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शुक्रवार, 20 मार्च 2020

जमशेदपुर की बेटियों ने कहा 7 साल की जगह 7 मिनटों में होनी चाहिए थी फांसी

निर्भया के दोषियों को फांसी मिलने की खुशी पूरा देश मना रहा है. जमशेदपुर की बेटियों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सात साल की जगह सात मिनटों में ही होनी चाहिए थी फांसी.
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जमशेदपुर (आर्यावर्त संवाददाता)  देर से ही सही देश की बिटिया निर्भया को सात सालों के बाद न्याय मिल गया. देश को झकझोर कर रख देने वाली निर्भया गैंग रेप केस में चारों दोषियों को शुक्रवार की सुबह फांसी दी गई. दोषियों को फांसी पर लौहनगरी की बेटियों ने कहा फांसी देने में देरी हुई है. ऐसे अपराधियों को सात साल की जगह सात मिनटों में ही फांसी मिलनी चाहिए थी. 2012 में दिल्ली में हुए सनसनीखेज निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले के चार दोषियों को फांसी दी गई. दोषियों के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने डेथ वारंट जारी कर दिया था. दुष्कर्म के चारों गुनहगारों को शुक्रवार की सुबह फांसी मिल गई. न्यायालय के इस फैसले पर बेटियों ने कहा ऐसे मुजरिमों के कारण घर से निकलने में डर लगता है. माता-पिता बेटियों को घर से बाहर भेजने में डरते हैं. उन्होंने कहा अहले सुबह टीवी पर दोषियों की फांसी की जानकारी मिलने पर उन्हें काफी खुशी हुई. बहरहाल इस फैसले से देश में एक नया इतिहास रचा जाएगा.

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