बिहार : गोली मारो अभियान वालों को करारी हार देने के लिए दिल्ली वासियों का शुक्रिया : माले - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

बिहार : गोली मारो अभियान वालों को करारी हार देने के लिए दिल्ली वासियों का शुक्रिया : माले

ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद से राहत, शेल्टर कांड के राजनीतिक संरक्षकों पर नकेल कसो.
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पटना 11 फरवरी (आर्यावर्त संवाददाता)  भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे पर कहा है कि गोली मारो अभियान चलाने वाले गैंग की करारी हार के लिए दिल्ली की जनता बधाई की पात्र है. भाजपा ने सीएए-एनआरसी व एनपीआर के खिलाफ दिल्ली में चल रहे शाहीनबाग के आंदोलन को केंद्र कर सोचा था कि वह सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने में सफल हो जाएगी, लेकिन दिल्ली की जनता ने उसके इन नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है. विगत कई महीनों से वहां के छात्र-युवा व आम लोग पुलिस की भयानक बर्बरता और गुंडों के हमले के शिकार हो रहे हैं. जामिया से लेकर जेएनयू और अब गार्गी काॅलेज की छात्राओं के साथ अभद्रताएं की जा रही हैं. दिल्ली चुनाव परिणाम इसी का परिणाम है. दिल्ली चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा की संविधान व लोकतंत्र विरोधी तथा नफरत व विभाजन की राजनीति देश की जनता को मंजूर नहीं है. देश की जनता आर्थिक मंदी से उबरना चाहती है और अपने लिए रोजगार चाहती है. यह भी कहा कि झारखंड से भाजपा की हार का आरंभ हुआ दौर दिल्ली होते हुए अब बिहार पहुंचेगा. बिहार विधानसभा के चुनाव में भी बिहार की जनता ने अपना मन बनाना शुरू कर दिया है और यहां भी दिल्ली की ही तरह भाजपा की करारी हार होगी.

ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद पर ऐपवा का बयान
ऐपवा की महासचिव काॅ. मीना तिवारी ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में आज आए फैसले के तहत ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा को राहत प्रदान करने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि शेल्टर होम कांड में न्याय के सवाल पर बिहार की महिलाओं व न्यायप्रिय नागरिकों ने लंबा व अनवरत संघर्ष किया है. फिर भी, इन संस्थागत कांडों के मुख्य अपराधी अब भी पकड़ से बाहर हैं. सच कहा जाए तो सीबीआई उन्हें बचाने में ही लगी है. ऐपवा पहले दिन से ही मांग करते आई है कि इन कांडों के राजनीतिक संरक्षण की जांच होनी चाहिए क्योंकि बिना राजीनतिक संरक्षण के इस तरह के संगठित अपराध नहीं घट सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी स्पष्ट समझदारी है कि इन कांडों के तार सत्ता के शीर्ष तक पहुंचते हैं. उन सबको जांच के दायरे में लाना होगा. इस सवाल पर हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

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