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शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

झारखण्ड : गुमला सदर अस्पताल में रेफर रोगी की एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से मौत

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गुमला,8 फरवरी। गुमला सदर अस्पताल में सुधैन देवी नामक रोगी को 29 जनवरी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज में खून की कमी थी। भर्ती के समय हिमोग्लोबीन 2.4 था। दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद हिमोग्लोबीन 7.2 हो गया था। स्थिति में सुधार हो रहा था। एक यूनिट और चढ़ाया जाना था। मृत महिला का पुत्र प्रकाश उरांव ने कहा कि शुक्रवार को अचानक रोगी का पेट फूलने लगा। बेहतर उपचार के लिए शाम में चार बजे मरीज को रिम्स रेफर कर दिया गया। गुमला सदर अस्पताल में रेफर रोगी की एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से मौत हो गयी।इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गुमला सदर अस्पताल में रेफर रोगी की एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से हुई मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों के हंगामा से सदर अस्पताल में अफरा तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। मिली जानकारी के अनुसार कमरटोली के रहने वाले प्रकाश उरांव की मां 48 वर्षीय सुधैन देवी की शुक्रवार की शाम छह बजे सदर अस्पताल में मौत हो गई। सुधैन देवी की बिगड़ती हुई हालत को देखते हुए अपराह्न चार बजे ही चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स रेफर कर दिया था। मरीज को रेफर किए जाने के बाद परिजन अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों से एंबुलेंस उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे थे। परिजन 108 एंबुलेंस को बार-बार फोन भी कर रहे थे। शाम छह बजे तक एंबुलेंस नहीं मिल सका। दो घंटे के बाद महिला मरीज ने दम तोड़ दिया। जब परिजनों ने हंगामा करना आरंभ किया तो चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों ने अपने को सुरक्षित स्थान तलाशना शुरू कर दिया। कोई भी वरीय पदाधिकारी परिजनों को शांत कराने और संतोष जनक जवाब देने की स्थिति में नहीं थे। परिजनों द्वारा किए जा रहे हंगामे की जानकारी गुमला पुलिस को दी गई। गुमला पुलिस के अधिकारी और सशस्त्र बल सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों को नियंत्रित करने का काम किया। पुलिस और सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारियों के प्रयास से परिजनों को मनाने का काम किया गया। अंत में सदर अस्पताल के शव वाहन द्वारा उस महिला का पार्थिव शरीर उसके करमटोली घर भेजा गया।

क्या कहते हैं चिकित्सक
रोगी सुधैन देवी को 29 जनवरी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज में खून की कमी थी। भर्ती के समय हिमोग्लोबीन 2.4 था। दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद हिमोग्लोबीन 7.2 हो गया था। स्थिति में सुधार हो रहा था। एक यूनिट और चढ़ाया जाना था। शुक्रवार को अचानक रोगी का पेट फूलने लगा। बेहतर उपचार के लिए शाम में चार बजे मरीज को रिम्स रेफर कर दिया गया।

क्या कहते हैं परिजन
जिले में कुल 10 एंबुलेंस हैं, पर महिला को एक भी नहीं मिल पाई कारण काफी गरीब थी महिला का जन वकालत करने वाला कोई नहीं था।मृतका सुधैन देवी गरीब थी। उसे पीला कार्ड मुहैया कराया गया था, जिससे उसे राशन प्राप्त होता था। महिला के पास आयुष्मान भारत का भी कार्ड था। परिजन ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र स्थित करमटोली वाॅर्ड न. 19 निवासी सुधैन देवी (48) की 29 जनवरी को तबीयत खराब हो गई थी। सुधैन देवी को इसी दिन सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ. एसके किस्कू की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। इसी दौरान शुक्रवार की दोपहर महिला का अचानक पेट फूलने लगा।परिजनों का कहना था कि सदर अस्पताल में दो घंटे तक एंबुलेंस के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया गया। लापरवाही बरतने वाले अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस अस्पताल में जान बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं है। मौत होने पर शव पहुंचाने की सुविधा दी जा रही है।

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