चाईबासाः क्वॉरेंटाइन सेंटर में पीपीई किट का अभाव, स्वास्थ्यकर्मियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ - Live Aaryaavart

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शनिवार, 4 अप्रैल 2020

चाईबासाः क्वॉरेंटाइन सेंटर में पीपीई किट का अभाव, स्वास्थ्यकर्मियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर पूरा विश्व सतर्कता बरत रहा है. कई जिलों में कई जगह क्वॉरेंटाइन सेंटर भी बनाए गए हैं लेकिन पश्चिम सिंहभूम जिले में स्थित बनाए गए दो क्वॉरेंटाइन सेंटर में सेवा दे रहे डॉक्टर और नर्स के पास सुरक्षा के लिए पीपीई किट नहीं है.
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चाईबासा (आर्यावर्त संवाददाता) झारखंड में कोरोना के खिलाफ जंग दिन प्रतिदिन तेज हो रही है. इस कार्य में सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है, दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मचारियों को जरूरी सुरक्षात्मक सुविधा नहीं दे पा रहा है. कुछ ऐसी ही स्थिति यहां देखी गई है. जानकारी के अनुसार पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित दो क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन क्वॉरेंटाइन सेंटर में मरीजों को सेवा दे रहे डॉक्टर और नर्सों के पास सुरक्षा के लिहाज से केवल मास्क, हैंड सैनिटाइजर और हैंड ग्लब्स दिए गए है, लेकिन सबसे जरूरी पीपीई किट नहीं दी गई है. ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों को खुद संक्रमित होने का डर भी सता रहा है. चाईबासा के पताहातू में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर में अपनी सेवा दे रहे डॉक्टर और नर्स को अस्पताल प्रबंधन द्वारा ग्लब्स, हैंड सैनिटाइजर और मास्क ही उपलब्ध कराया जा सका है, जिसका इस्तेमाल करके सभी स्वास्थ्यकर्मी अपना सेवा देने को मजबूर है. क्वॉरेंटाइन सेंटर में सेवा दे रहे डॉक्टर ने बताया कि पाताहातु क्वॉरेंटाइन सेंटर में फिलहाल 75 लोगों को लाया गया है, जिनकी पूरी देखभाल की जा रही है. क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती लोगों को समय समय पर नाश्ता, भोजन और दवाएं दी जा रही हैं. पीपीई किट की उपलब्धता नहीं होने के कारण स्वास्थ्यकर्मी सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कर अपनी सेवा दे रहे हैं. क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती मरीजों को भोजन दवाई उपलब्ध करवाने के बाद स्वास्थ्यकर्मी हैंड ग्लब्स, मास्क फेंक कर दूसरा इस्तेमाल किया करते हैं. डॉक्टरों को भी लगता है संक्रमण का डर डॉक्टर बताते हैं कि संक्रमण का डर उन्हें भी लगता है लेकिन अपनी ड्यूटी की मजबूरी में वे निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. सिविल सर्जन से पीपीई किट की मांग की गई है, लेकिन अभी तक पीपी किट उपलब्ध नहीं करवायी जा सकी है. किट उपलब्ध होने के बाद स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट उपयोग करेंगे. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह की लापरवाही की जा रही है, जिससे क्वॉरेंटाइन सेंटर में सेवा दे रहे स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं

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