दीघा थाना क्षेत्र में दीघा मंडी सब्जी दुकानदारों के कारण ही जाम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 5 अप्रैल 2020

दीघा थाना क्षेत्र में दीघा मंडी सब्जी दुकानदारों के कारण ही जाम

दीघा थाना क्षेत्र में है दीघा मंडी । यहां सब्जी दुकानदारों के कारण ही जाम की स्थिति बन जाती है। सो जिला प्रशासन द्वारा समय के अंतराल में रोड पर से अतिक्रमण हटा दिया जाता है। उनके जाने के बाद पुनः दुकान सजने लगी।जो पहले से होते आया है वह आज भी हुआ। पटना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार ,पटना के समाहर्ता कुमार रवि, पटना के वरीय आरक्षी अधीक्षक आदि आकर वैश्विक महामारी कोरोना के बारे में विस्तार बताया और संपूर्ण लॉकडाउन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग करना है। इसका पालन करना ही करना है.....
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पटना,04 मार्च। संपूर्ण लॉकडाउन का नौवां दिन है।आज इंदिरा गांधी आर्यविज्ञान संस्थान में तीन पॉजिटिव मरीज मिला है।इसके साथ में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 30 हो गयी है। आज वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में दीघा थानान्तर्गत दीघा हाट पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत ही यहां पर सब्जी बेचने की नसीहत दुकानदारों को दिए।वहीं सब्जी बिक्री करने वालों का कहना है कि पटना नगर निगम स्थल की व्यवस्था कर दें। हमलोग वहीं पर जाकर सब्जी बेचेंगे। ऐसा होने से रोड पर अतिक्रमण नहीं होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो जाएगा। सर्वविदित है कि दीघा सब्जी मंडी में भीड़ का साम्राज्य कामय रहता है। यह सिलसिला ग्रामीण वातावरण में ही है। बाद में नगर वातावरण में आ गया है। बता दें कि दीघा सब्जी मंडी पहले दीघा ग्राम पंचायत के अंदर में था। अब वह पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में है। दीघा थाना क्षेत्र में ही दीघा हाट है। यहां के पुलिस को हरियाली सब्जी खाने का शौक है। दीघा थाना पुलिस ने तरकीब निकाली। दीघा हाट के क्षेत्र से बाहर जो लोग रोड पर सब्जी बेचते मिलते थे। उनसे सब्जी वसूली करने लगे। जो आज भी जारी है। हां आलाधिकारियों के दबाव पड़ने पर ताकत प्रदर्शन करते थे। स्थिति सामान्य होने पर आदत से मजबूर पुलिस कंधे पर गन तानकर थैली में सब्जी बटोरने लगते हैं। इसकी शिकायत जब रामकृपाल विधायक/सांसद थे तब की जाती रही है। कुछ दिनों तक रामकृपाल यादव की पहल पर सब्जी बटोरना बंद हो जाती थी। पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में है वार्ड नम्बर-1 । इस वार्ड की वार्ड पार्षद छठिया देवी है। वह भी दीघा हाट पर घरेलू समान और सब्जी खरीदारी करती हैं। कुछ दिन पहले मछली भी बिकती थी। अब बंद करके अन्यत्र बेची जाती है। इससे थोड़े ही अतिक्रमण मुक्त दीघा हाट हो सकेगा। कई दशकों से अतिक्रमण और रोड पर सब्जी बेचने का सिलसिला जारी रहा तो पटना के जिलाधिकारी और यातायात एसपी ने जिम्मा लिया। यहां पर घेराबंदी करायी गयी। इस घेराबंदी को लोग लक्ष्मण रेखा कहने लगे। लोहे और रस्सी से घेराबंदी किया गया। इसके बाहर आकर सब्जी नहीं बेचना था। इसको कामयाब बनाने के उद्धेश्य से यातायात पुलिस तैनात कर दिया गया । कुछ दिनों तक अतिक्रमण मुक्त दीघा हाट बन गयी। इससे लोगों को भीड़ से निजात मिली। अब तो रस्सी गायब है और लोहे में अंधेरे को दूर भगाने के लिए बिजली का बल्ब लगा दिया गया। एक बार मंगलवार को दीघा हाट को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चला। यहां से बुलडोजर जाने के बाद ही सड़क पर सब्जी बिक्री तेज हो गयी। रोड पर टोकरी सजाकर सब्जी बिक्री शुरू कर दी गयी। आज बुधवार को सामान्य दिनों की तरह सड़क पर भीड़ और जाम की स्थिति बनी रही। पटना-दीघा-दानापुर मुख्य मार्ग पर जाम का सिलसिला जारी है। यहां पर कई मिशनरी और निजी विघालय