बिहार : स्वास्थ्य मंत्रालय तुरंत कार्रवाई करे : सीमा - Live Aaryaavart

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रविवार, 15 मार्च 2020

बिहार : स्वास्थ्य मंत्रालय तुरंत कार्रवाई करे : सीमा

दिल्ली एनसीआर में N95 फेस मास्क और हैंड सैनिटाइटर खरीदने के बारे में एक रिपोर्ट पढ़ी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि सर्जिकल मास्क, जो आमतौर पर 10 रुपये में बिकते हैं, 40 रुपये या उससे अधिक में बेचे जा रहे थे। और एन 95 मास्क, जो लगभग 150 रुपये में बिक रहे थे, 500 रुपये तक में बेचे जा रहे थे।
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पटना,15 मार्च। कोरोना वायरस के चलते मास्क और सैनिटाइजर की बढ़ती कीमतों को रेगुलेट किया जाए और जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। इस तरह की आवाज रिंकी शर्मा ने उठायी हैं।भारत में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है। महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 32 मामले सामने आए हैं। बता दें कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से लेकर केरल और उत्तर प्रदेश से लेकर गुजरात तक फैलते जा रहे कोरोना वायरस के चलते देश के कई राज्यों में कर्फ्यू जैसे हालात बनते जा रहे हैं। मॉल, सिनेमाहाल, पब, जिम, स्कूल और कॉलेज तो बंद कर ही दिए गए हैं, लोगों से बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलने की अपील की जा रही है। भारत में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है। महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 32 मामले सामने आए हैं।वहीं, दुनियाभर में इस वायरस की वजह से 5800 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। डेढ़ लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, राहत की बात यह है कि 67 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रिंकी शर्मा सरकार के पास लिखकर कहती हैं, “मैं ग्राहकों के हितों के लिए काम करने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ। मैंने खुद 10 दुकानों पर जाकर रेट पता किए हैं और पाया कि दुकानदार एमआरपी (MRP) से ज्यादा पैसे ले रहे हैं। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनिटाइजर की कमी हो गई है, क्योंकि लोगों में इसकी ख़रीददारी की होड़ सी मची हुई है।” “जब से वायरस के केस सामने आए हैं तबसे लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिली है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि सर्जिकल मास्क, जो आमतौर पर 10 रुपये में बिकते हैं, 40 रुपये या उससे अधिक में बेचे जा रहे थे। और एन 95 मास्क, जो लगभग 150 रुपये में बिक रहे थे, 500 रुपये तक में बेचे जा रहे थे।” दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस की दस्तक से यहाँ और पूरे देश में भय का माहौल है। लोग दहशत में हैं डॉक्टरों के मुताबिक कुछ सावधानी बरतने से इस वायरस से बचा जा सकता है पर लोग अपने-अपने स्तर पर इलाज खोजने में लगे हैं। जब से दिल्ली में इस वायरस के केस सामने आए हैं तबसे लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिली है। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनिटाइजर की कमी हो गई है, क्योंकि लोगों में इसकी ख़रीददारी की होड़ सी मची हुई है।

ये बड़ी बेसिक सी बात है
डिमांड और सप्लाई। पर जब लोगों के मन में डर घर कर लेता है तो बेसिक बातें भी हवा हो जाती हैं।कोरोना वायरस से ज्यादा मानो लालच का वायरस फैल रहा है। तभी तो जमाखोरी और मुनाफाखोरी धड़ल्ले से हो रही है। यह अब हर स्तर पर हो रहा है, थोक बाजार से लेकर रीटेल तक।डर के मारे खरीददारी और मुनाफाखोरों द्वारा बढ़ाए गए दाम, ये दोनों मिलकर आम जनता को और भयभीत कर रहे हैं। ग्राहक डरा हुआ है, उसकी सेहत और जेब दोनों पर असर पड़ रहा है। ऐसे समय में स्वास्थ्य मंत्रालय को हस्तक्षेप कर के मास्क, इत्यादि की कीमत को नियंत्रित करना होगा। जब देश ऐसे माहौल से गुजर रहा हो, ऐसे समय में दुकानदारों का कीमतें बढ़ाना सरासर अनैतिकता है। सीमा मिश्रा कहती हैं कि मैं भी ग्राहकों के हितों के लिए काम करने वाली एक कार्यकर्ता हूँ। मैंने खुद भी 10 दुकानों पर जाकर रेट पता किए हैं और पाया कि दुकानदार एमआरपी (MRP) से ज्यादा पैसे ले रहे हैं। या फिर कहा जा रहा है कि उनके पास मास्क उपलब्ध नहीं है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब सभी नागरिकों को सुरक्षित बनाने के लिए काम होना चाहिए तो उसकी जगह ब्लैक मार्केटिंग और मुनाफाखोरी, जमाखोरी हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन जी मास्क और सैनिटाइजर की कीमतों को रेगुलेट करें और जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें बहुत लोग नहीं जानते कि हमारी भारत सरकार एक महीने से अधिक समय से कोरोना वायरस को भारत में प्रवेश करने से रोकने पर काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दैनिक अपडेट के अनुसार, वे एक मजबूत आकस्मिक योजना के साथ तैयार हैं जिसमें 21 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग, संगरोध शिविर, समर्पित अस्पताल वार्ड और चिकित्सा भंडार शामिल हैं। मेरा मानना है कि भारत इस संकट से निपटने लिए अच्छी तरह से तैयार है। अगर सरकार मास्क और सैनिटाइज़र की आपूर्ति, मूल्य निर्धारण और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए हस्तक्षेप करके एक कदम आगे बढ़ जाती है, तो इससे डर पर लगाम लगेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय तुरंत कार्रवाई करे। मैं तुरंत सरकार तक पहुंचने का इरादा रखती हूं। आपलोगों के हस्ताक्षर मुझे मंत्री जी को मनाने में मदद करेगी। कोरोना वायरस ने संवेदना को लालच का मास्क पहना दिया है, सैनिटाइजर सोना बन गया है तो मास्क चांदी मीडिया के अनुसार मास्क और सैनिटाइजर की जमाखोरी हो रही है। 10 का माल 40 में बिक रहा है। एन 95 मास्क, जो लगभग 150 रुपये में बिक रहे थे, 500 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं।  अगर कुछ मुट्ठी भर लोग मिलकर देशवासियों को लूटने का दुस्साहस कर सकते हैं, तो देश की जनता भी एकजुट होकर इसका मुँहतोड़ जवाब दे सकती है। इसीलिए हमने ये हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।डॉक्टरों के मुताबिक कुछ सावधानी बरतने से इस वायरस से बचा जा सकता है, पर इसके आने के बाद आपको वॉट्सऐप पर दर्जनों मैसेज आए होंगे, ज्यादातर डराने वाले मैसेज ही होंगे। हम कोशिश कर रहे हैं कि डर नहीं, विश्वास फैले। हमारा साथ दें।हमारे अभियान को अपने वॉट्सऐप पर शेयर करें ताकि लोगों का डर कम हो। हम मिलकर इस बीमारी से लड़ेंगे और जीतेंगे, बिना मास्क और सैनिटाइजर के दुगने पैसे दिए।

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