झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 30 मई - Live Aaryaavart

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शनिवार, 30 मई 2020

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 30 मई

नेशनल हाईवे के स्पीड ब्रेकर पर बनाएं संकेतक

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कालीदेवी। नेशनल हाईवे पर कालीदेवी बस स्टैंड के पास राजगढ़ की ओर से आ रहे मार्ग पर रोड निर्माण कंपनी ने स्पीड ब्रेकर पर संकेतक बनाये।  स्पीड ब्रेकर पर संकेतक नहीं होने से हो  रही दुर्घटना के मद्देनजर शुक्रवार को हाईवे कंपनी के कर्मचारियों ने आकर राजगढ़ की ओर से आने वाले मार्ग पर सफेद ऑयल पेंट से स्पीड ब्रेकर पर संकेतक बनाया जिससे दूर से आने वाले वाहनों को स्पीड ब्रेकर होने का पहले से ही पता लग जाए यहां स्पीड ब्रेकर पर संकेतिक नहीं होने से आए दिन दुर्घटना का भय बना रहता था वाहन चालको को स्पीड ब्रेकर नहीं दिखने से वाहन भी स्पीड से निकलते थे जिससे जोर से आवाज आती थी जिसके कारण आसपास रहने वाले रहवासियों के मन में भी भय बना रहता था निर्माण कंपनी ने 8 मार्च को स्पीड ब्रेकर को दुरुस्त किया था उसके बाद से ही संकेतक नहीं बनाया गया था जिससे वाहन चालक गच्चा खा रहे थे वही एक के पीछे एक लाइन लगाकर आने वाले वाहनों में आगे के वाहन द्वारा अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे आने वाले वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे थे संकेतक लगने से अब यहां चालको को दूर से ही स्पीड ब्रेकर दिख जाएगा जिससे वह धीमी गति से अपने वाहनों को निकालेंगे जिससे दुर्घटना होने की संभावना कम रहेगी।

जैन गुरुभगवंतो की वैयावच्च के बारे में आईजा अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री को भेजा संदेश
कोरोना की महामारी की रोकथाम में व्यस्त गृहमंत्री अनिल देशमुख ने संदेश के प्रत्युत्तर में दिया आश्वासन 
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थांदला। आज पुरा विश्व कोरोना महामारी से ग्रस्त है । भारत भी इस वैश्विक महामारी में गंभीर दौर से गुजर रहा है ।  भारत की आथिर्क राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र प्रदेश में कोरोना संकट दिन प्रतिदिन गंभीर रुप ले रहा है । लोकडाउन की इस गंभीर परिस्थितियों में जंहा एक तरफ सब अपने घरों में बंध है ।  ऐसी विकट परिस्थिति में हमेंशा धर्म एंव गुरु भगवंतों के बारे में उनकी वैयावच्च के बारे मे सदैव जागृत रहने वाले ओल इन्डिया  जैन जर्नलिस्ट एशोशियेशन के स्थापक अध्यक्ष हार्दिक जी हुंडिया ने जैन साधु साध्वी जी को गोचरी (भिक्षा) हेतु बाहर निकलने की परवानगी के लिए एक संदेश महाराष्ट्र के गृहमंत्री श्री अनिल देशमुख जी को लिखा इस संदेश  में हार्दिक जी ने जैन साधु साध्वी जी एंव जैन धर्म के नियमों के बारे में देशमुख साहेब को अवगत कराते हुए कहा की यह महात्मा अपने धर्म के लिए संसार की भौतिकता का त्याग करते है। उनके पास केवल दो जोड़ी कपडे और भिक्षा (गोचरी)के पात्र रहते है । धर धर जाकर उनको अपने  भोजन पानी की व्यवस्था करनी होती है । महाराष्ट्र की राजनीति में जिनकी सक्रियता प्रथम स्थान पर है ऐसे महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख जी जो इन दिनों राज्य में फैल रहे कोरोना वायरस को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है । मुंबई और महाराष्ट्र के संवेदनशील एरिया का वे खुद दौरा करके हालात का जायजा ले रहे है ऐसी व्यस्त परिस्थिति में भी उन्होंने हार्दिक जी हुंडिया के संदेश का उनके व्यस्त  सिड्यूल में भी  तुरंत प्रत्युत्तर  देते  हुए उन्होंने अपने उतर में धर्म का सम्मान करते हुए कहा कि कोरोना एक संक्रमित बिमारी है जो कीसी को भी और कंही पर भी हो शकती है  , वर्तमान में महाराष्ट्र और मुंबई में इस बिमारी ने उग्र रुप पकड़ लिया है, ऐसी परिस्थिति में साधु महात्माओं के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता रखनी अपनी फर्ज है । इसके साथ साथ उंन्होने यह भी आश्वासन दिया की जैन साधु साध्वीजी ओं के भोजन पानी की व्यवस्था जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार करेगी। यह बात बताते हुए आईजा  अध्यक्ष हार्दिक जी हुंडिया ने बताया की महाराष्ट्र सरकार के गृहमंत्री अनिल देशमुख साहब के इस आश्वासन का में समस्त जैन समाज की और से आभार प्रकट कर रहा हुं । अंत्यत गंभीर दौर में भी मानवता एंव धर्म के प्रति उदार भावना रखने वाले महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल जी देशमुख  सच्चे प्रजापालक है। हार्दिक हुँड़िया ने देश के तमाम जैन संघो की अनुमोदना करते हुये कहा है कि जैन साधु साध्वीजी महाराजाओ की  वैयावच्च के बारे में हर संघोने अनमोल व्यवस्था की है ।

थांदला नगर परिषद अध्यक्ष वार्ड 15 का निरीक्षण कर जनता से मिले समस्याओं का त्वरित निराकरण करवाया

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थांदला। जिस तरह  कोरोना संक्रमण में  नगर परिषद अध्यक्ष  बंटी डामोर  अपने अलग अंदाज में नजर आ रहे थे  उसी दरमियां आज वार्ड क्रकिमांक 15 ऋतुराज कॉलोनी में वार्ड पार्षद पीटर बवेरिया के साथ संपूर्ण वार्ड का निरीक्षण किया और आमजन से चर्चा के दौरान उनकी समस्याओं को जाना जहां पर सफाई व्यवस्था हेतु  टीटीया देवदा एवं नवीन नाली निर्माण सड़क निर्माण आदि  निर्माण संबंधी कार्यों के लिए निर्माण शाखा के उपयंत्री पप्पू बारिया, यशदीप अरोरा को  उचित निर्देश देते हुए  विद्युत विभाग के  राठौर साहब को भी  मौके पर  बुलाकर  उन्हें भी  आमजन की समस्याओं से अवगत करवाया अध्यक्ष बंटी डामोर का कहना है कि बारिश के पूर्व संपूर्ण वार्डों में निरीक्षण कर आवश्यक कार्यों को जल्द ही पूर्ण किया जाएगा उक्त निरीक्षण अध्यक्ष बंटी डामोर के साथ पार्षद पीटर बवेरिया पूर्व विधायक प्रतिनिधि राकेश सोनी सुधीर शर्मा कुणाल मनसारे रवि बचवानी एवं वार्ड वासी उपस्थित थे ।

31 मई को कटेगी बीमा की राशि, खाताधारक खाते में पर्याप्त राशि जमा रखे

झाबुआ। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की बीमा की किश्त 31 मई 2020 को खाते से कटेगी, एंेसे में खाताधारक अपने खाते में पर्याप्त राशि जमा रखे ताकि बीमा की राशि कट सके। किश्त कटने से साथ ही 1 जून 2020 से बीमा का नवीनिकरण हो जायेगा। जिला अग्रणी प्रबंधक ने बताया कि झाबुआ जिले की बैको द्वारा 31 मार्च 2020 तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 209615 एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 76132 खाताधारियो का बीमा हुआ है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 18 वर्ष से 70 वर्ष तक के खातेदारों का बीमा किया जाता है। वार्षिक बीमा किश्त 12 रूपये है। बीमित व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर नामजद वारिस को 2 लाख रूपये देने का प्रावधान है। स्थाई रूप से किसी प्रकार की अपंगता एवं अंग-भंग की दशा में भी बीमित राशि मिलती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 वर्ष से 50 वर्ष  तक के खातेदारों का बीमा किया जाता है। वार्षिक बीमा किश्त 330 रूपये है। इस योजना में बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नामजद वारिस को 2. लाख रूपये देने का प्रावधान है। दोनो योजनाओं में बीमा का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष 1 जून को होता है।

सफलता की कहानी :  स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा मास्क बनाने की अनूठी पहल  

झाबुआ। प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिलने के बाद हर दिन अलर्ट के साथ नए दिशा निर्देश जारी हो रहे है। सावधानी और सुरक्षा ही इस वायरस से बचाव कर सकती है। ऐसे में मास्क की बाजार में उपलब्धता में कमी आ रही थी। जिसे देखते हुए कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा के निर्देषानुसार म.प्र.डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में 6 विकासखण्ड में 11 सिलाई सेन्टर में 156 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मास्क बनाने की पहल की, महिलाओं ने अब तक 3 लाख मास्क बनाकर वितरण किए है। महिलाओं द्वारा स्वस्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग एवं पंचायत विभाग के कर्मचारियो को मास्क लगभग 40000 वितरित किये गए जो यह मास्क सूती कपडे से तैयार किए गए है। जिसको धोकर दोबार उपयोग में लाया जा सकता है। महिलाओं की आजीविका सुदृढ बनाने के लिये जिला पंचायत के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन एवं नरेगा योजना के तहत मास्क निर्माण का कार्य दिया गया है। जिसमें स्वच्छ भारत मिशन कर्मियो के लिए प्रत्येक पंचायत में 20 नग के अनुसार 75000 मास्क बनाकर वितरण किया गया है। मास्क बनाने का कार्य निरंतर चल रहा है। वर्तमान में समुह की महिलाए मनरेगा के अन्तर्गत कार्य कर रहे मजदूरों के लिए मास्क बनाने का कार्य कर रही है। इसके लिए जिले में लगभग 3 लाख 90 हजार से अधिक मास्क बनाने का कार्य चल रहा है। जैसे-जैसे मास्क बनेगे वैसे- वैसे पंचायतों वार वितरित किए जा रहे है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी

झाबुआ। कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुवे बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इस कन्ट्रोल रूम में अपर कलेक्टर श्री एस.पी.एस. चैहान, डिप्टी कलेक्टर श्री अनिल भाना, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री सुनिल राणा, डिस्ट्रिक्ट कमान्डेंट होमगार्ड श्री गुलाब सिंह, राहत लिपिक श्री रामलाल बामनिया की ड्यूटी लगाई गई है। 

‘‘ टिड्डी दल से बचाव के लिए किसानों को आवष्यक सलाह ‘‘
     
झाबुआ। जिले  से सटे पडोसी राज्य के टिड्डी दल के प्रकोप की निरन्तर सूचना प्राप्त हो रही है। जिले में भी टिड्डी दल प्रकेाप की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए किसानों को टिड्डी दल के बचाव के लिए सर्तकता बरतना आवष्यक है। टिड्डी दल आमतौर पर पत्तिया, फूल, फल, छाल और पौध की कोपल खाकर फसलों को नष्ट करती है। सबसे विनाषकारी रेगिस्तानी टिड्डी है जो इन दिनों दुनिया भर में चिंता का सबक बनी हुई है। यह एक दिन में अपने वजन के बराबर पत्तिया खा जाती है। टिड्डी दल दिन के समय उड़ता रहता है तथा षाम होने पर पेडों पर झाडियों में, फसलों इत्यादि पर बसेरा करता है और रात्रि विश्राम करता है।
               
टिड्डी दल से बचाव के लिए किसान भाई ये करें
सामुहिक रूप से टिड्डी दल को भगाने का प्रयास करे। ध्वनी विस्तार यंत्र जैसे- मादंल, ढोल,डीजे, ट्रेक्टर का सायलेंसर निकालकर आवाज करना या सायलेंसर का आवाज का माईक के माध्यम से प्रसारण करना। खाली टीन के डिब्बे, थाली इत्यादि से ध्वनी करें। रात्रि के समय टिड्डी दल के बचाव हेतु कृषक भाई अपनेे साथ टार्च अवष्य रखे। टिड्डी दल के नियंत्रण हेतु रासायनिक कीटनाषकों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों जैसे, ट्रेक्टर आपरेटेड स्पे्रयर, षक्ति चलित स्पे्रयर पंप, हस्त चलित स्प्रेयर पंप इत्यादि से रासायनिक कीटनाषक जैसे-क्लोरपायरीफाॅस 20ः म्ब्/डैल्टामेथ्रिन 2ण्8ः म्ब्/लेम्डासाईहेलोथ्रिन 5ः म्ब्/मेलाथिआॅन 50ः म्ब् दवाओं का छिडकाव करें। टिड्डी दल का आगमन षाम को लगभग 6 बजे से 8 बजे के मध्य होता है तथा सुबह 7.30 बजे तक अन्य स्थानों पर प्रस्थान करने लगता है ऐसी स्थिति में तत्काल बचाव के लिए रात्रि में सुबह 3 बजे से लेकर 7.30 बजे तक टिड्डी दल का नियंत्रण किया जा सकता है। उपसंचालक कृषि श्री नगीन रावत ने किसानों से अपील की है कि टिड्डी दल के आगमन की सूचना तत्काल अपने ग्राम के पंच, संरपच, सचिव , नजदीकी पटवारी, कृषि विभाग के अमले, पुलिस थाना, नगर पालिका एवं जिला स्तर पर टिड्डी दल निंयत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर- 07392-244688 पर सम्र्पक कर सूचना दी जा सकती है।

