बिहार : चार पॉजिटिव मरीजों को निगेटिव परिणाम आने की उम्मीद - Live Aaryaavart

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रविवार, 5 अप्रैल 2020

बिहार : चार पॉजिटिव मरीजों को निगेटिव परिणाम आने की उम्मीद

बिहार से अच्‍छी खबर आई है। चार पॉजिटिव मरीज निगेटिव घोषित हुए। इससे लॉकडाउन के बाद मानसिक तनाव से जूझने वालों को राहत मिलेगी। कोरोना महामारी को मात देने वालों में दीघा से अनिता विनोद ,फुलवारी शरीफ से राहुल कुमार,पटना सिटी निवासी से फैयाज अहमद और खेमनीचक से पिंकी कुमारी नामक नर्स।ऐसा होने से कोरोना योद्धाओं को बुस्टर डॉज मिल रहा हैं...

पटना,05 मार्च । कोरोना वॉयरस के चंगुल से आजाद हुई हैं बिहार की पटना (दीघा) निवासी अनिता विनोद। वह पॉजिटिव से निगेटिव होने वाली पहली महिला हैं।

पॉजिटिव से निगेटिव होने वाली पहली महिला : अनिता विनोद
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एम्स पटना में भर्ती कोरोना वायरस से संक्रमित महिला अनिता विनोद (45 वर्ष) पूरी तरह से स्वस्थ हो गई हैं। यह महिला पिछले शनिवार 21 मार्च  को अपना जांच कराने एम्स पहुंची थी। रविवार 22 मार्च को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें एम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। दीघा पोलसन में एक अपार्टमेंट में रहने वाली अनिता नेपाल से आठ मार्च को पटना लौटी थी। वहीं वे कोरोना की चपेट में आ गई थीं। उनका पुत्र 13 मार्च को इटली से लौटा था। पुत्र ने अपने-आपको होम क्वारंटाइन में रखा हुआ है। वह भी पूरी तरह से स्वस्थ है। एम्स आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ नीरज अग्रवाल ने कहा कि महिला की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पूरे एक सप्ताह तक उनकी हालत कभी नहीं नहीं बिगड़ी। वार्ड में वह पूरी तरह सामान्य थीं। अपना दैनिक कार्य, खाना-पानी सब सामान्य रूप से ले रही थीं। उनके लिए कोई खास दवा का इस्तेमाल भी नहीं किया गया। सात दिनों में कोरोना यानि कोविड-19 के प्रति उनमें प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गया।  दूसरी बार रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। किसी तरह की परेशानी होने पर उन्हें तत्काल अस्पताल से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है। अगले सात दिन और उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। अनिता विनोद कोरोना से पीड़ित होने वाली और स्वस्थ्य होने वाली राज्य की पहली महिला हैं। इसका इलाज करने वाले एम्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार बताते हैं कि अगर कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है तो उससे घबराने की जरूरत नहीं है। आपको धैर्य और सावधानी बरतनी होगी  और जांच के बाद अपने चिकित्सक की बात माननी पड़ेगी। आप इस बीमारी से मुक्ति पा सकते हैं। डॉक्टर नीरज ने ट्रैवेल हिस्ट्री से कोरोना से संक्रमित महिला का इलाज करने वाली चिकित्सकों की टीम में थे। अनिता पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनके इलाज के बारे में डॉक्टर ने बताया कि जब अनिता एम्स पहुंची तो काफी घबराई हुई थी, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने डॉक्टरों को पूरा सहयोग दिया। बातचीत में अपनी ट्रेवल हिस्ट्री बताई। दरअसल वह काम के सिलसिले में नेपाल गई थीं और वहां से लौटने पर बीमार हुईं। इसके आधार पर हम एम्स के डाक्टरों ने उनका सैंपल जांच के लिए भेजा। पॉजिटिव रिपोर्ट सुनकर अनिता काफी डर गई थीं। हम डॉक्टरों ने नर्सिंग स्टाफ और यहां तक सफाई कर्मियों को शामिल कर उनके इलाज का एक प्लान बनाया। प्लान के तहत जब राउंड पर हम अनिता के पास पहुंचे तो पहले उनको मेंटली इलाज में सहयोग देने के लिए आश्वस्त किया, समझाया कि वह कोरोना से लड़ाई में अकेली नहीं हैं। पूरा एम्स उनके साथ है। इसका असर दिखा और अगले ही दिन उनकी घबराहट आत्मविश्वास में बदल गई। प्लान के तहत उन्होंने डॉक्टरों की हर सलाह को गंभीरता से लिया। हमने उनकी डाइट, खानपान, डिप्रेशन, शुगर, हृदय गति, धड़कन, ब्लड प्रेशर पर नजर रखी। कोरोना के इलाज को एम्स और आइसीएमआर द्वारा जारी की गाइडलाइन के मुताबिक दवाएं दी गईं। इस दौरान जब दो सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई तो हम सभी का आत्मविश्वास भी बढ़ गया और इलाज के दसवें दिन तीसरी सैंपल जांच के निगेटिव आने पर वे कोरोना मुक्त करार दी गईं। आज अनिता विनोद को घर-परिवार संग देखकर हम खुश होते हैं। डॉ. नीरज कुमार कहते हैं कि कोरोना संक्रमण की मारक क्षमता सिर्फ 5 फीसद ही है। लेकिन, यह बीमारी इतनी तेजी से पांव पसारती है कि संक्रमित व्यक्ति उल्टा-सीधा इलाज शुरू कर देता है। जबकि मेडिकल गाइडलाइन का पालन कर घर में रहकर इससे बचाव किया जा सकता है। जिन्हें संक्रमण हो गया है उन्हें भी घबराने की जरूरत नहीं। इससे लडऩे के लिए मनोबल ऊंचा रखना चाहिए।  प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को प्रोटीन, विटामिन-सी, अंडा, संतरा, पपीता जैसे फलों का सेवन करना चाहिए। खाली पेट रहने से कोरोना की मारक क्षमता बढ़ सकती है। इसलिए खाली पेट नहीं रहना चाहिए। रोजाना कम से कम तीन लीटर स्वच्छ पानी पीएं। सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ हो तो जरूरी नहीं कि यह कोरोना है। लेकिन, ऐसे लक्षण होने पर जांच जरूर करवाएं। दीघा पोलसन में एक अपार्टमेंट में रहने वाली अनिता विनोद ने कहा कि मैं एक क्रिश्चियन हूं। मेरे पास पवित्र बाइबिल था।एम्स पटना में एकांतवास के समय पवित्र बाइबिल पढ़ती रही,जो निदान में सहायक सिद्ध हुआ।दवा-दारू-दुआ काम आया। बिहार में भी मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। हालांकि इस क्रम में अब एक अच्छी ख़बर है। पटना के एनएमसीएच में भर्ती एक छात्र कोरोना से जंग जीत गया है।दरअसल स्कॉटलैंड में कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग कर रहे फुलवारीशरीफ निवासी राहुल कुमार को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद एनएमसीएच में भर्ती कराया गया था।राहुल ने अब कोरोना को हरा दिया है और उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

संक्रमण से पीड़ित राहुल कुमार की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव
पटना के एनएमसीएच में पिछले 10 दिनों से भर्ती कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित राहुल कुमार की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राहुल को 14 दिनों के होम क्वारंटाइन करते हुए उसे एंबुलेंस से फुलवारीशरीफ स्थित उसके घर भेज दिया गया। कोरोना को हराने के बाद राहुल के चेहरे पर जीत की खुशी साफ दिखी।इसके बाद राहुल ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस बीमारी का डटकर मुकाबला करने की जरुरत है।राहुल ने कोरोना वायरस से पीड़ित और उससे संक्रमित मरीजों से संयम बरतने की अपील करते हुए डॉक्टरों की हर सलाह को मानने की भी अपील की है।वहीं, राहुल के पूरी तरह स्वस्थ होकर उसके घर लौटने से एनएमसीएच के चिकित्सक भी काफी उत्साहित हैं। बता  दें कि राहुल ने देखा और सुना कि विश्वभर में कोरोना का कहर बरकरार है,तो उसने स्कॉटलैंड से लौटना चाहा।स्कॉटलैंड से मुम्बई पहुंचा। वहां पर स्क्रीनिंग करने से उसमें राहुल पास हो गया। मुम्बई से पटना आने के दरम्यान खाड़ी देशों के लोगों के संपर्क में आ गए। पटना में आते ही वह स्क्रीनिंग कराएं। इस बार कोरोना के संदिग्ध में आ गया। इसके बाद  तबीयत बिगड़नी शुरू हो गयी थी, इसके बाद उसे पटना एम्स में बीते 20 मार्च को भर्ती कराया गया था। 21 मार्च को सर्दी खांसी और बुखार की शिकायत पर उसकी कोरोना जांच कराई गई, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर 22 मार्च को राहुल को एनएमसीएच स्थित संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पिछले 10 दिनों से उसका इलाज जारी था। पिछले चार-पांच दिनों से उसकी स्थिति में काफी सुधार होने पर जब एनएमसीएच के चिकित्सकों ने उसकी कोरोना जांच कराई तो उसकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गयी।2 दिन बाद फिर से उसकी कोरोना जांच कराई गई तो दूसरी सैंपल जांच में भी रिपोर्ट निगेटिव मिला।डॉक्टरों ने उसके स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी है।

दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद फैयाज अहमद डिस्‍चार्ज 
कोरोना पॉजिटिव पाए गए एक और शख्‍स ने बीमारी पर जीत हासिल की है। गुजरात से लौटे पटना सिटी निवासी फैयाज अहमद को NMCH से छुट्टी दे दी गई है। वह रेलवे में काम करते हैं, उन्‍हें 24 मार्च को एडमिट किया गया था। दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्‍हें डिस्‍चार्ज किया गया है। फिलहाल उन्‍हें 14 दिन तक होम क्‍वारंटीन में रहना होगा।  बिहार से अच्‍छी खबर आई है। चार पॉजिटिव मरीज निगेटिव घोषित होने से लॉकडाउन के बाद मानसिक तनाव से जूझने वालों को राहत मिलेगी। कोरोना महामारी को मात देने वालों में दीघा से अनिता विनोद ,फुलवारी शरीफ से राहुल कुमार,पटना सिटी निवासी से फैयाज अहमद और खेमनीचक से पिंकी देवी हैं। पॉजिटिव से निगेटिवने होने की सफलता में कोरोना योद्धाओं को बुस्टर डॉज मिल गया हैं गुजरात के रेलवे इंजीनियरिंग सेक्शन में पदस्थापित रेल कर्मचारी पटना सिटी के बटाऊ कुआं निवासी फैयाज अहमद ने भी आखिरकार कोरोना (Corana) से जिंदगी की जंग जीत ली।एनएमसीएच (NMCH) में पिछले 9 दिनों से भर्ती कोरोना वायरस से पीड़ित फैयाज अहमद (Fayaz Ahmad) की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।  फैयाज अहमद को 14 दिनों के होम क्वारंटाइन को लेकर उसे एंबुलेंस से बटाऊ कुआं स्थित उसके घर भेज दिया गया। फैयाज बिहार का तीसरा पॉजिटिव मरीज है जिसने कोरोना पर फतह प्राप्त की है। कोरोना से जंग जीत लेने से खासे उत्साहित फैयाज अहमद ने आम लोगों से कोरोना से बिल्कुल भी नहीं घबराने की अपील करते हुए उनसे इस बीमारी का डटकर मुकाबला किए जाने की अपील की है।फैयाज अहमद ने कोरोना वायरस से पीड़ित और उसे संक्रमित मरीजों से संयम बरतने की अपील करते हुए डॉक्टरों की हर सलाह को मानने की भी गुजारिश की है। कोरोना से जंग जीत लेने से खासे उत्साहित फैयाज अहमद ने आम लोगों से कोरोना से बिल्कुल भी नहीं घबराने की अपील करते हुए उनसे इस बीमारी का डटकर मुकाबला किए जाने की अपील की है। फैयाज अहमद ने कोरोना वायरस से पीड़ित और उससे संक्रमित मरीजों से संयम बरतने की अपील करते हुए डॉक्टरों की हर सलाह को मानने की भी गुजारिश की है। इस मौके पर फैयाज अहमद का कहना था कि कोरोना से डरने की नहीं बल्कि उससे लड़ने की जरूरत है। उनका कहना था कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी समस्या पर काबू पाया जा सकता है।फैयाज अहमद ने कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉकडाउन अभियान को भी पूर्ण सफल बनाने की लोगों से अपील की है। फैयाज अहमद ने इस दौरान डॉक्टरों को भगवान का रूप करार देते हुए अपने सफल इलाज को लेकर एनएमसीएच के डॉक्टरों के प्रति विशेष आभार  प्रकट किया है। गौरतलब है कि गुजरात से अपने घर लौटने के बाद सर्दी खांसी और बुखार की शिकायत होने पर फैयाज अहमद को पटना सिटी के चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान बीते 24 मार्च को डॉक्टरों ने कोरोना के लक्षण पाए जाने पर उसे बेहतर इलाज के लिए एनएमसीएच रेफर कर दिया था।आरएमआरआई में कोरोना के सैंपल जांच में फैयाज अहमद की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी।

शक के दायरे में नर्स पिंकी कुमारी निगेटिव
रामकृष्णनगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक स्थित शरणम हॉस्पिटल की महिला कर्मी पिंकी कुमारी नर्स की इलाज के बाद हुई दूसरी जांच रिपोर्ट भी शुक्रवार को निगेटिव प्राप्त हुई है। एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. निर्मल कुमार सिन्हा ने बताया कि महिला कर्मी को नेत्र रोग विभाग स्थित आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। उसके बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। गाइडलाइन के अनुसार महिला कर्मी को चौदह दिनों तक घर में ही क्वारंटाइन रहते हुए परिवार से दूरी बनाए रखनी होगी।

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