बिहार : प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मसौढ़ी के स्वास्थ्यकर्मिंयों पर गाज गिरना निश्चित - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

बिहार : प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मसौढ़ी के स्वास्थ्यकर्मिंयों पर गाज गिरना निश्चित

पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अन्दर स्पष्ट करें कि क्यों नहीं उक्त लापरवाही एवं उदासीनता के लिए आपको चयन मुक्त कर दिया जाय। जिलाधिकारी कार्यालय, पटना के गोपनीय शाखा के ज्ञापांक 3536 दिनांक 19.04.2020 स्वास्थ्य प्रबंधक,प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मसौढ़ी,प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मसौढ़ी को प्रेषित 
action-pch-masaudhi-bihar
पटना,20 अप्रैल (आर्यावर्त संवाददाता) । प्रातःकाल घुमने वाले लोग लॉकडाउन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस सड़क पर निगरानी करती हैं और गांवघर में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का धज्जियां उड़ाते रहते हैं। ऐसी लगातार शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन ने राजधानी पटना की निगरानी के लिए ड्रोन का सराहा लिया है। अब दस ड्रोन कैमरों से पटना में लॉकडाउन की निगरानी कराई जा रही है। इस दौरान पुलिस उल्लंघन करनेवालों से सख्ती से पेश आ रही है। जो बिना पास या बिना वजह के सड़कों पर तफरी करते पकड़े जा रहे हैं या ड्रोन की नजर में आ रहे हैं, उनपर जुर्माना के साथ-साथ थ्प्त् भी की जा रही है। राजधानी पटना में कोरोना वायरस के बढ़ते हुए खतरे को लेकर जिला प्रशासन ने रविवार से ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। रविवार को पटना के डीएम और एसएसपी की उपस्थिति में इसकी शुरूआत हुई। अवसर पर पटना के डीएम कुमार रवि ने कहा कि पटना जिला में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की निगरानी  के उदेश्य से इसकी शुरूआत की गई है। जो कि महत्वपूर्ण जगहों पर विशेष रुप से निगरानी रखेगी। उन्होंने कहा कि 10 ड्रोन को अभी इस काम में लगाया गया है। इसको लेकर महत्वपूर्ण लोकेशनों को चिन्हित कर लिया गया है। कई लोगों पर तो लॉकडाउन उल्लंघन में थ्प्त् दर्ज की गई है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि गली-मुहल्लों की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। उन इलाकों पर ड्रोन से पैनी नजर रखी जा रही है जहां पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे इलाकों में लॉकडाउन उल्लंघन नजर आने पर तुरंत पुलिस को भेजा जा रहा है और कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल दस ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक ड्रोन से ढाई किलो मीटर के क्षेत्र में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जाएगी। जहां पर यह काम करेगा वहां पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले लोगों पर ड्रोन से मिले फुटेज के आधार पर कार्रवाई होगी। पटना जिला प्रशासन द्वारा जिन इलाकों को ड्रोन से निगरानी के लिए चिन्हित किया गया है उसमें दानापुर, सचिवालय, पटना शहर का डाक बंगला चैराहा, गांधी मैदान के अलावा पटना का राजेंद्र नगर और फुलवारी शरीफ इलाका भी शामिल है साथ ही पटना सिटी बाईपास की भी निगरानी ड्रोन के जिम्मे होगी। 