है। टेम्पो और बस चलती है। अब तो गंगा सेतु की वजह से भी भीड़ बढ़ गयी है। इसी के कारण लोग परेशान होने लगे हैं। सब्जी बिक्री करने वालों का कहना है कि पटना नगर निगम स्थल की व्यवस्था कर दें। हमलोग वहीं पर जाकर सब्जी बेचेंगे। ऐसा होने से रोड पर अतिक्रमण नहीं होगा। पटना-दीघा-दानापुर मुख्य मार्ग पर जाम का सिलसिला जारी है। यहां पर कई मिशनरी और निजी विघालय है। टेम्पो और बस चलती है। अब तो गंगा सेतु की वजह से भी भीड़ बढ़ गयी है। इसी के कारण लोग परेशान होने लगे हैं। सब्जी बिक्री करने वालों का कहना है कि पटना नगर निगम स्थल की व्यवस्था कर दें। हमलोग वहीं पर जाकर सब्जी बेचेंगे। ऐसा होने से रोड पर अतिक्रमण नहीं होगा। सब्जी दुकानदारों के कारण अतिक्रमण होने से जाम की स्थिति बन जाती थी। सो जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाया गया। उनके जाने के बाद पुनः दुकान सजने लगी।पटना।  इसमें जिला प्रशासन भी दोषी है,जो सब्जी विक्रेताओं को उचित जगह देने में नाकामयाब हुआ है। उसी तरह दीघा थाना की पुलिसकर्मी भी हैं। इनके द्वारा झोली लेकर सब्जी बटोरने का कार्य किया जाता रहा है। मजे की बात है कि जो सड़क किनारे दुकान सजाते हैं उनसे ही सब्जी बटोरते हैं। इसका मतलब है कि सीधे तौर पर पुलिसकर्मी ही सड़क किनारे दुकान सजाने के लिए सब्जी लेकर प्रोत्साहित करते हैं। जब पुलिसकर्मियों द्वारा नाले पर दुकान सजाने वालों से भी सब्जी बटोरने का प्रयास किये तब दुकानदारों ने विरोध दर्ज करते हैं। दुकानदार मामला तब के सांसद और अब के मंत्री रामकृपाल यादव के समक्ष पहुंचा देते हैं। समय के अन्तराल में दुकानदार ने सड़क के दोनों किनारे दुकान लगाने लगे। इसका परिणाम यह निकला कि सदैव मार्ग जाम होने लगा। एक तो करैला तीत है दूसरे चढ़े नीम पर कहावत चरितार्थ होने लगी। बताते चले कि पटना-दीघा-दानापुर मुख्य मार्ग पर मिशनरी और निजी विघालय संचालित है। इनके पास लम्बे-चौड़े वाहन है। इसके अलावे टेम्पों,मिनी बस और निजी वाहन भी है। लगातार चलते रहने से दीघा हाट पर जाम की स्थिति बन जाती है। जो जिला प्रशासन और स्थानीय थाना दीघा के लिए सिरदर्द साबित होने लगा। यातायात विभाग ने लक्ष्मण रेखा भी निर्धारित कर रखा है। इसके अंदर ही रहकर सब्जी बेचना है। जबतक खार्की वर्दी तैनात रहे तबतक लक्ष्मण रेखा के अंदर रहकर सब्जी बेचा गया। जैसे ही खार्की वर्दीधारियों को हटा लिया गया,वैसे ही अतिक्रमण करके हाफ रोड तक पैर पसार दिये। जो घातक साबित होने लगा।  सब्जी खरीदने वाले छोटे वाहन लेकर आते हैं। उनको वाहन स्ट्रैण्ड करके की व्यवस्था नहीं है। ऐसे लोग सड़क पर ही वाहन लगाकर सब्जी खरीदने चले जाते हैं। उनके आगमन तक जाम लगा रहता है। इस बीच बच्चे बिलाबिलाने लगते हैं। एम्बुलैंस ड्राइवर हॉर्न बजा बजाकर थक जात हैं।  इसके आलोक में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चला। जो सब्जी विक्रेताओं के बीच में दहशत कर पाने में कामयाब रहा। जैसे ही खाकी वर्दीधारी पलटे कि सब्जी विक्रेता दुकान सजाने लगे। जरूरी है दुकानदारों को स्थायी ठौर मिले। जहां पर जाकर रोजगार कर सके। ऐसा नहीं करने से सड़क पर जाम बरकरार रहेगा।  अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का कहना है कि जिला प्रशासन ने घंटाभर के समय दिये थे। मिले समय में झोपड़ी और पोलिथिन को हटाने में सफल हो गये। इसके बाद फल और सब्जियों को भी हटा दिये। वैसे तो काफी नुकसान नहीं हुआ और न किसी तरह का अत्याचार ही किया गया। सब कुछ सामान्य ही चला। दीघा पोस्ट ऑफिस वाली खाली जगह पर दुकान सजाने को बोला गया है। जो वाजिब जगह नहीं है। पोस्ट ऑफिस वाली सड़क पर जलजमाव रहता है। जलनिकासी व्यवस्था नहीं रहने के कारण सालभर गंदे पानी का जमाव रहता है। तब लोग उसी खाली जगह से आवाजाही करते हैं। अगर दुकान सज जायेगी तो आवाजाही करने में दिक्कत होने लगेगी। 

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