बिहार : गरीबों का मसीहा संतोष पुलिस की मार से सोया मृत्यु के आगोश में - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

बिहार : गरीबों का मसीहा संतोष पुलिस की मार से सोया मृत्यु के आगोश में

नगर के कई संगठनों ने बिहार सरकार और बिहार डिलिपि से लगाई उच्चस्तरीय जाँच की माँग।
criminal-killed-begusaray
अरुण शाण्डिल्य (बेगूसराय) जिले में एक सामाजिक कार्यकर्ता जो कि गरीबों के लिए मसीहा ही था।मसीहा युवक संतोष शर्मा की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद जिलावासियों में शोक की लहर छा गई है।कई संगठनों ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए तीव्र भर्त्सना की है।घटना बेगूसराय अंतर्गत नावकोठी थाना क्षेत्र के छतौना निवासी प्रभु शर्मा का पुत्र संतोष शर्मा उम्र लगभग 25 वर्ष है।इस संबंध में बिहार विश्वकर्मा काष्ठ शिल्पी विकास समिति ने मुख्यमंत्री व बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डे से उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।समिति के प्रदेश महासचिव राम भरोश शर्मा ने अपने पत्र के माध्यम से पुलिस पर आरोप लगाया है कि विगत 05 अप्रैल को नावकोठी थाने की पुलिस अकारण ही मृतक संतोष शर्मा को पकड़ लिया और बेरहमी से उसकी पिटाई की।उन्होंने जारी पत्रांक संख्या 84/2020 में बिहार सरकार को बताया है कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर हमेशा शोषितों, वंचितों,पीडितों व गरीब के लिए आवाज बुलंद करता था।सामाजिक स्तर पर मसीहा के रूप में उनकी पहचान थी।उन्होंने पत्र में बताया है कि गरीबों पर जुल्म होते ही वह प्रखर तरीके से आवाज उठाते थे। श्री शर्मा ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व बीरपुर थाना के थाना प्रभारी के खिलाफ भी उसने आंदोलन किया था जिसके कारण एक षड्यंत्र के तहत उसको पुलिस ने उठाया और जमकर पिटाई की।जिसकी खबर फैलते ही सामाजिक लोगों के दबाव में आकर पुलिस ने उसे छोड़ा लेकिन पिटाई के कारण बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।स्थिति बिगड़ने पर 17 अप्रैल की रात्रि में पीएमसीएच के लिए उसे रेफर किया गया जहाँ जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।उन्होंने जारी पत्र में दावा किया कि निश्चित रूप से नावकोठी थाना की पुलिस के टॉर्चर से ही उनकी मृत्यु हुई है।उन्होंने घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए सरकार को आगाह किया कि सुशासन की सरकार में पुलिस द्वारा की गई बर्बरता कलंक के समान है तथा सरकार से अनुरोध किया है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जाँच करायी जाए तथा दोषी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उस पर उचित कार्यवाही की जाए।वहीं जदयू के तकनीकी प्रकोष्ठ के जिला-अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार उर्फ़ पप्पू ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता के भावनात्मक विचार की सजा इतनी भयानक होगी जानकर आश्चर्य होता है।उन्होंने एक ऑडिओ क्लिप की चर्चा करते हुए दुःख जताया कि उसी से स्पष्ट होता है कि उनकी कितनी बेरहमी से पिटाई की गई होगी।उन्होंने बताया कि पिटाई के बाद उनका लिवर डैमेज हो गया था और वह अंदर से टूट गया था।उन्होंने प्रदेश के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की कार्यशैली पर भरोसा जताते हुए कहा कि अनेकों बार उनके द्वारा उचित कारवाई की गई है।उनके कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए ही उनसे भी गुहार लगाई गई है।दूसरी तरफ बेगूसराय जिला व्यवसाई सुरक्षा वाहिनी ने लॉक डाउन का पालन करते हुए एक बैठक आयोजित की।बैठक में घटना की तीव्र भर्त्सना के साथ ही पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार को ज्ञापन सौंपकर एसआईटी गठित कर जाँच में आए दोषियों को सजा दिलाने की माँग किया है।उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि घटना में पुलिस ने पीड़ित परिवार को संवेदना व्यक्त करने और सांत्वना के बजाय उल्टे बांड लिखा कर धमकी दिया है कि घटना का उजागर करने पर पूरे परिवार का यही हश्र किया जाएगा।बैठक में पीएमसीएच के कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठाया है।उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय अस्पतालों में भी मौत होने के बाद पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया,यह भी एक विचारणीय मुद्दा है।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब लाश बेगूसराय आया तो यहाँ भी कोई व्यवस्था नहीं की गई और उल्टे दूसरे ही दिन घरवालों पर दबाव बनाकर आनन फानन में लाश का दाह संस्कार करवा दिया गया।बैठक में उपस्थित सदस्यों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना की गई।मौके पर संघ के जिला अध्यक्ष आलोक कुमार अग्रवाल,राजकुमार,गोपाल प्रसाद सोनी,विजय पासवान,गौतम साह एवं देव कुमार देव आदि मौजूद थे।इस बाबत हेडक्वाटर डीएसपी कुंदन कुमार सिंह से भी घटना की विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं करने के कारण स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका।

कोई टिप्पणी नहीं: