सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 29 मई - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 29 मई 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 29 मई

गेंहू खरीदी की समय सीमा बड़ाई जाकर परेशान किसानो को राहत प्रदान करे सरकार  

sehore news
सीहोर/ इस वर्ष गेंहू खरीदी मे अव्यवस्था ने किसानों को कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ा। एक और जहाँ किसानों को 4-4 दिनों तक लाइन में लगना पड़ा वही दूसरी ओर सरकार द्वारा कहा जा रहा है कि किसानों का एकएक दाना खरीदा जाएगा। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने बताया कि गेहूं खरीदी कि आखरी दिनांक घोषित हो चुकी है और किसानों को सेकड़ो की संख्या में एसएमएस जारी कर दिए गए है। जिन किसानों को एसएमएस जारी किए गए है वे बड़े खातेदार है जिनका लाखो कुंटल गेंहू अभी तक नही तुल पाया है। ऐसे में गेहूं खरीदी केंद्रों पर बहुत भीड़ लग रही है ओर 45 डिग्री के लगभग तापमान में किसान परेशान हो रहे है ।इस संबंध में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने गेंहू खरीदी की दिनांक 15 दिन बढ़ाये जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से सौपा है। युका जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा है कि एक दम से जारी हुए एसएमएस के कारण किसानों को अपनी उपज खरीदी केंद्रों तक पहुचाने के लिए ग्रामो में ट्रैक्टर ट्राली नही मिल रहे है। किसानों की परेशानी को धयान में रखते हुए गेंहू खरीदी केंद्रों को व्यवस्थित कर खरीदी की दिनांक 15 दिन बड़ाई जाने की मांग  युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने मांग की है ताकि परेशान किसानों को राहत मिल सके।

कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष खंगराले ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी को दी श्रद्धांजली 

ajit jogi
सीहोर। कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष नरेंद्र खंगराले के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के अनायस निधन पर कांग्रेस सेवादल परिवार की ओर से शोक श्रद्धांजली अर्पित की गई। श्री खंगराले ने बताया की अजीत जोगी राजीव गांधी की सलाह पर कांग्रेस में आए और सोनिया गांधी की इच्छा से छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बनाए गए।  प्रथम मुख्यमंत्री बने अजीत जोगी को राज्य में सपनों का सौदागर कहा जाता था इंजिनियर शिक्षक और आइपीएस रहे जोगी राजनीति में माहिर खिलाड़ी माने जाते रहे राजनीति में आने से पहले अजीत जोगी मध्य प्रदेश कई बड़े शहरों के कलेक्टर रहे। अजीत जोगी कई बार राज्य सभा एवं लोकसभा सांसद रहे वर्तमान में विधायक रहते हुए उनका निधन हुआ है। श्री जोगी के निधन से कांग्रेस परिवार भारी क्षति हुई है यह कभी पूरी नहीं की जा सकती है। श्रद्धांजली अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश सेवादल कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष आष्टा कैलाश परमार, बहन रुकमणी रोहिला,  जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलवीर तोमर जिला सेवादल कांगेगस अध्यक्ष नरेंद्र खंगराले, मध्य प्रदेश सचिव शमीम अहमद, जाफर लाला, कुतुबुददीन शेख, कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, राहुल यादव, नईम नबाव, सेवादल महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा गुप्ता, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री पूर्व पार्षद दर्शन वर्मा, राजाराम बड़भाई,सुरेश साबू,डॉ अनीस खान,पवन राठौर, ममता त्रिपाठी, क्षेत्रीय पार्षद पूर्व महिला कांग्रेस जिलासध्यक्ष आरती खंगराले, मीरा रेकवार मांगीलाल टिमरई,डॉ जितेंद्र चंद्रवंशी, जितेंद्र सिंह, श्यामलाल महोबिया, पन्नालाल खंगराले, शोभाराम अहिरवार,राहुल जाटव आदि शामिल है। 

शुक्रवार को जिले के आष्टा में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज अभी तक कुल 795 सेंपल जांच के लिए भेजे गए

