रभारी अधिकारी श्री प्रदीप सोनी, डिप्टी कलेक्टर के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे।   

उदय राणा चिकित्सालय में प्रसव के बाद प्रसूता की मृत्यु के मामले में कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

जिला मुख्यालय स्थित उदय राणा चिकित्सालय सीहोर में प्रसूता की प्रसव के बाद मृत्यु हो जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने डिप्टी कलेक्टर श्री रवि वर्मा को घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर श्री गुप्ता ने श्री वर्मा को आदेशित किया है कि मामले की संपूर्ण जांच कर एक माह में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जांच के मुख्य बिन्दु जैसे घटना किन परिस्थितियों में हुई और घटना के क्या कारण रहे, क्या इस घटना को घटित होने से रोका जा सकता था, इस घटना के लिए कौन-कौन उत्तरदायी हैं, ऐसी घटना की पुररावृत्ति न हो इसके लिए सुझाव दें सहित अन्य बिन्दु पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

नारे लेखन प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय आयोजन समिति गठित

कार्यपालन अधिकारी आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश के आदेशानुसार कलेक्टर श्री अजय गुप्ता द्वारा जिले के 15 शासकीय महाविद्यालय एवं शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूलों में नारे लेखन प्रतियोगिता का आयोजन के दौरान उत्कृष्ट प्रतिभागियों के चयन एवं नगर पुरस्कार वितरण के लिए जिला स्तरीय आयोजन समिति का गठन किया गया है। समिति के पदाधिकारियों/सदस्यों का दायित्व होगा के राज्य स्तर से प्राप्त दिशा निर्देशों का समुचित पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वाहन करेंगे। जिला स्तरीय आयोजन समिति में अध्यक्ष मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रभाकर तिवारी एवं सदस्यों में प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ आशा गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ आनंद शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसपीएस बिसेन, सहायक संचालक जनसंपर्क सुश्री अनुभा सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती क्षमा बर्वे, प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट उमावि श्री रवीन्द्र बांगरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री धीरेन्द्र आर्य उप जिला मीडिया अधिकारी सुश्री उषा अवस्थी एवं जिला समन्वयक श्री संदीप कुमार शामिल हैं।  

महाविद्यालय में मनाया "विश्व हिन्दी दिवस"

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चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ आशा गुप्ता की अध्यक्षता में विश्व हिन्दी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को ‘विष्व हिन्दी दिवस’ की बधाई देते हुये उन्हें ऐसे अवसरों पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है अतः हम हिन्दी का अधिक से अधिक उपयोग करें। कार्यक्रम की संचालक डॉ. सुशीला पटेल ने विषय पर प्रकाश डालते हुये कहा कि हिन्दी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित कर सकें एवं उसे अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रुप में प्रस्तुत कर सकें यही विश्व हिन्दी दिवस का उददेश्य है। नागपुर में 10 जनवरी 1975 को विष्व हिन्दी सम्मेलन आयोजित किया गया था इसलिये इस दिन को ‘विश्व हिन्दी दिवस’ के रुप में मनाया जाता है। इस अवसर पर हिन्दी विषय के विद्यार्थियों के मध्य ‘राष्ट्र भाषा हिन्दी’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम निधि त्यागी, एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर, द्वितीय जुगल किशोर बी.ए.प्रथम वर्ष एवं तृतीय रोषनी राजपूत, एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर थे। कार्यक्रम में प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विधार्थी उपस्थित हुए कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुशीला पटेल ने किया एवं आभार श्री सीताराम सिमोलिया ने व्यक्त किया ।

स्वच्छता अभियान को लेकर किया लोगों को जागरुक

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चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई  के स्वंयसेवकों ने गोद ग्राम महुआ खेड़ी (तकीपुर) में जाकर स्वच्छता अभियान चलाया नालियों की सफाई की। ग्रामवासियों के साथ मिलकर कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार बरबड़े के मार्ग दर्शन में ग्राम महुआ खेड़ी में जागरुकता रैली का आयोजन किया। राष्ट्रीय सेवा योजना व रेडरिबन क्लब के बैनर तले स्वंय सेवकों ने रैली में नारे लगाकर व स्लोगन पढ़कर एडस जैसी घातक बीमारी से बचाव के उपाय बताये तथा व्यक्तिगत स्वास्थ व जन स्वच्छता के लिये ग्रामीणों को जागरुक करते हुये बाल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत पॉक्सो एक्ट व बाल श्रम निषेध की भी ग्रामवासियों को जानकारी दी। इस अभियान में मुख्य रुप से विनोद भिलाला भारत मीना इरशादखान अंजली मेधा कोमल,पूजा, शिवानी, विजेन्द्र मालवीय, सूरज विश्वकर्मा, विकास भिलालाआदि उपस्थित थे। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आशा गुप्ता ने स्वंय संवकों को जागरुकता अभियान में भाग लेने के लिये बधाई देते हुये प्रात्साहित किया ।

जल जीवन मिशन टास्क फोर्स कमेटी के तीन सदस्य दल ने किया ग्राम सतपीपलिया का निरीक्षण

