बिहार : ईसाई समुदाय का दुखभोग चलरहा है - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

बिहार : ईसाई समुदाय का दुखभोग चलरहा है

ईसाई समुदाय लाॅकडाउन के कारण चर्च में नहीं जाएंगे बल्कि कोरोना के कारण कोना में बैठकर मोबाइल से धार्मिक समारोह का रस्म अदायगी करेंगे...... 
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पटना,01 अप्रैल । ईसाई समुदाय का दुखभोग चल रहा है। जो अंतिम चरण में है। 5 अप्रैल को पाम संडे है। मंडे से होली वीक शुरू होगा। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण माता कलीसिया के नेतृत्व करने वाले लोगों ने चर्च का द्वार बंद कर दिया है। वहीं उनलोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। इंटरनेट के माध्यम से यू ट्यूब पर पवित्र सप्ताह का धार्मिक समारोह को लाइव प्रसारण किया जा जाएगा। रोमन कैथोलिक कैथेडल बांकीपुर से पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा का, दरभंगा से फादर , बेतिया के धर्माध्यक्ष पीटर सेवेस्टीयन गोबियस , आसनसोल से फादर का जीवंत प्र्रसारण होगा।  संपूर्ण लाॅकडाउन के बीच में संपूर्ण ईसाई समाज प्रभु यीशु ख्रीस्त की भक्ति में लीन हैं आने वाले हफ्ते के कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। ईसाई समाज का दुखभोग राख बुधवार 26 फरवरी से शुरू हुआ था। 40 दिवसीय उपवास और परहेज गुड फ्राइडे 10 अप्रैल तक चलेगा। पटना महाधर्मप्रांत के प्रवक्ता फादर अमल राज ने कहा कि कहा कि 5 अप्रैल को पाम संडे है। इस अवसर पवित्र मिस्सा का जीवंत प्रसारण होगा। उस दिन वैश्विक महामारी कोरोना के काल के गाल में समा गए लोगों और अन्य पीड़ितों के लिए प्रार्थना की जाएगी....... इस समय भक्तगण उपवास और परहेज रख रहे हैं। इस बीच कोरोना के कारण सरकार ने संपूर्ण लाॅकडाउन की घोषणा कर रखी है। इसके आलोक में चर्च के द्वार बंद कर दिया गया है। लाॅकडाउन के कारण धार्मिक कार्य भक्तगण घर पर ही कर रहे हैं। पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा का कहना है कि हमलोग दुखभोग की अवधि में हैं। हमारे लोगों की आध्यात्मिक जरूरतों की चिंता भी साथ में है। हमलोग महामारी को नियंत्रित करने के लिए 21 दिनों के लिए लॉकडाउन में हैं। भक्तगण पवित्र सप्ताह के दौरान धार्मिक समारोह मेेें भाग नहीं ले सकेंगे। किसी तरह का कार्यक्रम में गिरजाघर में आकर हिस्सा नहीं ले सकते हैं। आध्यात्मिक उपासना और संस्कारों के अनुशासन में रहकर धर्म मण्डली के निर्देशों का संदेश दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि बिशप के पास क्रिसम मास को स्थगित करने का अधिकार है। क्रिसम मास में पवित्र तेल का निर्माण होता है। जो विभिन्न संस्कारों में उपयोग किया जाता है। जिसे स्थगित कर दिया है। धार्मिक मण्डली के प्रीफेक्ट कार्डिनल रॉबर्ट सारा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि पवित्र गुरुवार का समारोह सूर्यास्त से शुरू होता है और ईस्टर रविवार को सूर्यास्त के बाद समाप्त होता है।  बता दें कि प्रभु यीशु ख्रीस्त स्वयं की परीक्षा लेने जंगल में गए थे। इस दौरान प्रभु यीशु ख्रीस्त 40 दिन और 40 रात भूखे-प्यासे रहे। इस बीच उनके पास शैतान आकर प्रतिज्ञा तोड़ने का प्रयास भी किया। पर वह शैतान अपनी कोशिश में नाकामयाब हुआ। और प्रभु येसु ख्रीस्त मजबूती से मुखर होकर निकले। उन्हीं के स्मरण में क्रिश्चियन समुदाय 40 दिनों तक उपवास और परहेज किया करते हैं। राख बुधवार 26 फरवरी से शुरू हो गया है। इस दिन से समाज के लोग प्रार्थना द्वारा प्रभु येसु ख्रीस्त के दुखभोग एवं पुनरुत्थान को याद करते हैं। चालीस दिनों से इस दिन यानी पाम संडे को प्रभु येसु ख्रीस्त का आगमन येरुसलेम नगर (इसराइल) में होता। उनके स्वागत में लोगों ने खजूर की डालियां लहराई थीं। पवित्र सप्ताह के गुड फ्राइडे का समारोह पटना महाधर्मप्रांत के निवास स्थान पर स्थित कैथेड्रल में होगा।  धार्मिक मंडली ने कहा है कि विश्वव्यापी आपदा में परेशान लोगों के लिए प्रार्थना की जाए। विशेषकर बीमारों को मौत के गाल में समा जाने वाले मृतकों की आत्मा शांति के एक इरादा को जरूर शामिल होना चाहिए और जो खोए हुए और निराश महसूस करते हैं। ईस्टर विजिल केवल कैथेड्रल और पैरिश चर्च में पेश किया जा सकता है। यह कहते हैं कि सजग शुरुआत की सतर्कता के दौरान आग की तैयारी और प्रकाश व्यवस्था को छोड़ दिया जाता है। पास्का कैंडल जलाई जाती है। ईस्टर उद्घोषणा (एक्ससल्सेट) इस प्रकार है। छोटे समूहों में धार्मिक समुदायों के लिए जश्न मनाने की अनुमति दे रहा हूं। हम लिटर्जिकल सेलिब्रेशन को लाइव प्रसारण करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे घरों में इंटरनेट प्रसारण के माध्यम से देखते हुए प्रार्थना करें। कोरोना वायरस (कोविड 19) के कारण उत्पन्न वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा सरकार के निर्देशों का सम्मान करते हुए और आधात्मिक उपासना के लिए कलीसिया के मार्गदर्शन के अनुसार लोगों की आध्यात्मिक जरूरतों को समझते हुए, पटना महाधर्मप्रान्त आने वाले 05 अप्रैल (खजूर रविवार): सुबह 7ः00 बजे,9 अप्रैल (पुण्य बृहस्पतिवार),प्रभु के भोज का आयोजन: संध्या 6ः00 बजेपवित्र युखरिस्त की आराधना: संध्या 7ः30-8ः30,10 अप्रैल (पुण्य शुक्रवार),क्रूस रास्ता: संध्या 3ः00 बजे,पुण्य शुक्रवार की धर्मविधि: संध्या 4ः00 बजे,11 अप्रैल, पुण्य शनिवार,पास्का जागरण: रात्रि 10.00 बजे,12 अप्रैल (पास्का रविवार) और पास्का रविवार का मिस्सा: सुबह 7.30 बजे।मुख्य समारोही पुरोहित: आर्चबिशप विलियम डिसूजा, येसु समाजी होंगे। https://youtu.be/wPd-6dVEQbY पर देखा जा सकता है।

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