ग्रामीण इलाकों की बात करें तो पटना जिला का बाढ़ अनुमंडल, मसौढ़ी अनुमंडल और पालीगंज प्रखंड मे ड्रोन की निगरानी होगी। अभी तक पटना में सात कोरोना पीड़ित मरीज की पहचान हो चुकी है। इसके बाद से पटना में कोरोना को लेकर सख्ती बरती जा रही है।एम्स पटना में रविवार को 53 लोगों का स्क्रीनिंग में पांच लोग आशंकित पाए गए हैं। जिन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर जांच के लिए सैंपल लिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि एम्स के आइसोलेशन वार्ड में 10 लोग भर्ती हैं। ड़ॉ. नीरज अग्रवार ने बताया कि खजपुरा की पॉजिटिव महिला का इलाज एम्स पटना के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। नोडल अधिकारी महिला की हालत स्थित है। पांच दिनों बाद महिला के सैंपल की दोबारा जांच होगी।बीते कुछ दिनों से पटना में कोरोना संक्रमण का नया मामला नहीं मिलने तथा पहले के मरीजों के स्वस्थ होने के कारण ऐसा लग रहा था कि यहां संक्रमण की चेन टूट चुकी है, लेकिन शनिवार को फिर नया मामला मिल गया। साथ ही शुक्रवार को कोरोना से मरे वैशाली के युवक के पटना में करीब सवा सौ लोगों से संपर्क की बात भी सामने आई। इसके बाद एक बार फिर यहां कोरोना का खतरा गहराता दिख रहा है। बढ़ते खतरे को देख अब प्रशासन ने यहां ड्रोन  से लॉकडाउन की निगरानी शुरू कर दी गई है। रविवार को जिलाधिकरी ने इसका निरीक्षण भी किया। एम्स पटना में रविवार को 53 लोगों का स्क्रीनिंग में पांच लोग आशंकित पाए गए हैं। जिन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर जांच के लिए सैंपल लिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि एम्स के आइसोलेशन वार्ड में 10 लोग भर्ती हैं। ड़ॉ. नीरज अग्रवार ने बताया कि खजपुरा की पॉजिटिव महिला का इलाज एम्स पटना के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। नोडल अधिकारी महिला की हालत स्थित है। पांच दिनों बाद महिला के सैंपल की दोबारा जांच होगी। बीते कुछ दिनों से पटना में कोरोना  संक्रमण का नया मामला नहीं मिलने तथा पहले के मरीजों के स्वस्थ होने के कारण ऐसा लग रहा था कि यहां संक्रमण की चेन टूट चुकी है, लेकिन शनिवार को फिर नया मामला मिल गया। साथ ही शुक्रवार को कोरोना से मरे वैशाली के युवक के पटना में करीब सवा सौ लोगों से संपर्क की बात भी सामने आई। इसके बाद एक बार फिर यहां कोरोना का खतरा गहराता दिख रहा है। बढ़ते खतरे को देख अब प्रशासन ने यहां ड्रोन  से लॉकडाउन की निगरानी शुरू कर दी गई है। रविवार को जिलाधिकरी ने इसका निरीक्षण भी किया। इस बीच पटना जिले के जिलाधिकारी कुमार रवि ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखतु हुए राज्य सरकार द्वारा द एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट ,1897 की धारा-2 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लाॅकबंदी करने का आदेश दिया गया है। इस क्रम में कोरोना वायरस के संक्रमण एवं फैलाव को रोकने हेतु हाउस-टू -हाउस सर्वें कराने का निदेश दिया गया है परन्तु आपके द्वारा उक्त कार्य में कोई अभिरूचि नहीं ली जा रही है एवं दिनांक 18.04.2020 तक का प्रतिवेदन संतोषजनक नहीं पाया गया। आपका यह कृत्य काफी खेदजनक एवं बिल्कुल ही अपेक्षित नहीं है। आपदा जैसे अतिसंवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतना कार्यों के प्रति घोर लापरवाही एवं,उदासीनता का घोतक है एवं सरकारी कर्मीं के आरचरण के प्रतिकूल है। अतः पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अन्दर स्पष्ट करें कि क्यों नहीं उक्त लापरवाही एवं उदासीनता के लिए आपको चयन मुक्त कर दिया जाय। जिलाधिकारी कार्यालय, पटना के गोपनीय शाखा के ज्ञापांक 3536 दिनांक 19.04.2020 स्वास्थ्य प्रबंधक,प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मसौढ़ी,प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मसौढ़ी को प्रेषित है। 

कोई टिप्पणी नहीं: