बिहार : जनप्रिय शिक्षक नेता,विधायक की 707वीं स्मृति दिवस पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाई गई - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

बिहार : जनप्रिय शिक्षक नेता,विधायक की 707वीं स्मृति दिवस पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

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अरुण शाण्डिल्य (बेगूसराय) शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति के तत्वधान में सुखदेव सभागार सर्वोदयनगर में शिक्षकों के मसीहा वासुदेव बाबू की 07वीं स्मृति दिवस मनाई गई।जिसकी अध्यक्षता शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर निगम के उपमेयर राजीव रंजन ने कहा कि वासुदेव बाबू बेगूसराय के राजनीति क्षेत्र के मंचों के मंजे हुए एक राजनेता के साथ शिक्षकों के मसीहा,गरीबों,दलितों,पिछड़ों,निःसहाय एवं अभावग्रस्त जनों के सच्चे साधक भी थे। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ० सुरेश राय ने कहा कि वासुदेव बाबू बेगूसराय के शैक्षणिक और राजनीतिक पटल पर सुलझे हुए मसीहा थे।वे विचारों से मार्क्सवादी और भाव से गांधीवादी थे।वह बेगूसराय के आमजनों के अभिभावक,शुभचिंतक और मार्गदर्शक भी थे।उनके असामयिक मृत्यु से शिक्षा जगत में शून्यता आ गई है। इस शून्यता को भरने के लिए निकट भविष्य में कोई संभावना नहीं दिखाई दे रहा है।ऐसे पूर्व विधान पार्षद वासुदेव बाबू को संगठन की ओर से शत-शत नमन है। माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि वासुदेव बाबू राजनीतिक परिवेश में एक सुलझे हुए नेता थे।वे आमजनों के बीच मस्त मौला फकीर की तरह जीवन यापन करते थे।वह हमेशा विधान परिषद या अन्य के बीच बुनियादी सवाल किया करते थे।शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वासुदेव बाबू का जन्म 18 जनवरी 1932 बेगूसराय जनपद के बासुदेवपुर चांदपुरा में हुआ था।वह पक्के मार्क्सवादी नेता और शिक्षकों के सहयोगी थे। वे 1988 से 1992 तक बेगूसराय विधानसभा के विधायक पद को भी सुशोभित किए वो भी बेदाग,निष्कलंकता पूर्वक।वासुदेव बाबू जब तक विधायक रहे अपने क्षेत्रों का दौरा अपने सायकिल से ही करीब रहे,ये कभी अपने विधायक होने का पावर रौब किसी गरीब,मजलूमों पर नहीं बल्कि उनके समस्याओं के सामाधान के लिए इस्तेमाल करते रहे।जिन्होंने अपने फंड का पैसा और खुद की तनख्वाह भी दलित मजदूरिन,निःसहायों में वियर्न करए रहे।1999 से मृत्यु पर्यंत दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद भी रहे।विधान परिषद में हमेशा शिक्षकों की समस्या को तब तक उठाते रहे जब तक की समस्या का हल ना हो जाए।इस अवसर पर वासुदेव बाबू के तैल चित्र पर माल्यार्पण और विचार व्यक्त करने वालों में डॉ चंद्रशेखर चौरसिया,आलोक कुमार,ज्ञान चंद्र पाठक,अजय कुमार, अभिषेक पाठक,छात्र नेता शुभम कश्यप,निलेश कुमार, नाथो साव,राजेन्द्र महतो (अधिवक्ता),अनिकेत,अनन्या गौतम,तुसाल पाठक आदि कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हो माल्यार्पण किये।इस कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया।

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