‘ किसान भाई नकली, घटिया बीज से सावधान रहे ’’
  •  ‘‘ क्षैत्र में बगैर लायसेन्सी गाँव, मोहल्ले में मोटर साईकिल या अन्य वाहन से बीज खरीदी से बचे ’’
  • ’’ अमानक स्तर का बीज विक्रय करने पर, बीज विक्रेता के विरूद्ध होगी वैद्यानिक कार्यवाही ’’
झाबुआ। वर्तमान समय खरीफ मौसम पूर्व अच्छे बीज एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था के लिए उचित समय है तथा बीज विक्रेताओं द्वारा भी बीज भण्डारण का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। आदिवासी बाहुल्य इस जिले के परिश्रमी कृषक यह भलीभंाति जानते है कि बीज का खेती किसानी में क्या महत्व होता है। जिस प्रकार किसी भवन की मजबूती एवं स्थिरता उसकी नींव पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार अच्छी स्वस्थ फसल के लिए बीज एक महत्वपूर्ण कृषि आदान होता है। यदि अच्छा बीज बोयेंगें तो निष्चित ही अच्छी फसल एवं अच्छा उत्पादन प्राप्त करेंगें। अच्छा बीज कृषक कैसे प्राप्त करें, इसके लिये कृषकों को यह सुनिष्चित कर लेना चाहिये कि वह कौन सा बीज बोने की कार्ययोजना बना रहे है। यदि कृषक स्वयं अपने घर का बीज बोना चाहते है तो समय पूर्व यह सुनिष्चित करना जरूरी होता है कि बोया जाने वाला बीज साफ सुथरा एवं किड़े, बीमारी रहित होकर अच्छी अंकुरण क्षमता वाला एवं अच्छे बीज के निर्धारित मानको को पूर्ण करने वाला होना चाहिये। यदि इसमें थोड़ा सा भी संदेह हो तो कृषकों को बीज के अंकुरण का परीक्षण बुवाई के पूर्व अवष्य कर लेना चाहिये। अंकुरण का परीक्षण करना बहुत आसान होता है, उदाहरण के तौर पर यदि कृषक सोयाबीन फसल के लिए बीज का अंकुरण परीक्षण करना चाहते है तब इसके लिये कृषकों को एक छोटी क्यारी अथवा उचित आकार की ट्रे में मिट्टी भरकर, जिसमंे सोयाबीन फसल के 100 दाने की बुवाई हो जाये लेना चाहिये। अब मिट्टी को नम कर लेना चाहिये एवं उसमें बीज की बुवाई कर दी जानी चाहिये। ध्यान रहे जब तक अंकुरण नही हो जाता तब तक मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिये। लगभग 6 से 7 दिन पश्चात अंकुरण होकर पौधा जमीन के उपर दिखने लगते है, इस समय हम पौध की संख्या की गिनती कर लेते है। यदि 100 बीजों मे से 60 से 70 बीज अंकुरित होते है तब यह मान लिया जाना चाहिये कि बीज बुवाई के अनुकुल है। इसी प्रकार का प्रयोग अन्य फसलों जैसे मक्का, मूंग, उड़द, अरहर एवं अन्य खरीफ फसलों के बीजों का अंकुरण ज्ञात करने के लिये परीक्षण किया जा सकता है। किसान भाई गुणवत्तायुक्त बीज लायसेंसी आदान विक्रेता से ही खरीदें व पक्का बिल अवष्य लेंवें। नकली, घटिया व अमानक स्तर के बीज से सावधान रहे। यदि क्षेत्र में बगैर लायसेंसी गांव, मोहल्ले में मोटरसाईकिल या कोई अन्य वाहन से किसानों को प्रलोभन देकर बीज बेचता है तो तुरन्त नजदीकी कृषि कार्यालय या जिला कार्यालय को सूचना देंवें। बगैर लायसेंसी से बीज क्रय न करें। अमानक स्तर के बीज की गुणवत्ता संदेहप्रद होने पर किसानों को लाभ की तुलना में हानी का षिकार होना पड़ता है। उप संचालक कृषि श्री नगीन रावत ने जिले के किसानों से अपील की है कि जागरूकता का परिचय देकर ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से बेचने वाले तत्वों से कपास इत्यादि फसलों का बीज क्रय नही करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे व्यक्तियों की सूचना तत्काल विभाग को देंवें। किसान भाई ऐसे अवैध बीज बेचने वालों की सूचना अपने क्षेत्र के सरपंच, सचिव के माध्यम से भी विभाग को दे सकते है। आपके द्वारा दी गई सूचना आपके लिये ही मद्दगार साबित होगी। साथ ही जब भी किसी बीज विक्रेता से बीज का क्रय करें तब वह पक्का बिल अवष्य प्राप्त करें।

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