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बुधवार, 1 अप्रैल 2020

सरकार तब्लीग कार्यकर्ताओं की पहचान और क्वारन्टीन के लिए प्रतिबद्ध

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नयी दिल्ली 31 मार्च, केन्द्र सरकार ने आज कहा कि वह तब्लीग जमात के कार्यकर्ताओं की पहचान करने , उन्हें अलग करने और क्वारन्टीन करने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि निजामुद्दीन के मरकज़ से अब तक जमात के 1339 कार्यकर्ताओं को दिल्ली के नरेला, सुल्तानपुरी और बक्करवाला क्वारन्टीन केंद्र तथा एलएनजेपी, आरजीएसएस, जीटीबी, डीडीयू अस्पतालों और एम्स झज्जर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इनमें से बाकी की संक्रमण के लिए चिकित्सकीय रूप से जांच की जा रही है। मंत्रालय ने कहा है कि तेलंगाना में कोरोना के संक्रमण के 19 मामले सामने आते ही गत 21 मार्च को सभी राज्यों के साथ देश में मौजूद जमात कार्यकर्ताओं का विवरण साझा किया गया। इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य कोरोना से संक्रमित जमात कार्यकर्ताओं की पहचान करना और उन्हें अलग करके क्वारन्टीन करना था जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश जारी किये थे। इस बारे में गुप्तचर ब्यूरो की ओर से भी 28 और 29 मार्च को पुलिस महानिदेशकों को पत्र लिखे गये। 21 मार्च को आन्ध्र प्रदेश में 24, तमिलनाडु 125, महाराष्ट्र 115, तेलंगाना 82, कर्नाटक 50, पश्चिम बंगाल 70, उत्तर प्रदेश 132, झारखंड 38 , हरियाणा 115, ओडिशा 11, मध्य प्रदेश 49 और राजस्थान में 13 विदेशी तब्लीग कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बीच निजामुद्दीन के मरकज़ में रहने वाले जमात कार्यकर्ताओं को भी राज्य के अधिकारियों और पुलिस ने मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए अनुरोध किया और 29 मार्च तक, लगभग 162 जमात कार्यकर्ताओं को चिकित्सकीय रूप से जांचा गया तथा क्वारन्टीन केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया। आमतौर पर देश में आने वाले तब्लीग़ जमात से जुड़े सभी विदेशी नागरिक पर्यटक वीजा पर आते हैं। गृह मंत्रालय द्वारा पहले से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार जमात के इन विदेशी कार्यकर्ताओं को पर्यटक वीजा पर मिशनरी काम में शामिल नहीं होना चाहिए। इस संबंध में सभी राज्य पुलिस इन सभी विदेशी जमात कार्यकर्ताओं के वीजा की श्रेणियों की जांच करेगी और वीजा शर्तों के उल्लंघन के मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। भारत में अक्सर इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड , नेपाल, म्यांमार , बंगलादेश , श्रीलंका और किरगिस्तान के लोग तब्लीग गतिविधियों के लिए आते हैं।

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