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रविवार, 12 जनवरी 2020

कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग जरूरीः गृह मंत्री

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गांधीनगर, 11 जनवरी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि बदलते दौर में साइबर अपराध से पैदा हुई वैश्विक चुनौतियों के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग जरूरी है। श्री शाह यहां महात्मा मंदिर में गुजरात पुलिस की आधुनिक टेक्नोलॉजी वाले विश्वास और आश्वस्त के उद्घाटन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। गुजरात पुलिस ने साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने और अपराध का पर्दाफाश करने के इन दोनो परियोजनाओं की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत 100 नंबर डायल करने तथा राज्य के नवगठित 7 जिलों में 112 नंबर डायल करने पर त्वरित मदद उपलब्ध होगी। डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ठगी के जरिए पैसे की निकासी या इंश्योरेंस के बहाने पैसे की धोखाधड़ी या फिर ओएलएस जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पैसा गंवाने के साइबर अपराधों के संदर्भ में ये प्रोजेक्ट कारगर साबित होंगे। इस परियोजना के तहत सीसीटीवी के जरिए शहरों सहित राज्य के चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखकर उसका पृथक्करण कर जानकारी या गतिविधियों को जांच अधिकारी तक पहुंचाया जा सकेगा। श्री शाह ने कहा कि गुजरात की छवि देश के सबसे सुरक्षित राज्य की है। बदलते समय में साइबर क्राइम के क्षेत्र में पैदा हुई वैश्विक चुनौतियों से निपटने और अपराध की रोकथाम में यह परियोजना उपयोगी होने के साथ ही साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को सच्चे अर्थ में विश्वसनीय रूप से आश्वस्त करेगी। 1980 से 90 के दश में सांप्रदायिक दंगों वाले राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला गुजरात आज विकास के रोल मॉडल के रूप में स्थापित हुआ है। इसकी बुनियाद में राज्य सरकार की प्रबल राजनीतिक इच्छाशक्ति और दीर्घदृष्टि है। गुजरात में शांति और सुशासन की अनुभूति के मूल में पुलिस कार्यवाही में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना है। कश्मीर का जिक्र करते हुए श्री शाह ने कहा कि कश्मीर को देश से अलग करने वाले अनुच्छेद 370 और 35-ए को देश का हर नागरिक हटाना चाहता था, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते कुछ नहीं किया। परन्तु राष्ट्रभाव से प्रेरित हमारी सरकार ने इस अनुच्छेद को दूर कर कश्मीर को देश का अभिन्न अंग साबित किया है। देश इस बात को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आंतरिक और बाह्य सुरक्षा दोनों ओर की चुनौतियों का सामना कर सुरक्षा को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के संदर्भ में जनता के मन में कोई आशंका नहीं है। लेकिन इसे लेकर शंका-कुशंकाओं के दुष्प्रचार और झूठ के माध्यम से शांति को भंग करने का प्रयास देश भर में किया जा रहा है जो दुखद है। देश की जनता को परिपक्व बताते हुए उन्होंने कहा कि वह ऐसी झूठी बातों को नहीं मानेगी। दुष्प्रचार और झूठ के माध्यम से देश की शांति में पलीता लगाने वाले तत्वों से लोगों को सावधान रहने की ताकीद भी उन्होंने की। 

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