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रविवार, 5 अप्रैल 2020

मधुबनी : राजस्थान से पैदल चले 200 मजदूर पहुंचे मधुबनी

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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) : राजस्थान से 200 प्रवासी मजदूर आज सुबह मधुबनी पहुचे। कोरोना वायरस संक्रमण बहुत बड़ी चुनोती मधुबनी जिले को हो गयी है। जोधपुर से मधुबनी जिले के राजनगर पहुंचने पर उनमें से एक मजदूर ने किया खुलासा। वहीं, इनसबने लॉक डाउन का पालन नही करते हुए पहुच गए मधुबनी पहुँचे। पूरे देश मे कोबिड-19 संक्रमण को देखते हुए पूरे देश प्रदेशों में लॉक डाउन की घोषणा होते ही प्रदेशो सभी कल कारखाने, फैक्ट्रीरिया, ऑफिस में ताले लटकने लगे। उसी दौरान इन बिहार के मजदूरों, वर्करों के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ सा टूट पड़ा है। सभी मजदूर दिल्ली पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, मुम्बई, राजस्थान के जोधपुर से अपना बोरिया-विस्तरा समेत लेकर रातो-रात भागे। कितनी लाठी-डण्डे खाए, और भूखे-प्यासे सिर पर बोरिया-बिस्तर लेके भागे। राजस्थान के जोधपुर से 15 मजदूर मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड के भगवानपुर पहुचे। उनसे पूछे जाने पर आना-कानि कर रहे थे। उन्ही में से किसी मजदूर ने तो बताया की राजस्थान से कुछ दूर आगे निकल कर जहाँ चेक पोस्ट बना था, उस जगह डियूटी तैनात कुछ ग्रामीण पुलिस एवं ग्राम रक्षा दल टीम एव एक मजिस्ट्रेट नियुक्त थे। वहा सभी मजदूर को रोका और उनसे नाम पता पूछा तो अपना नाम मो० आरिफ ने बताया। उसने बताया की वो जोधपुर से आ रहे हैं। लॉक डाउन के वजह से कम्पनी बन्द हो गया। काम काज बन्द होने पर मालिको ने कहा तुम लोग घर जाओ। हम सभी प्रांजल प्राईवेट में कढ़ाई, बुनाई, सिलाई की फैक्ट्री में थे, जहाँ बिहार के सैकड़ों मजदूर रहते थे। बन्द होने कोई सहारा नही मिला, तो लगभग दो सौ मजदूर वहा से पलायन कर गए। रातों-रात ऊपर बाले के ऊपर सब छोड़ वह वहां से चल पड़े। जोधपुर पुलिस ने बताया बॉडर के पास से बिहार की बस सेवा बिहार सरकार के द्वारा दिया गया है, तुम लोग चले जाओ। लेकिन वहा से कोई सुविध नही था। किसी तरह कानपुर पहुचे और वहां से गोपालगंज तक एक बस में सवार होकर पहुँचे। उसके बाद सड़क रास्ते से मधुबनी जिले के सकरी तक बस से पहुँचे। वहा से सुबह छः बजे से पैदल चले ओर यहां तक आएं। उन्होंने बताय छः दिनों के सफर काफी मस्कत करनी पड़ी। उन्होंने अपना नाम-मो० आरिफ, पता-बाबूबरही तेरहौता बताया। साथ मे लभगभ 15 लोगो की टीम बना कर चल रहे। सभी गाँव तेरहौता एव आस पास के ही थे, जो बाबूबरही थाना क्षेत्र में पड़ता है। जाँच टीम के द्वारा पूरा पता नाम मोबाईल नम्बर ले कर उसे छोड़ दिया गया।

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