बिहार : जांच में दोषी पाये जाने पर उनका निलंबन तो हो गया, गिरफ्तारी कब होगी! - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

बिहार : जांच में दोषी पाये जाने पर उनका निलंबन तो हो गया, गिरफ्तारी कब होगी!

इस मामले में बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि कृषि पदाधिकारी के खिलाफ जांच चल रही है। उनके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज है। उन्होंने विभागीय सचिव को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसके बाद कृषि सचिव ने अधिकारी के स्थानांतरण की अनुशंसा की थी। उसके आधार पर उन्हें मुख्यालय बुलाया गया है......
when-officer-punish
पटना, आखिरकार जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार निलम्बित हो गये। उन पर चैकीदार को प्रताड़ित करने का गंभीर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के बाद उक्त पदाधिकारी को प्रमोशन दिने जाने के बाद अररिया को चैकीदारों में काफी आक्रोश हो गया था। चैकीदार संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सबी को उम्मीद थी कि सरकार आरोपी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेगी लेकिन सरकार ने तो पदाधिकारी को प्रमोशन देकर स्थानांतरित कर दिया। तब कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि कृषि पदाधिकारी के खिलाफ जांच चल रही है। उनके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज है। उन्होंने विभागीय सचिव को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसके बाद कृषि सचिव ने अधिकारी के स्थानांतरण की अनुशंसा की थी। उसके आधार पर उन्हें मुख्यालय बुलाया गया है। अंततः आज निलम्बित कर दिया गया। 

आखिर क्या मामला था!
बिहार के अररिया जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान एक चैकीदार से कान पकड़कर उठक-बैठक कराकर वहां के कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार सुर्खियों में आ गए हैं। जिला कृषि पदाधिकारी को लॉकडाउन में सड़क पर देख चैकीदार ने उनसे पांस की मांग की, जिससे उन्हें गुस्सा आ गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद कार्रवाई के आश्वासन के बीच उनका स्थानांतरण कर उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे के आदेश पर वीडियो में दिख रहे अररिया के एक एएसआई गोविंद सिंह को सस्पेंड किया गया था। लेकिन इस पूरे प्रकरण के मुख्य दोषी को दंडित करने की बजाए प्रमोशन मिलना बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अररिया के चैकीदारों ने कहा कि सरकार के इस कदम से सभी चैकीदारों का मनोबल टूट गया है। इस कार्रवाई के बाद सभी चैकीदार अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। पीड़ित चैकीदार को न्याय दिलाने के लिए सभी चैकीदार सोमवार से अपने आवास पर पूरे परिवार के साथ लॉक डाउन का पालन करते हुए उपवास पर बैठें। उन्होंने कहा कि जब तक चैकीदार को न्याय नहीं मिलेगा हमारा आंदोलन लगातार जारी रहेगा। हाल ही में अररिया के कृषि पदाधिकारी के होमगार्ड के एक जवान से उठक-बैठक कराए जाने को लेकर बवाल मच गया था। अब एक खबर के मुताबिक, उन्हीं कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को प्रमोशन देकर उप-निदेशक बना दिया गया है। इसको लेकर सियासी घमासान भी तेज होने लगा है। हालांकि, इस मामले में बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा है कि संबंधित अधिकारी को प्रमोशन नहीं दिया गया है, बल्कि उन्हें दंडित किया गया है। आरोपित मनोज कुमार को फिलहाल पटना बुलाया गया है। कृषि पदाधिकारी के समकक्ष ही उपनिदेशक के पद पर पटना में सिर्फ ट्रेनिंग का जिम्मा सौंपा गया है। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि जांच की कार्रवाई प्रभावित ना हो इस कारण से उन्हें अररिया से हटाया गया है। प्रेम कुमार ने कहा कि उन पर जब एफआईआर हो चुकी है तो प्रमोशन का सवाल ही नहीं उठता है। जांच में उनपर लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो न सिर्फ उन्हें निलंबित किया जाएगा, बल्कि उनपर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। 

कोई टिप्पणी नहीं: