विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 02 मई - Live Aaryaavart

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रविवार, 3 मई 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 02 मई

मुख्यमंत्री जी ने श्रमिक लक्ष्मण सिंह से चर्चा की

vidisha news
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दो मई को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों से चर्चा की और उनके खातो में जमा की गई राशि के संबंध में पूछताछ की। एनआईसी के व्हीसी रूम कक्ष में मौजूद विदिशा के पंजीकृत निर्माण श्रमिक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उनके बैंक खाते में एक हजार रूपए की राशि जमा हुई है। मुख्यमंत्री जी के द्वारा संवाद स्थापित करने और हालचाल पूछने से श्रमिक लक्ष्मण सिंह अत्यधिक प्रभावित हुए ओर स्वयमेव पूरी जानकारी अन्य को दे रहे है।  

महिला जनधन खाते की द्वितीय किश्त का भुगतान चार से 

लीड़ बैंक आफीसर श्री दिलीप सिरवानी ने भारत शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशो का हवाला देते हुए बताया कि विदिशा जिले में महिला जनधन खातो में द्वितीय किश्त के रूप में पांच रूपए जमा किए जा रहे है इसकी शुरूआत चार मई सोमवार से होने जा रही है। महिला पीएमजेडीबाय खातो से रूपए निकालने के लिए भीड़ ना लगे इसके लिए अलग-अलग दिनों में अलग-अलग खाता संख्या के अंतिम अंक के हिसाब से रूपयों का वितरण किया जाएगा।  खाते के अंतिम अंक के हिसाब से हितग्राही राशि का आहरण कर सकते है। लीड़ बैंक आफीसर श्री सिरवानी ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा है कि बैंको की शाखाओं में भीड़ नियंत्रित हो तथा अधिक से अधिक हितग्राही राशि का आहरण कियोस्क, बीसी पाइंट या सीएसपी के द्वारा करें। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों, शाखा प्रबंधको को निर्देश दिए है कि कियोस्क संचालक गांव में जाकर ग्राम पंचायत स्तर पर राशि का वितरण करें ताकि वृद्व महिलाएं गर्मी व मौसम से होने वाली परेशानियों से बच सकें। विदिशा जिले में महिला जनधन खातो में द्वितीय किश्त के भुगतान हेतु तिथिवार खाता संख्या के अंतिम अंक आधार पर किया जाएगा। तदानुसार चार मई को शून्य और एक अंक वाले अंतिम खातेधारकों को इसी प्रकार पांच मई को दो और तीन को खाता अंतिम अंकधारको को, छह मई को चार और पांच अंतिम अंक वालो को, आठ मई को छह व सात अंक वालो को जबकि 11 मई को ऐसे खाताधारक जिनके अंतिम अंक आठ और नौ है को जनधन खाते की द्वितीय किश्त राशि पांच सौ रूपए का भुगतान किया जाएगा। लीड़ बैंक आफीसर श्री दिलीप सिरवानी ने समस्त अनुविभागीय अधिकारियों, जनपदों के सीईओ को पत्र प्रेषित कर शाखाओं में सोशल डिस्टेन्सिग का पालन कराने में सहयोगप्रद करने का आव्हान किया है। उन्होंने खाताधारको से अपील की है कि अपने खाते के अंतिम अंक आधार अनुसार निर्धारित तिथि को ही राशि आहरण करने हेतु संबंधित बैंक में पहुंचे या कियोस्क के माध्यम से आपको आपके गांव में ही प्रदाय की जाएगी। 

आंशिक संशोधन आदेश जारी

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ पंकज जैन के द्वारा लॉकडाउन अवधि में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सम्पूर्ण जिले में चार मई से आंशिक छूट प्रदाय का आदेश जारी कर दिया है। कलेक्टर डॉ जैन के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि विदिशा जिले के समस्त एमपी ऑन लाइन के कियोस्क सेन्टरो का संचालन प्रातः 11 बजे से सायं छह बजे के मध्य किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक आइटम (पंखे की दुकान) तथा उनकी मरम्मत की दुकाने अपरान्ह दो बजे से सायंकाल छह बजे के मध्य संचालित की जा सकेगी। आटा चक्की, किरान सामग्री, पैथालॉजी, दवा दुकाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री की दुकाने जिनका पूर्व में बंद होने का समय सायं पांच बजे तक का नियत किया गया था। उक्त अवधि में एक घंटे की वृद्वि की जाकर अब उक्त प्रतिष्ठान सायं छह बजे तक खोलने की अनुमति प्रदान की गई है किन्तु समस्त दुकाने छह बजे तक अनिवार्य रूप से बंद हो जाना चाहिए। कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने पूर्व उल्लेखित सभी दुकानदार के व्यवसाईयो को अपनी-अपनी दुकानो की भौगोलिक सीमा परिधि के अंदर ही संचालन करने के निर्देश दिए है अर्थात दुकान के बाहर किसी भी प्रकार की सामग्री नही रखी जाएगी। यदि कही पाया जाता है तो संबंधित दुकानदारो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा जारी आंशिक संशोधन आदेश में उल्लेख है कि चिकित्सीय कार्यो के अतिरिक्त अन्य समस्त गतिविधियों के लिए सायंकाल सात बजे से प्रातः सात बजे के मध्य जनसामान्य का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। स्वास्थ्य कारणो को छोड़कर समस्त 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग वाले वृद्व व्यक्तियों, बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओे तथा दस वर्ष से कम आयु वाले बच्चे घर पर निवास करेंगे। जारी उक्त आदेश का उल्लघंन करने वालो के विरूद्व भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी। 

समर्थन मूल्य पर 2478071.45 कि्ंवटल गेंहू की खरीदी हुई

जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू ने बताया कि जिले में अब तक 36696 पंजीकृत कृषकों से 2478071.45 कि्ंवटल गेंहू खरीदी कार्य पूर्ण हुआ है। जिले के 199 उपार्जन केन्द्रों पर आज दिनांक दो मई को 2611 कृषको के द्वारा समर्थन मूल्य पर 248266 कि्ंवटल गेंहू का विक्रय किया गया है। 

कोरोना महामारी में भी सरकार की प्राथमिकता रही किसानों और गरीबों की मदद  सभी जरूरतमंदों के बैंक खातों में पहुँचे 6526 करोड़ 
राज्य सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति और कुशल वित्तीय प्रबंधन से मिली सफलता
प्रदेश में किसानों, श्रमिकों, बेसहारा लोगों, गरीबों बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद करना सदैव मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता में रहा है। कोरोना महामारी से लड़ते हुए भी श्री चौहान अपनी यह प्राथमिकता नहीं भूले। पिछले लगभग डेढ़ माह में  राज्य सरकार द्वारा 6526 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के इन सभी जरूरतमंदों के खातों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पहुँचाई गई है। मुख्यमंत्री ने इन सभी जरूरतमंदों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछले एक साल से प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, राज्य का खजाना खाली है, जैसी कही जाने वाली बातों को निर्मूल साबित कर दिया है। साथ ही, यह भी प्रमाणित कर दिया है कि किसान और गरीब सरकार की पहली प्राथमिकता हैं और उनकी मदद से कोई बाधा उन्हें रोक नही सकती।  राज्य सरकार ने 15 लाख किसानों को फसल बीमा की 2990 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की है। किसानों की फसल को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। खरीदी शुरू होते ही शुरू के 15 दिन में 5 लाख 65 हजार किसानों  से 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ खरीदा गया है। इसके लिये किसानों को अब तक लगभग 2000 करोड़ रुपये भुगतान भी कर दिया गया है। लॉकडाउन में सरकार ने संनिर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत 8 लाख 85 हजार मजदूरों के खाते में प्रारंभ एक-एक हजार रुपये और उसके बाद में फिर से एक-एक हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता ऑनलाइन भेजी है। इस प्रकार, निर्माण कार्यों से जुड़े संनिर्माण कर्मकार मंडल में इन सभी मजदूरों के खाते में 177 करोड़ 30 लाख रूपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई है।  कोरोना संक्रमण के  इस दौर में राज्य के असंगठित क्षेत्र के मजदूर जो प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों  में कार्य करने के समय लॉकडाउन की घोषणा के बाद वहाँ पर फँस गये हैं। ऐसे सभी 20,000 श्रमिकों के खाते में 1000 रुपये के मान से कुल दो करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं। प्रदेश में अन्य 22 राज्यों के फँसे 7000 प्रवासी श्रमिकों को भी उनकी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये एक हजार रुपये के मान से सहायता राशि पहुँचाई गई है। प्रदेश सरकार द्वारा महामारी की विपत्ति में बेसहारा, बुजुर्गों आदि को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 562 करोड़ रुपये की राशि 46 लाख हितग्राहियों के खातों में भेजी गई है। इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित पेंशन आदि का अगले दो माह का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत 60 लाख 81 हजार बच्चों और माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 26 लाख 68 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में मध्यान्ह  भोजन योजना के 117 करोड़ और योजना मे कार्यरत 2 लाख 10 हजार रसोइयों के खाते में 42 करोड़ 3 लाख 8 हजार रुपये ट्रांसफर किये गये है। इसी तरह, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में 52 लाख छात्र-छात्राओं के खातों में 430 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा निराश्रित  गौ-वंश के लिये 599 गौ-शालाओं में गेहूँ, चना, भूसा की आपूर्ति के लिए 29 करोड़ 85 लाख रूपये दिए गए हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेश के 66 हजार गौ-वंश को गौ-शालाओं के माध्यम से पर्याप्त भूसा उपलब्ध हो सकेगा। लॉकडाउन की अवधि में जिलों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिये सरकार द्वारा भी राशि उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक जिले को स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 2-2 करोड़ रुपये की राशि इस काम के लिये दी गई है। यह राशि राहत शिविरों और भोजन व्यवस्था आदि के लिये दी गई है। इसके अतिरिक्त, लॉकडाउन में आम आदमी को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसके लिए प्रशासन को आकस्मिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के लिये प्रत्येक जिले को एक-एक करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 156 करोड़ रूपये दिए गए हैं। कोरोना महामारी में लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों, निराश्रितों और असहायों के लिये भोजन, आश्रय आदि की व्यवस्था के लिए 70 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की सहरिया, बैगा एवं भारिया अति पिछड़ी जनजातियों के लोगों के बैंक खातों में भी दो माह की अग्रिम सहायता राशि समय पर पहुँचा दी गई हैं। राज्य सरकार हर गरीब व्यक्ति की मदद कर रही है। 

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