कोरोना वायरस प्रभावित सीवान, बेगूसराय नवादा और नालंदा जिले के गांव में स्क्रीनिंग - Live Aaryaavart

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बुधवार, 15 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस प्रभावित सीवान, बेगूसराय नवादा और नालंदा जिले के गांव में स्क्रीनिंग

भारत ने जन सहयोग से चेचक और पोलियों को खात्मा करने में कामयाबी हासिल कर ली है. इस बार भी जन सहयोग से सामाजिक दूरी बनाकर वैश्विक महामारी नोवल कोरोना को नियंत्रित करने में सफल होंगे. बिहार सरकार ने डोर टू डोर जाकर स्क्रिनिंग करने का निश्चय किया है. अपना बिहार प्रथम राज्य है जो 16 अप्रैल से डोर टू डोर जाकर स्क्रिनिंग करने का अभियान शुरू हो जाएगा----
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पटना,14 अप्रैल. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि हमलोग करीब आठ हजार गांवों में जाकर डोर टू डोर स्क्रीनिंग करेंगे। कोरोना वायरस प्रभावित सीवान, बेगूसराय नवादा और नालंदा जिले के गांव में स्क्रीनिंग होगा. अबतक मिले 66 पाॅजिटिव केस के एपि सेंटर मानकर उसके 3 किलोमीटर की दूरी तक वाले क्षेत्र के गांवों में स्क्रीनिंग करेंगे. 1 से 23 मार्च तक विदेशों से आये लोगों के गांव के में स्क्रीनिंग करेंगे. बिहार में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच रविवार का दिन राहत देने वाला रहा. लेकिन उसके बाद सोमवार को फिर दो कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 66 रही. वहीं, अबतक 29 पॉजिटिव मरीज स्वस्थ होकर अपने घर भी चले गए. राज्य में अभी तक 6676 सैंपल की जांच की गई है. बता दें कि बिहार में अब तक मात्र एक व्यक्ति की कोरोना के कारण मृत्यु हुई है.

बिहार सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए चार प्रमुख जिले सीवान, बेगूसराय, नवादा और नालंदा के आठ हजार गांवों के घर-घर स्क्रीनिंग करायेगी.पल्स पोलियों की तर्ज पर इन जिलों में 1 से 23 मार्च तक विदेशां से आये और कोरोना पॉजिटिव पाये जाने वाले मरीजों के घर से तीन किलोमीटर की रेडियस के सभी गांव और घरों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की खोज की जायेगी. देश में पहली बार आरंभ हो रहा यह अभियान 16 अप्रैल से शुरू होगा. कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित कर ऐलान किया कि तीन मई तक लॉकडाउन रहेगा. उन्होंने लॉकडाउन में ढील के बजाय और सख्ती का संदेश दिया. 20 अप्रैल तक हर थाने, हर जिले, हर राज्य को बारीकी से परखा जाएगा. जो हॉटस्पॉट नहीं बढ़ने देंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी चीजों में छूट की अनुमति दी जा सकती है. बिहार के 11 जिलों में कोरोना का मामले सामने आये हैं, जिनमें सीवान राज्य का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन कर उभरा है.

मालूम हो कि कतर से लौटे मुंगेर निवासी एक मरीज की मौत इलाज के दौरान 21 मार्च को पटना एम्स में हो गयी थी. कतर से लौटे कोरोना मरीज के संपर्क में 64 व्यक्ति आये थे. इनमें से 55 लोगों के नमूने जांच के लिए आरएमआरआई में भेजे गये थे. इनमें से 11 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी. बिहार में अब तक 7727 कोरोना संदिग्ध नमूनों की जांच की जा चुकी है. वहीं, कोरोना संक्रमित 27 मरीज ठीक हो गये हैं. बिहार के 11 जिले प्रभावित है.गोपालगंज में 03, पटना में 05, सीवान में 29, लखीसराय में 01, नालंदा में 03, गया में 05,नवादा में 03, मुंगेर में 07,भागलपुर में 01,बेगूसराय में 08 और सारण में 01 कोरोना पाॅजिटिव है। कुल 66 पाॅजिटिव है। इसमें 29 ठीक हो गया है और 01 की मौत हो गयी है। चार जिलों में पिछले सात दिनों में मामला सामने आया है. वहीं पांच जिले ऐसे हैं जहां पांच-पांच कोरोना के मरीज मिले हैं और तीन जिलों में एक-एक मामला सामने आया है. बिहार में कोरोना संक्रमण के अब तक सीवान में सबसे अधिक 29 मामले, बेगुसराय में आठ, मुंगेर में सात, पटना एवं गया में पांच-पांच, गोपालगंज में तीन, नालंदा और नवादा में तीन तथा सारण, लखीसराय एवं भागलपुर में एक-एक मामला सामने आया हैं. गौरतलब है कि ओमान से लौटे सीवान निवासी एक  मरीज के संपर्क में बीते दिनों आने से अब तक 24 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है. जब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र,धनरूआ की मेडिकल टीम के सदस्यों को भागने को मजबूर होना पड़ा. मेटिकल टीम के सदस्यों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एक आवेदन पत्र लिखा है. उन्होंने आवेदन पत्र में उल्लेख किया है कि डाक्टर संजीव कुमार आलोक और डाक्टर धर्मेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम नदवा गये थे. फील्ड विजिट के दौरान लगभग 40-50 आदमी जमा हो गया और झगड़ा करने पर उतारू हो गये. इस बीच लोग एसडीएम मसौढ़ी को फोन लगाकर गुस्सा में बात किया और हमलोग पर आक्रामक हो गये. उसके बाद हमलोग वहां से भाग खड़े हुए.नहीं तो हो सकता था कि हमलोगों पर अटैक कर देता. अंत में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से निवेदन कि हमलोगों को सुरक्षा प्रदान करने का कष्ट करें. इस आवेदन में हस्ताक्षर करने वालों में डाक्टर संजीव कुमार आलोक, डाक्टर धर्मेन्द्र कुमार सिंह, ए.एन.एम. नीलम कुमारी,मेरीकुट्टी जौर्ज और पूनम कुमारी हैं.

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