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर डेहरिया ने जानकारी दी कि आष्टा निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट आज पाजीटिव प्राप्त हुई है। उसका कोरोना जांच सैम्पल 27 मई को भोपाल भेजा गया था। पाजीटिव आने के बाद उसे कोविड कोयर सेंटर सीहोर में उपचार के लिए भर्ती किया गया है। जिले में कोरोना पॉजीविट मरीजों की संख्या 2 हो गई है एक का उपचार इंदौर में चल रहा  है। आष्टा में कंटेनमेंट तथा बफर एरिया में सर्वे के लिए 10 दल लगाए गए है। आज कंटेनमेंट एरिया के 17 घरों का सर्वे कर 94 व्यक्तियों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की गई वहीं बफर जोन के 107 घरों का सर्वे कर 356 व्यक्तियों से स्वास्थ्य संबंधी सभी जरूरी जानकारी प्राप्त की गई। आज भोपाल भेजे गए कुल 7 सैम्पल में आष्टा के अंतर्गत जावर के 3 तथा श्यामपुर के 4 कोरोना सैम्पल शामिल है। बिल्किसगंज  कंटेनमेंट एरिया में आज  स्वास्थ्य सर्वे दलों द्वारा बिल्किसगंज अंतर्गत फ्रीगंज कंटेनमेंट एरिया के वार्ड क्रमांक 16 एवं 17 में 3 स्वास्थ्य दलों द्वारा 181 घरों का सर्वे कर 1045 व्यक्तियों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की गई सभी स्वस्थ है वहीं इंदिरा नगर कंटेनमेंट एरिया वार्ड नंबर 2 के 175 घरों का सर्वे कर 556 व्यक्तियों से स्वास्थ्य संबंधी फालोअप लिया गया है सभी स्वस्थ है। जिले में अब कुल 4 कंटेनमेंट एरिया है जिसमें आष्टा के 2 बिल्किसगंज में 1 और सीहोर के इंदिरा नगर में 1 कंटेनमेंट एरिया है।  इंदिरा नगर तथा फ्रीगंज के स्वास्थ्य सर्वे में कोविड केयर सेंटर तथा क्वारंटाइन सेंटर सीहोर से डिस्चार्ज किए गए मरीजों का स्वास्थ्य सर्वे शामिल है उक्त सभी स्वस्थ है तथा 14 दिन के होम क्वारंटाइन में है। जिले में अन्य देशों से सीहोर पहुंचे कुल व्यक्तियों की संख्या 232 है जिनमें से 184 लोगों की अब तक स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा चुकी है। पिछले 24 घंटों के दौरान 129 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई जो अन्य राज्यों और अन्य जिलों से लौटे थे इन सभी व्यक्तियों की तत्काल स्क्रीनिंग कर इन्हें  होम कोरेंटाईन कर दिया गया है जिले में अब तक होम कोरेंटाईन किए गए व्यक्तियों की संख्या 42995 है। डॉ. डेहरिया ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान ऐसे व्यक्ति जो विदेश से सीहोर जिले में नहीं लौटे थे परंतु अन्य जिलों एवं राज्यों से लौटे थे और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए। पिछले 24 घंटों में होमकोंरेटाईन की अवधि से 622 लोग बाहर आ चुके हैं जबकि अब तक कुल 37509 व्यक्तियों का होम कोरेंटाइन पूर्ण किया जा चुका है। जिले से अब तक कुल 795 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 747 सेंपलों की रिपोर्ट अब तक निगेटिव प्राप्त हुई है। शुक्रवार को 7 सेंपल जांच के लिए भेजे गए। कुल 33 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। अभी तक की स्थिति में हास्पिटल आईसोलेशन में भर्ती मरीजों की कुल संख्या 14 है। कोरोना संक्रमण पाजीटिव मरीजों की संख्या 7 है। कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु संख्या 1 है। कुल कंटेंमेंट एरिया 4 हैं। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 8 है। वहीं विदेश से आए यात्री जो गृह जिला या निवासरत जिला में वापस नहीं आए उनकी संख्या 48 है। कोरोना संक्रमित उपरांत ठीक हुए मरीजों की संख्या 4 है। जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर-7247704181 है कोविड-19 से संबंधित जानकारी इस संपर्क नंबर पर ली व दी जा सकती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसीन के लिए संपर्क नंबर 07562-401259 जारी किया गया है तथा राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104  नंबर पर ई-परामर्ष सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। ई-संजीवनी ओपीडी सेवा हेतु www.esanjeevaniopd.in पंजीयन कराया जा सकता है। कलेक्टेªट कार्यालय सीहोर में भी जिला स्तरीय काॅल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-226470 है तथा होम क्वारंटाइन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। जिस पर संस्थागत क्वारंटाइन अथवा होम क्वारंटाइन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साईकोलाजिकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से निःशुल्क प्राप्त कर सकते है।

