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शुक्रवार, 8 मई 2020

बिहार : बिना क्वरेंटाइन तथा स्क्रीनिंग के गांव आने वालों की सूचना प्रशासन को दें : मोदी

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पटना (आर्यावर्त संवाददाता) उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पहले दौर की टेली कान्फ्रेंसिंग वार्ता के समापन पर बताया कि विगत 40 दिनों में कोरोना संकट से मुकाबले के लिए 19 अलग-अलग सत्रों में कुल 27 घंटे 38 मिनट तक टेली कान्फ्रेंसिंग के जरिए भाजपा के सांसदोें, विघायकों, जिला, मंडल व प्रखंड अध्यक्षों के साथ ही पंचायत स्तर पर शक्ति केन्द्र प्रभारी के रूप में काम करने वाले कुल 11,124 कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उनसे प्राप्त सुझावों के आधार पर विभिन्न राहत योजनाओं के कार्यान्वयन व समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार की ओर से पहल की गई। सुशील मोदी ने भाजपा के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं से अपील की है कि बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति अगर बिना क्वरेंटाइन व स्क्रीनिंग के गांव में प्रवेश करे तो वे अविलम्ब मुखिया के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को सूचित करें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। राज्य सरकार ने 07 मई तक 1 करोड़ 86 लाख घरों में संक्रमण के लक्षणों की पहचान का सर्वेक्षण कार्य पूरा लिया है। पूरे राज्य में 3,232 ब्लाॅक क्वरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं, जहां बाढ़ राहत शिविर के तर्ज पर सभी को गमछा, मास्क, थाली, कटोरा,मग, तीन समय के भोजन, बच्चों के लिए दूध पावडर, सीसीटीवी कैमरा व चिकित्सा आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। क्वरेंटाइन पूरा कर घर जाने वालों को 500 रुपये और जिन्हें किराया लगा है उन्हें किराया के साथ न्यूनतम एक हजार रुपये देने का सरकार ने निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में विदेशों से आए लोगों और बाद के दिनों में तब्लीगी जमात के कारण संक्रमण का फैलाव हुआ तो अब ट्रेनों के माध्यम से बड़ी संख्या में अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रवासियों के कारण चुनौती उत्पन्न हुई है। अभी तक करीब 80 से अधिक ट्रेनों के जरिए करीब एक लाख से ज्यादा प्रवासी बिहार आ चुके हैं। राज्य में पीपीई किट, मास्क, सेनेटाइजर आदि की कोई कमी नहीं है। टेली कान्फ्रेंसिंग के इन सभी सत्रों में अलग-अलग दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल, मंत्री डा. प्रेम कुमार, नन्दकिशोर यादव, मंगल पाण्डेय आदि भी उपस्थित रहे।

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