सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 10 मई - Live Aaryaavart

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रविवार, 10 मई 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 10 मई

सीहोर जिले के बिलकिसगंज में मिला कोरोना का दूसरा मरीज

sehore news
बिलकिसगंज अन्तर्गत फ्रीगंज से एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। संबंधित का कोरोना सेंपल जांच के लिए 7 मई को भोपाल भेजा गया था जिसकी पॉजिटिव रिपोर्ट रविवार को प्राप्त हुई है। उक्त व्यक्ति भोपाल के किसी पॉजिटिव व्यक्ति की संपर्क में आया थो। फ्रीगंज क्षेत्र को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। संबंधित को कोविड केयर सेंटर सीहोर में भर्ती किया गया है।

अभी तक कुल 34882 लोगों की स्क्रीनिंग की गई 
स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा मैदानी स्तर पर ग्राम एवं शहरी वार्डो में निरंतर घर-घर सर्वे कर विदेश से सीहोर जिले में लौटे तथा अन्य जिलों व राज्यों से व्यक्तियों की खोजबीन की जा रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में अन्य राज्यों व अन्य जिलों से आए हुए करीब 746 व्यक्तियों की पहचान व पता लगाकर उनकी तत्काल स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें होम क्वारेंटाईन किया गया है। सीहोर जिले में अन्य जिलों अथवा राज्यों से लौटे हुए यात्रियों की संख्या अब तक कुल 34882 है। उन्हें होम कोरेंटाईन से संबंधित गाईड लाईन की जानकारी प्रदान कर सख्त हिदायत दी गई है कि होम कोरेंटाइन गाइड लाइन का कड़ाई से पालन करेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर डेहरिया ने जानकारी दी कि जिले में अन्य देशों से सीहोर पहुंचे कुल व्यक्तियों की संख्या 232 है जिनमें से 184 लोगों की अब तक स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा चुकी है। पिछले 24 घंटों के दौरान 746 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई जो अन्य राज्यों और अन्य जिलों से लौटे थे इन सभी व्यक्तियों की तत्काल स्क्रीनिंग कर इन्हें 10 मई को ही होम कोरेंटाईन कर दिया गया है जिले में अब तक होम कोरेंटाईन किए गए व्यक्तियों की संख्या 34882 है। डॉ.डेहरिया ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान ऐसे व्यक्ति जो विदेश से सीहोर जिले में नहीं लौटे थे परंतु अन्य जिलों एवं राज्यों से लौटे थे और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए। पिछले 24 घंटों में होकोंरेटाईन की अवधि से 194 लोग बाहर आ चुके हैं जबकि अब तक कुल 30269 व्यक्तियों का होम कोरेंटाइन पूर्ण किया जा चुका है। जिले से अब तक कुल 360 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 304 की रिपोर्ट अब तक निगेटिव प्राप्त हुई है। रविवार को 26 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए। 26 सेंपल सहित कुल 49 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। आज की स्थिति में हास्पिटल आईसोलेशन में भर्ती मरीजों की संख्या कुल 7 है। कोरोना संक्रमण पाजीटिव मरीजों की संख्या 2 है। कोराना संक्रमण के कारण मृत्यु संख्या 1 है। कुल सर्वे कंटेनमेंट एरिया 2 है। वहीं विदेश से आए यात्री जो गृह जिला या निवासरत जिला में वापस नहीं आए उनकी संख्या 48 है। विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 7247704181 है इस नंबर पर बाहर से बाहर से आए हुए व्यक्तियों की जानकारी 24 घंटे दी जा सकती है। वहीं कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी 24 घंटे के लिए काल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-226470 है इस नंबर पर संपर्क कर कोविड-19 के संबंध में किसी प्रकार की सलाह ली जा सकती है 24 घंटे संचालित उक्त काल सेंटर में चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जिनके द्वारा विदेश, अन्य राज्यों व जिलों से आकर होम कोरेंटाइन किए गए व्यक्तियों को फोनकर  प्रतिदिन फीडबैक लिया जाता है तथा इसकी जानकारी जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, संबंधित ब्लाक मेडिकल आफिसर को तत्काल दी जाती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसिन सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-401259 है यहां पर टेलीमेडिसिन के संबध में उचित सलाह लें।