कोरोना से हुईं मृत्यु का एनालिसिस कर रिपोर्ट दें-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना से हुई एक-एक मृत्यु का डिटेल्ड एनालिसिस कर नियमित रूप से रिपोर्ट दें। हमें कोरोना मरीजयों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध करवाकर कोरोना मृत्यु-दर को कम करना है। इलाज में थोड़ी भी लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कोरोना कार्य में लापरवाही पाए जाने पर दो अधिकारिययों को निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाअयों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए। अनावश्यक रूप से मरीजों को दूसरे अस्पताल में रैफर न करें- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिन जिलयों/अस्पतालयों में कोविड इलाज की सुविधा उपलब्ध है, वे अनावश्यक रूप से मरीजयों को दूसरे जिले अथवा दूसरे अस्पतालयों में रैफर न करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गत दिवस हमीदिया अस्पताल से चिरायु अस्पताल रैफर किए गए दो मरीजयों के मामले में तुरंत जाँच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। संक्रमित क्षेत्रों में हो प्रभावी नियंत्रण- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि संक्रमित क्षेत्रयों में आंतरिक आवा-जाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा वहां संक्रमण फैलेगा। इन क्षेत्रयों में गाइड लाइन अनुसार प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। सैम्पल लेने के बाद आयसोलेशन में रखें- अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री सुलेमान ने निर्देश दिए कि कोरोना टैस्ट करने के बाद व्यक्ति को आयसोलेशन में रखा जाना आवश्यक है। यदि उसके घर में आयसोलेशन की व्यवस्था न हो तो उसे सी.सी.सी. अथवा डी.सी.एच.सी. में रखा जाए। ''रोजगार सेतु'' योजना में मजदूरों का सर्वे प्रारंभ- एसीएस पंचायत एंव ग्रामीण विकास श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि रोजगार सेतु योजना के अंतर्गत अप्रवासी कुशल मजदूरयों का सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है। श्रम सिद्धि अभियान में अभी तक 3 लाख 96 हजार 197 प्रवासी मजदूरों/अन्य मजदूरयों को जॉब कार्ड बनाकर दिए गए हैं। साथ ही उन्हें मनरेगा में काम भी दिया जा रहा है। मनरेगा में गड़बड़ी करने पर सख्त कार्रवाई करें- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि मनरेगा में गड़बड़ी करने वालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि कोई व्यक्ति मनरेगा में मशीनें लगता है तो उसकी मशीनें जप्त कर उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति जॉब कार्ड में गड़बड़ी करता है अथवा अन्य अनियमितता करता है तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण दें- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जो किसान समर्थन मूल्य पर अपना गेहूँ बेच रहे हैं, उनसे पुराने फसल ऋण की अधिकतम 50 प्रतिशत राशि काटकर उन्हें शासन की योजना अनुसार शून्य प्रतिशत ब्याज पर नया फसल ऋण उपलब्ध कराया जाए। 

आसान उपाय अपनाकर गर्मी के मौसम में नियंत्रित कर सकते हैं बिजली बिल

विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं से कहा कि वे गर्मी के मौसम में आसान उपाय अपनाकर बिजली और बिल की राशि दोनयों में बचत कर सकते हैं। दिन में सूर्य के प्रकाश का अधिकतम उपयोग करें तथा गैर-जरूरी पंखे, लाईट इत्यादि उपकरणयों को बंद रखें। विशेषतः कार्यालयीन समय में भोजनावकाश के दौरान, घर से बाहर एवं कक्ष से बाहर जाते समय, ध्यानपूर्वक समस्त प्रकाश, पंखे एवं कंप्यूटर मॉनिटर इत्यादि को बंद करें चाहे आप थोड़े समय के लिए ही क्ययों न बाहर जा रहे हयों। अपने साथिययों, सहकर्मियों, अधीनस्थ कर्मचारियों एवं परिवार को प्रोत्साहित करें कि वे दिन के समय विद्युत का कम से कम उपयोग करें। घरयों में उपयोग होने वाले उपकरणयों का प्रयोग यथासंभव एक साथ न करें, क्ययोंकि ऐसा करने से घर की वायरिंग में विद्युत क्षति बढ़ जाती है।  वार्षिक विद्युत खपत का लगभग 9 प्रतिशत केवल प्रकाश व्यवस्था पर खर्च होता है। अतः विद्युत का उपयोग अति आवश्यक अवसरयों पर करने पर विद्युत खर्च में लगभग 20 प्रतिशत की कमी की जा सकती है। ब्यूरो आफ एनर्जी इफिशिएंसी द्वारा प्रमाणित कम से कम तीन सितारा चिन्हित ऊर्जा दक्ष उपकरणयों का क्रय करने से ऊर्जा खपत कम की जा सकती है। अप्रमाणित उपकरण क्रय करते समय सस्ते हो सकते हैं किंतु इनमें बिजली खपत अधिक होती है। कुछ अंतराल के बाद ये महंगे साबित होते हैं। इलेक्ट्रानिक उपकरण जैसे टी.वी. को स्टैण्डबाई मोड पर न रखने से एक वर्ष में लगभग 70 यूनिट विद्युत की बचत हो सकती है। कम्प्यूटर- कम्यूटर के मानिटर एवं कापीअर्स को स्लीप मोड में रखने से लगभग 40 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होती है। एलईडी मॉनिटर का प्रयोग करें। यह पारंपरिक सी.आर.टी. मॉनिटर की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करता है। यदि कम्प्यूटर को चालू रखना आवश्यक हो तो मॉनिटर अवश्य बंद रखें जो कि कुल ऊर्जा का 50 प्रतिशत से अधिक खर्च करता है। यदि एक कम्प्यूटर 24 घंटे चालू रखा जाए तो यह एक ऊर्जा दक्ष फ्रिज से अधिक विद्युत खर्च करता है। अतः उपयोग न होने पर कम्प्यूटर बंद रखें। एलईडी बल्ब- वर्तमान में एलईडी बल्ब ऊर्जा बचत के लिए अतिउत्तम विकल्प है। एलईडी बल्ब बार-बार चालू/बंद करने से उनकी उम्र पर असर नहीं पड़ता है जबकि साधारण बल्ब जल्दी ही फ्यूज हो जाता है। एलईडी बल्ब सीएफएल से तो बेहतर है ही साथ ही परंपरागत बल्ब की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक प्रकाश देते हैं। इनकी टिकाऊ होने की अवधि सामान्य बल्ब की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक है। यह कम ऊर्जा ग्रहण करते हैं और ज्यादा गर्म भी नहीं होते हैं। सीलिंग फैन, फ्रिज और एयर कंडीशनर्स (एसी) के संबंध में सुझाव वर्तमान में नियमित पंखयों के स्थान पर बीईई फाईव स्टार रेटेड पंखे एवं उच्च दक्षता के पंखे उपलब्ध हैं।

गर्मियो में लू से बचाव तथा इनके प्राथमिक उपचार के लिये आवश्यक सलाह

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले की आम जनता को गर्मी में लू से बचाव और इनके प्राथमिक उपचार के लिए सलाह दी गई है, कि सीधी धूप में जाने से बचें। घर के अंदर हवादार, ठंडे स्थान पर रहें। पंखे का उपयोग करें, अधिक तापमान होने पर ठंडे पानी से नहायें तथा कूलर या एयर कंडिशनर का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले व पतले वस्त्रो का प्रयोग करें। धूप मे जाने से पहले सिर को छाते, कपडे अथवा टोपी से ढंके। जूते-चप्पल तथा नजर के काले चश्मे का प्रयोग करें। घर से भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकले। पानी का अधिक मात्रा मे सेवन करें तथा प्यास लगने का इंतजार न करें। अधिक से अधिक पेय पदार्थ (नान अल्कोहॉलिक) जैसे नींबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आमपना, दही, नारियल पानी आदि का सेवन करें। फल तथा सब्जी जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है (तरबूज, खरबूज, खीरा, अनानास, संतरा, अंगूर आदि) का अधिक मात्रा में सेवन करें। शिशुओ तथा बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरूषों, घर के बाहार काम करने वाले, मानसिक रोगियों तथा उच्च रक्तचाप वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखें। बंद गाडी के अंदर का तापमान बाहर से अधिक होता है इसलिए कभी भी किसी को बंद, पार्किंग में रखी गाड़ी में अकेला ना छोडेगे। अत्याधिक शारीरिक श्रम वाली गतिविधियां दिन के अधिकतम तापमान वाले घंटो में न करे। बहुत अधिक भीड, गर्म घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अत्यावश्यक होने पर ही करें । यदि कोई व्यक्ति लू तापघात से प्रभावित होता है, तो उसका तत्काल उपचार करे। यदि कोई व्यक्ति लू तापघात से प्रभावित होता है, तो उसका तत्काल उपचार करें। रोगी को तत्काल छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटा दे एवं हवा करें। रोगी को होश मे आने पर, या आने की दशा मे उसे ठण्डे पेय पदार्थ जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना आदि दें। प्याज का रस एवं जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु शरीर पर मला जा सकता हैं। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो ,तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियां रख कर पूरे शरीर को ढक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराए जब तक की शरीर का तापमान कम नहीं हो जाता है। उपरोक्त उपचार से यदि मरीज ठीक नहीं होता है, तो उसे तत्काल निकट के चिकित्सा संस्थान में लेकर उपचार करवाये।  

