सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 02 मई - Live Aaryaavart

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रविवार, 3 मई 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 02 मई

चिन्हित सेवाओं को लॉकडाउन से मिलेगी छूट कलेक्टर ने किया प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चिन्हित सेवाओं को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है। इसी संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अजय गुप्ता द्वारा कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के मद्देनजर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत संशोधित आदेश जारी किए गए हैं। सीहोर जिले की राजस्व सीमाओं के अन्तर्गत चिन्हित सेवाओं को लॉकडाउन से छूट प्रदान की गई है। साथ ही पूर्व में जारी आदेश का शेष भाग यथावत रहेगा। जारी आदेश अनुसार आष्टा एवं सीहोर में सभी निर्धारित मापदंडों का पालन कराते हुए किसानों की फसल नीलामी प्रक्रिया से क्रय की जा रही है उसी प्रकार इछावर एवं नसरुल्लागंज मंडी में भी नीलामी प्रारंभ कराई जाएगी। विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए गिट्टी, क्रेशर का संचालन, सीहोर जिले के विस्फोटक अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा केवल सीहोर जिले की सीमाओं के भीतर कंट्रोल ब्लास्टिंग की अनुमति समस्त मापदंडों को पूर्ण किए जाने की शर्त पर शुरु कराई जाएगी। संपूर्ण जिले में कपड़े की दुकाने प्रत्येक रविवार को प्रात:8 से 12 बजे तक खुली रहेंगी। इलेक्ट्रानिक एवं इलेक्ट्रिकल्स आयटम की दुकानें प्रतिदिन 8 से 12 बजे तक खुली रहेंगी। निम्न श्रेणी के उद्योग राईस मिल, दाल मिल, फलोर मिल, फूड प्रोसेसिंग आदि को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है। कृषि उपकरण एवं कृषि कार्य के लिए किसानों को लगने वाले आवश्यक सामग्री उपकरण के निर्माण उद्योगों को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है। लॉकडाउन से मुक्त संस्थान/प्रतिष्ठान आदि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर जारी शासन के निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होकर आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।

कोरोना महामारी में भी सरकार की प्राथमिकता रही किसानों और गरीबों की मदद सभी जरूरतमंदों के बैंक खातों में पहुँचे 6526 करोड़
राज्य सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति और कुशल वित्तीय प्रबंधन से मिली सफलता
प्रदेश में किसानों, श्रमिकों, बेसहारा लोगों, गरीबों बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद करना सदैव मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता में रहा है। कोरोना महामारी से लड़ते हुए भी श्री चौहान अपनी यह प्राथमिकता नहीं भूले। पिछले लगभग डेढ़ माह में राज्य सरकार द्वारा 6526 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के इन सभी जरूरतमंदों के खातों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पहुँचाई गई है। मुख्यमंत्री ने इन सभी जरूरतमंदों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछले एक साल से प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैए राज्य का खजाना खाली हैए जैसी कही जाने वाली बातों को निर्मूल साबित कर दिया है। साथ हीए यह भी प्रमाणित कर दिया है कि किसान और गरीब सरकार की पहली प्राथमिकता हैं और उनकी मदद से कोई बाधा उन्हें रोक नही सकती। राज्य सरकार ने 15 लाख किसानों को फसल बीमा की 2990 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की है। किसानों की फसल को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। खरीदी शुरू होते ही शुरू के 15 दिन में 5 लाख 65 हजार किसानों  से 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ खरीदा गया है। इसके लिये किसानों को अब तक लगभग 2000 करोड़ रुपये भुगतान भी कर दिया गया है। लॉकडाउन में सरकार ने संनिर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत 8 लाख 85 हजार मजदूरों के खाते में प्रारंभ एक.एक हजार रुपये और उसके बाद में फिर से एक.एक हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता ऑनलाइन भेजी है। इस प्रकारए निर्माण कार्यों से जुड़े संनिर्माण कर्मकार मंडल में इन सभी मजदूरों के खाते में 177 करोड़ 30 लाख रूपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई है। कोरोना संक्रमण के  इस दौर में राज्य के असंगठित क्षेत्र के मजदूर जो प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों  में कार्य करने के समय लॉकडाउन की घोषणा के बाद वहाँ पर फँस गये हैं। ऐसे सभी 20 हजार श्रमिकों के खाते में 1000 रुपये के मान से कुल दो करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं। प्रदेश में अन्य 22 राज्यों के फंसे 7 हजार प्रवासी श्रमिकों को भी उनकी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये एक हजार रुपये के मान से सहायता राशि पहुंचाई गई है। प्रदेश सरकार द्वारा महामारी की विपत्ति में बेसहाराए बुजुर्गों आदि को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 562 करोड़ रुपये की राशि 46 लाख हितग्राहियों के खातों में भेजी गई है। इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित पेंशन आदि का अगले दो माह का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत 60 लाख 81 हजार बच्चों और माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 26 लाख 68 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में मध्यान्ह  भोजन योजना के 117 करोड़ और योजना मे कार्यरत 2 लाख 10 हजार रसोइयों के खाते में 42 करोड़ 3 लाख 8 हजार रुपये ट्रांसफर किये गये है। इसी तरहए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में 52 लाख छात्र.छात्राओं के खातों में 430 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा निराश्रित  गौ.वंश के लिये 599 गौ.शालाओं में गेहूँए चनाए भूसा की आपूर्ति के लिए 29 करोड़ 85 लाख रूपये दिए गए हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेश के 66 हजार गौ.वंश को गौ.शालाओं के माध्यम से पर्याप्त भूसा उपलब्ध हो सकेगा। लॉकडाउन की अवधि में जिलों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिये सरकार द्वारा भी राशि उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक जिले को स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 2.2 करोड़ रुपये की राशि इस काम के लिये दी गई है। यह राशि राहत शिविरों और भोजन व्यवस्था आदि के लिये दी गई है। इसके अतिरिक्तए लॉकडाउन में आम आदमी को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होए इसके लिए प्रशासन को आकस्मिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के लिये प्रत्येक जिले को एक.एक करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 156 करोड़ रूपये दिए गए हैं। कोरोना महामारी में लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकोंए निराश्रितों और असहायों के लिये भोजनए आश्रय आदि की व्यवस्था के लिए 70 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की सहरियाए बैगा एवं भारिया अति पिछड़ी जनजातियों के लोगों के बैंक खातों में भी दो माह की अग्रिम सहायता राशि समय पर पहुँचा दी गई हैं। राज्य सरकार हर गरीब व्यक्ति की मदद कर रही है।

