स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक : खट्टर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 12 जनवरी 2020

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक : खट्टर

vivekanand-always-valid-khattar
रेवाड़ी,12 जनवरी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। श्री खट्टर ने रविवार सुबह यहां आईओसी चौक पर ‘रन फार यूथ’ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने से पहले हजारों युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी ने सैंकड़ों वर्ष पहले एक मूल मंत्र दिया था“ उठेा जागो और तब तक नहीं रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो जाए” और इसी को ध्यान में रखते हुए युवकों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में जुट जाना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि उन्हें कहा कि इतनी ठंड के बावजूद युवाओं और बच्चों का इस मैराथन में हिस्सा लेने के लिए यहां एकत्र होना उनकी ऊर्जा का परिचय देता है। यह मैराथन दौड़ पांच और 10 किलोमीटर लंबी थी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और पांच से 10 किलोमीटर की इस दौड़ में मुख्यमंत्री ने भी दौड़ लगाई। इसके बाद उन्होंने केएलपी कालेज में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए युवाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार राज्य में नशे का कारोबार बंद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए समय-समय पर सरकार द्वारा इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं तथा प्रदेश की जनता को जागरूक भी किया जा रहा है। सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में करीब 50 करोड़ युवा है और युवा शक्ति ही इस देश को आगे बढ़ा सकती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा समय-समय पर मैराथन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्हें इस बात की खुशी है कि पूरे हरियाणा भर से करीब चार लाख युवा पूरे समर्पण भाव के साथ जोश और हौंसला दिखाते हुए एक साथ दौड़े। रेवाड़ी में भी बड़ी संख्या में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मैराथन में दौड़ लगाई और महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...