जल संसाधन विभाग के समस्त परियोजना अधिकारियों को पास जारी करने हेतु अधिकृत

भारत सरकार गृह मंत्रालय के आदेशानुसार राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय पर विचारोपरांत म.प्र. शासन जल संसाधन विभाग, एवं परियोजना प्रबंधन इकाई के अंतर्गत आने वाले समस्त परियोजना के प्रभारी अधिकारी (जो सहायक यंत्री से कम न हो) एवं परियोजना में कार्यरत एजेसी एवं उनके प्रतिनिधियों/कर्मचारियों के साथ-साथ निर्माण कार्य में लगे मजदूर/व्यक्तियों को अपने प्रभार के निर्माण स्थल पर नियोजन एवं उपयोग हेतु समस्त व्यक्तिगत एवं वाहन के पास जारी करने हेतु अधिकृत किया है शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि कोविड़-19 के संबंध में समय समय पर जारी शासन के विभिन्न आदेश तथा जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

टिड्डी दल का प्रकोप होने से बचाव हेतु करें उपाय

कृषि विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी गई है कि प्रदेश के कई भागों में टिड्डी दल के प्रकोप की खबरें प्राप्त हो रही हैं। ये टिड्डी दल के जिले में भी कई क्षेत्रों में पहुंच चुका है। टिड्डा/टिड्डी दल फसलों को नुकसान पहुंचाने वाला कीट है जो कि समूह में एक साथ चलता है और बहुत लम्बी-2 दूरियों तक उड़ान भरता है। यह फसल को चबाकर, काटकर खाने से नुकसान पहुंचाता है। अतः स्पष्ट है कि ये उद्यानिकी फसलों, वृक्षों एवं कृषि की फसलों को बहुत बड़े रूप में एक साथ हानि पहुचां सकता है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी गई है कि सतत निगरानी रखें और टिड्डी दल का प्रकोप होने पर नीचे बताई गई विधियों को अपनाकर फसलों का बचाव करें। यदि टिड्डी दल का प्रकोप होता है तो इसके नियंत्रण के लिये किसान भाई दो प्रकार के साधन अपना सकते हैं। जिसमें किसान भाई टोली बनाकर विभिन्न तरह के परम्परागत उपाय जैसे शोर मचाकर तथा ध्वनि वाले यंत्रो को बजाकर इन्हें डराकर भगाया जा सकता है। इसके लिये मांदल, ढोलक, ट्रैक्टर/मोटर साइकिल का सायलेंसर, खाली टीन के डिब्बे, थाली इत्यादि से भी सामूहिक प्रयास से ध्वनि की जा सकती है। ऐसा करने से टिड्डी नीचे नहीं आकर फसलों पर न बैठकर आगे प्रस्थान कर जाते हैं। रासायनिक नियंत्रण में सुबह से कीटनाशी दवा ट्रेक्टर चलित स्प्रे पंप, पावर स्प्रेयर द्वारा जैसे क्लोरपॉयरीफॉस 20 ईसी 1200 मिली या डेल्टामेथरिन 2.8 ईसी 600 मिली अथवा लेम्डाईलोथिन 5 ईसी 400 मिली, डाईफ्लूबिनज्यूरॉन 25 डब्ल्यूटी 240 ग्राम प्रति हे. 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।  सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि सतत निगरानी रखें और टिड्डी दल का प्रकोप होने पर बताई गई विधियों को अपनाकर फसलों का बचाव करें।  

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