अभी तक कुल 31482 लोगों की स्क्रीनिंग की गई आज तक कुल 185 रिर्पोट निगेटिव आई

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स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा मैदानी स्तर पर ग्राम एवं शहरी वार्डो में निरंतर घर-घर सर्वे कर विदेश से सीहोर जिले में लौटे तथा अन्य जिलों व राज्यों से व्यक्तियों की खोजबीन की जा रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में अन्य राज्यों व अन्य जिलों से आए हुए करीब 331 व्यक्तियों की पहचान व पता लगाकर उनकी तत्काल स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें होम क्वारेंटाईन किया गया है। सीहोर जिले में अन्य जिलों अथवा राज्यों से लौटे हुए यात्रियों की संख्या अब तक कुल 31482 है। उन्हें होम कोरेंटाईन से संबंधित गाईड लाईन की जानकारी प्रदान कर सख्त हिदायत दी गई है कि होम कोरेंटाइन गाइड लाइन का कड़ाई से पालन करेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर डेहरिया ने जानकारी दी कि जिले में अन्य देशों से सीहोर पहुंचे कुल व्यक्तियों की संख्या 232 है जिनमें से 184 लोगों की अब तक स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा चुकी है। पिछले 24 घंटों के दौरान 331 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई जो अन्य राज्यों और अन्य जिलों से लौटे थे इन सभी व्यक्तियों की तत्काल स्क्रीनिंग कर इन्हें 02 मई को ही होम कोरेंटाईन कर दिया गया है जिले में अब तक होम कोरेंटाईन किए गए व्यक्तियों की संख्या 31482 है। डॉ.डेहरिया ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान ऐसे व्यक्ति जो विदेश से सीहोर जिले में नहीं लौटे थे परंतु अन्य जिलों एवं राज्यों से लौटे थे और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए। पिछले 24 घंटों में होकोंरेटाईन की अवधि से 367 लोग बाहर आ चुके हैं जबकि अब तक कुल 25632 व्यक्तियों का होम कोरेंटाइन पूर्ण किया जा चुका है। जिले से अब तक कुल 224 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 185 की रिपोर्ट अब तक निगेटिव प्राप्त हुई है। शनिवार को 3 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए। 3 सेंपलों सहित कुल 37 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। आज की स्थिति में हास्पिटल आईसोलेशन में भर्ती मरीजों की संख्या, कोरोना संक्रमण पाजीटिव मरीजों की संख्या शून्य है। वहीं विदेश से आए यात्री जो गृह जिला या निवासरत जिला में वापस नहीं आए उनकी संख्या 48 है। विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 7247704181 है इस नंबर पर बाहर से बाहर से आए हुए व्यक्तियों की जानकारी 24 घंटे दी जा सकती है। वहीं कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी 24 घंटे के लिए काल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-226470 है इस नंबर पर संपर्क कर कोविड-19 के संबंध में किसी प्रकार की सलाह ली जा सकती है 24 घंटे संचालित उक्त काल सेंटर में चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जिनके द्वारा विदेश, अन्य राज्यों व जिलों से आकर होम कोरेंटाइन किए गए व्यक्तियों को फोनकर  प्रतिदिन फीडबैक लिया जाता है तथा इसकी जानकारी जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, संबंधित ब्लाक मेडिकल आफिसर को तत्काल दी जाती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसिन सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-401259 है यहां पर टेलीमेडिसिन के संबध में उचित सलाह ली जा सकती है।