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कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री एम.सी अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन अन्तर्गत सीहोर के ग्राम सतपीपलिया में पीएचई द्वारा पूर्ण की गई नलजल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन के निरीक्षण हेतु जल जीवन मिशन टास्क फोर्स कमेटी भारत सरकार के तीन सदस्य दल द्वारा किया गया। संयुक्त दल द्वारा ग्रामवासियों के साथ सामुहिक सभा की गई। चर्चा के दौरान ग्राम की महिलाओं ने बताया कि दिसंबर 2018 के पूर्व ग्राम में स्थापित 12 हैंडपंप में से 11 हैंडपंप में ग्रीष्मऋतु में जल स्तर एकदम नीचे चला जाता था। महिलाएं ग्राम से 1-2 किमी दूर जाकर सिर पर घड़े रखकर पानी लाती थीं। कुछ लोग साईकिल या बैलगाड़ी अथवा ट्रैक्टर से पानी लाने को मजबूर थे। दिसंबर 2018 में ग्राम में ग्राम नलजल प्रदाय योजना पीएचई विभाग द्वारा चालू की गई इसमें 395 घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शत-प्रतिशत घरों में ग्रामवासियों को पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। ग्राम पंचायत को हर घर से प्रतिमाह जलकर की राशि समय से प्राप्त होती है, पंचायत उस राशि से बिजली का बिल एवं पंप ऑपरेटर का भुगतान प्रतिमाह करते हैं। भारत सरकार के टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा संधारित कैशबुक, बैंक की पासबुक, बिजली बिल के वाउचर आदि का निरीक्षण किया गया। टास्क फोर्स सदस्य श्री एसके जैन ने बताया कि अब नलजल प्रदाय योजनाएं शत-प्रतिशत ग्रामों में क्रियान्वित की जा सकेंगी। लेकिन ग्रामवासियों द्वारा 10 प्रतिशत की राशि जमा करनी होगी, जो राशि नलजल प्रदाय योजना को सफल संचालन उपरांत आंकलन करने के उपरांत पंचायत को इन्सेटिव के रूप में वापस भी की जा सकेगी। श्री ए.के.जैन, भूतपूर्व प्रमुख सचिव, श्री अपूर्व ओझा स्वयंसेवी संस्था प्रमुख, श्री हिंगोरानी मुख्य अभियंता सेवा निवृत्त छत्तीसगढ पी.एच.ई, श्री सी.एस संकुले प्रमुख अभियंता, श्री अजय जैन मुख्य अभियंता भोपाल श्री सुबोध जैन अधीक्षण यंत्री भोपाल, जल निगम भोपाल श्री रघुवंशी, श्री एम.सी अहिरवार कार्यपालन यंत्री सीहोर, सुश्री वंदना चैहान सहायक यंत्री, सुश्री रेणु धाडी जिला समन्वयक पी.एच.ई एवं श्री प्रदीप भदौरिया समर्थन संस्था से उपस्थित थे।

बोर्ड पेटर्न पर आयोजित होगी 5 वीं एवं 8 वीं की परीक्षा

संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेशानुसार अकादमिक वर्ष में 2019-20 के अंत में कक्षा 5 वीं एवं 8 वीं की नियमित परीक्षा होगी। यह व्यवस्था शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं, अनुदान प्राप्त, अशासकीय विद्यालयों तथा मदरसा, संस्कृत बोर्ड की परीक्षाओं  पर लागू होगा। इस जानकारी के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार शासकीय विद्यालयों में दर्ज बच्चों के लिए शिक्षा के प्रति गंभीरता बढाने के उद्देश्य से यह परीक्षा बोर्ड पेटर्न में (बोर्ड परीक्षा नहीं) आयोजित की जाएगी। परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता व वैधता सुनिश्चित करने की दृष्टि से मुख्य रूप से निम्नांकित व्यवस्था लागू की जावेगी। परीक्षा केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति की व्यवस्था लागू होगी। मूल्यांकन कार्य विकासखंड बदलकर किया जावेगा। मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। अशासकीय तथा अनुदान प्राप्त शालाओं में दर्ज बच्चों के लिए प्रश्नपत्र शाला स्तर पर निर्मित करवाकर अपने स्तर पर परीक्षा का संचालन करेंगे। निर्धारित मापदंड के अनुसार वार्षिक परीक्षा फल तैयार कर निर्धारित प्रारूप में संकुल प्राचार्य के अनुमोदन उपंरात घोषित करेंगे। कक्षा 5 वीं एवं कक्षा 8 वीं में अनुत्तीर्ण (प्रत्येक विषय 33 प्रतिशत से कम अंक) होने वाले छात्रों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन कर दो माह के बाद पुनःपरीक्षा आयोजन करना होगा। और इस परीक्षा में श्रेणी अनुत्तीर्ण(प्रत्येक विषय 33 प्रतिशत से कम अंक) अंक होने पर उस छात्र/छात्रा को उसी कक्षा में रोकना होगा। कक्षा 5 वीं एवं कक्षा 8 वीं की परीक्षा हेतु परीक्षा केन्द्र में समस्त आवश्यक व्यवस्था पूर्ण करते हुए एक ही भवन को कक्षा 5 वीं एवं कक्षा 8 वीं दोनों के लिए परीक्षा केन्द्र बनाया जा सकेगा। 5 वीं कक्षा हेतु परीक्षा केन्द्र समीप की माध्यमिक शाला को बनाया जावेगा तथा 8 वीं की परीक्षा हेतु परीक्षा केन्द्र समीप की हाईस्कूल/हायर सेकेण्ड्री विद्यालय को बनाया जावेगा। यदि परीक्षा केन्द्र दूरस्थ क्षेत्र में है और पैदल जाना संभव न हो तो अपरिहार्य स्थिति में प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला को भी परीक्षा केन्द्र बनाया जा सकता है।  

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