दूरदर्शन पर शैक्षिक कार्यक्रम क्लास रूम का प्रसारण आज से

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये लागू किये गए लॉक डाउन की अवधि में प्रदेश के विद्यार्थी अपने घर पर नियमित अध्ययन कर सकें, इस के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार 11 मई से विशेष शैक्षिक टीवी कार्यक्रम ’’क्लास रूम’’ प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रति सप्ताह 5 दिन सोमवार से शुक्रवार, दिन में दो बार प्रसारित होगा। जिससे प्रदेश के विद्यार्थी दूरदर्शन के माध्यम से, घर पर रहते हुए नियमित अध्ययन कर सकेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस कार्यक्रम को दूरदर्शन के सहयोग से, 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के लिये विषयगत अवधारणों पर तैयार किया है। जिसमें 1 घंटे की समयावधि में विषय की कठिन अवधारणाओं पर रोचक वीडियोज़ का समावेश होगा। प्रति दिन दोपहर 12 से 1 बजे तक कक्षा 10वीं के लिए तथा दोपहर 3 से 4 तक कक्षा 12वीं के लिए कार्यक्रम प्रसारित किये जायेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा, इन दूरदर्शन कार्यक्रमों के अलावा भी रेडियो, वाट्सएप एवं लोकल केबल टीवी के माध्यम से कक्षावार और विषयवार रोचक शैक्षिक सामग्री भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है। विद्यार्थी इन सभी कार्यक्रमों के माध्यमों से अपनी पढ़ाई को नियमित रखें। साथ ही विभाग ने पालकों से भी अपेक्षा की है कि, वे कार्यक्रम प्रसारण के समय पर बच्चों को रेडियो, टी.वी., मोबाइल का उपयोग करने दें और बच्चों को घर पर भी अध्ययन के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएं।  

प्रदेश में लगेंगे 17 लाख से अधिक बांस के पौधे, लाभान्वित होंगे बांस उत्पादक

वन विभाग वर्ष 2020 में 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में बांस रोपण करेगा। इसमें 2400 हेक्टेयर वन क्षेत्र और 1600 हेक्टेयर कृषकों की निजी भूमि शामिल है। प्रदेश में इस वित्त वर्ष में 17 लाख 56 हजार बांस के पौधे लगाए जाएंगे, जिस पर करीब 25 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश बांस मिशन की समीक्षा बैठक में दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि बांस उत्पादकों को अधिक लाभ देने के उद्देश्य से गतिविधियों का विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बांस के अनेक उपयोग हैं। न सिर्फ आवास निर्माण, फर्नीचर बल्कि खान-पान में भी बांस का उपयोग होता है। बांस उत्पादकों को लाभान्वित करने के लिए गतिविधियों में वृद्धि की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रति हेक्टेयर बांस उत्पादन त्पादन पर मिलने वाले लाभ में वृद्धि के लिए योजना बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने मिशन की गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रदेश में बांस वृक्षारोपण से हितग्राही को वर्तमान में वार्षिक मजदूरी 12 से 19 हजार के बीच प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसे बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चूंकि बांस का पौधा विकसित होने में अधिक समय लेता है, इसलिए बांस रोपण से जुड़े हितग्राहियों को अधिक लाभ देने के लिए प्रयास बढ़ाए जाएं। कैम्पा योजना में बांस वनों के सुधार के कार्य में सहयोगी संयुक्त वन प्रबंध समितियों को अतिरिक्त उत्पादन का आर्थिक लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आने वाले मानसून में वृक्षारोपण की कार्य योजना को भी अंतिम रूप दिया जाए। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष वन विभाग और वन विकास निगम ने  राज्य में 3 करोड़ 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। बताया गया कि वन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने मनरेगा में बांस रोपण परियोजनाओं के क्रियान्वयन और प्रबंधन के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने की योजना बनाई है। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जिलों में भेजे जा रहे हैं। योजना में बांस रोपण के लिए संयुक्त वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों के बीच सहमति का अनुबंध भी किया गया है। मनरेगा योजना के अंतर्गत 500 हेक्टेयर वन क्षेत्र में बांस रोपण किया जाएगा। उत्पाद का 80 प्रतिशत स्व-सहायता समूहों और 20 प्रतिशत संयुक्त वन प्रबंध समिति को मिलेगा। मध्यप्रदेश में लगभग छह लाख 50 हजार हेक्टेयर बांस का रकबा है। प्रदेश में तीन जुलाई 2013 को मध्यप्रदेश राज्य बांस मिशन (सोसायटी) गठित हुई। बांस शिल्पियों के मामलों में सलाह देने के लिए मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश बांस एवं बांस शिल्प विकास बोर्ड का गठन किया गया। प्रदेश में बांस वनों की उत्पादकता बढ़ाने और बांस उत्पाद के विपणन की कठिनाईयाँ दूर करने के लिए मिशन कार्य कर रहा है। प्रस्तावित बांस रोपण में राज्य बांस मिशन 22 जिलों, कैम्पा शाखा 3 जिलों, वन विकास निगम 8 जिलों, संयुक्त वन प्रबंधन 5 जिलों, विकास शाखा 2 जिलों, ग्रीन इंडिया मिशन 5 जिलों में रोपण का कार्य करेंगे। बांस रोपण में मनरेगा और कैम्पा के तहत लगभग 200 स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को जोड़ा जाएगा। गत वित्त वर्ष की 13 करोड़ 27 लाख की राशि इस वित्त वर्ष में उपयोग में लाने की अनुमति केन्द्र शासन ने दी है।

अब प्रदेश में उद्योग स्थापित करना होगा और आसान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अब प्रदेश में उद्योग स्थापित करना और अधिक आसान होगा। उद्योग स्थापित करने के लिए दी जाने वाली विभिन्न 40 प्रकार की अनुमतियां न्यूनतम समय अवधि में दी जाएंगी। इनमें से 25 सेवाओं की अनुमति तत्काल तथा अन्य 15 सेवाओं की अनुमति निर्धारित समय अवधि में प्रदान की जाएंगी।  लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा और उसके लिए अधिनियम में आवश्यक संशोधन भी किया जाएगा। सेवाओं का समय अवधि में प्रदाय न करने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने का भी प्रावधान होगा। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निवेश के लिए विभिन्न प्रकार की अनुमति प्राप्त करने के लिए आवेदन ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स फॉर्मेट में किए जा सकेंगे। आवेदन लोक सेवा केंद्र, समाधान एक दिवस, कॉमन सर्विस सेंटर, विभागीय पोर्टल तथा इन्वेस्ट पोर्टल पर किए जा सकेंगे। संबंधित सूचना का आदान-प्रदान भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगा तथा अनुमति भी इसी माध्यम से निवेशकों को मिल जाएगी। तात्कालिक सेवाओं की तुरंत अनुमति- बैठक में बताया गया कि निवेश के लिए दी जाने वाली 40 अनुमतिओं में से 25 सेवाओं की अनुमति तत्काल पोर्टल से जारी कर दी जाएगी। इसके लिए पूर्व निरीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी तथा दस्तावेज स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर स्वीकार होंगे। इनमें वृत्ति कर अधिनियम के तहत पंजीयन, ट्रेड लाइसेंस, कारखानों की नवीन अनुज्ञप्ति जारी किया जाना, दुकान संस्थान की स्थापना का पंजीयन एवं नवीनीकरण, पैकबंद वस्तुओं के निर्माता/पैककर्ता/आयातकर्ता का पंजीयन, नवीन विक्रेता अनुज्ञप्ति प्रदाय एवं नवीनीकरण, नवीन विनिर्माता अनुज्ञप्ति प्रदाय एवं नवीनीकरण, भूमि आवंटन (आशय पत्र), मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण, गैर-नियोजित क्षेत्र में कृषि भूमि से औद्योगिक भूमि के लिए भूमि का परिवर्तन, फायर एन.ओ.सी. आदि सेवाएं शामिल होंगी। 25 सेवाओं की 7 से 15 दिन में अनुमति- निवेश अनुमतियों के अंतर्गत 15 सेवाओं की अनुमति 7 से 15 दिवस में जारी की जाएगी। यदि संबंधित अधिकारी निर्धारित अवधि में स्वीकृति जारी नहीं करता है, तो इसके पश्चात इन्वेस्ट पोर्टल द्वारा प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।

जिनके पास एंड्रॉइड फोन नहीं वे 1921 टोल फ्री सेवा से ले सकेंगे आरोग्य सेतु का लाभ

कोरोना वायरस संक्रमण के विरुद्ध जारी जंग में अपने आप को सुरक्षित रखने में आरोग्य सेतु मोबाईल एप कारगर है, परन्तु यह एप एंड्रॉइड फोन यूज़र ही इस्तेमाल कर सकते है। ऐसे में लैंडलाईन एवं बेसिक फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले नागरिकों के लिए  1921 टोल फ्री नम्बर के माध्यम से आरोग्य सेतु सेवा प्रारम्भ की गई है। डी.आई.ओ, एन.आई.सी. शैलेश दुबे  ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए आरोग्य सेतु में फीचर फोन और लैंडलाइन वाले नागरिकों को शामिल करने के लिए, एन.आई.सी. ने आरोग्य सेतु IVRS सेवा लागू की है। यह सेवा सम्पूर्ण भारत में उपलब्ध है। यह एक टोल फ्री सेवा है। उपयोगकर्ता को नंबर 1921 पर एक मिस्ड कॉल देना होगा। इसके बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो जाएगा और नागरिक को कॉल बैक कर कुछ सामान्य प्रश्न पूछे जाएगे। आरोग्य सेतु एप पर दी गई प्रतिक्रियाओं के आधार पर नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति का संकेत देने वाला एक एस.एम.एस मिलेगा और आगे भी नागरिक को अपने स्वास्थ्य सम्बंधित अलर्ट प्राप्त होते रहेगे। इस प्रकार केवल एक मिस्ड कॉल देकर नागरिक अपने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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