आइसोलेशन पूर्ण किए हुए मरीजों के 2 सेंपल की रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही करें पूर्ण उपचारित घोषित
कोविड-19 सेंपल की जांच आई.सी.एम.आर द्वारा कराने के निर्देश
आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मध्यप्रदेश ने बताया कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में कोविड-19 के न्यूनतम लक्ष्ण वाले मरीजों को कोविड केयर सेंटर के बजाय घर पर आइसोलेशन में रखे जाने की सहमति प्रदान की गई है। भारत सरकार द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सकीय परीक्षण एवं परामर्श के उपरांत ही न्यूनतम लक्ष्ण वाले मरीजों को घर पर आइसोलेशन की अनुमति प्रदान की जाए। ऐसे मरीजों को 14 दिवस की आइसोलेशन अवधि पूर्ण होने पर 24 घंटे के अंतराल में 2 सेंपल लिए जाएं एवं दोनों सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मरीजों को उपचारित घोषित किया जाए। इसके पश्चात मरीज को पुन: 14 दिवस तक घर पर कोरेंटाईन किया जाए। कोविड केयर सेंटर में उपचारत मरीज, कोरेन्टाअर्न सेंटर अथवा घर पर आइसोलेशन में रखे गए मरीज यदि कोविड-19 की जांच यदि प्रायवेट लेब में कराना चाहे तो उन्हें केवल आईसीएमआर द्वारा अधिकृत प्रायवेट लेब में ही जांच कराएं, प्रायवेट लेब में जांच कराने पर संबंधित मरीज उसके परिजन द्वारा ही उसका भुगतान किया जाएगा। प्रायवेट लेब द्वारा कोविड-19 की जांच मरीज के सेंपल लेने की व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकाल के अनुरूप स्वयं की जाएगी एवं प्रति टेस्ट आईसीएमआर के द्वारा निर्धारित दर के अन्तर्गत ही भुगतान लिया जाएगा। प्रायवेट लेब द्वारा की गई कोविड-19 के समस्त सेंपल की जांच रिपोर्ट संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। सभी जांच रिपोर्ट की एंट्री आईडीएसपी पोर्टल पर की जाना चाहिए। संबंधित मरीज उसके परिजन द्वारा जांच रिपोर्ट की जानकारी क्षेत्र की मोबाईल युनिट को देना अनिवार्य होगा।   

चाइल्ड लाइन सेवा 1098 द्वारा मास्क वितरण

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चाइल्ड लाइन सेवा 1098 द्वारा सीहोर जिले में कोरोना वायरस की परिस्थितियों में कार्यरत विभागों को मास्क वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत चाइल्ड लाइन टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक को उनके कार्यालय में 100 मास्क, नगर पालिका परिषद् कार्यालय में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीहोर को 100 मास्क एवं चिकित्सा विभाग के सिविल सर्जन को 100 मास्क का वितरण किया गया। चाइल्ड लाइन सीहारे के अनुसार इन विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी सीधे लोगों के संपर्क में आते हैं। अतः इनके संक्रमित होने की आषंका भी अधिक होती है। यह विभाग चाइल्ड लाइन सेवा हेतू भी लगातार हमसे संपर्क में रहते और सहायता करते हैं। चाइल्ड लाइन ने सभी विभागों के साथ सामंजस्य के साथ बच्चों के हितों की रक्षा का अपना संकल्प भी पुनः प्रस्तुत किया। साथ ही बड़ी संख्या में मंडी में आने वाले किसानों और मंडी में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी सीहोर अनाज मंडी में सहायक मंडी सचिव महोदय और तुलावट हम्मालों के बीच 100 मास्क का वितरण किया गया। सभी विभागों ने चाइल्ड लाइन सीहोर के इस कार्यक्रम की सराहना की।

प्रदेश में बड़े पैमाने पर मनरेगा के कार्य प्रारंभ

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि प्रदेश के संक्रमण मुक्त क्षेत्रों में  बड़े पैमाने पर मनरेगा के कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में अभी तक 7 लाख 24 हजार 848 मजदूरों को मनरेगा में काम दिया गया है, जबकि पूरे भारत वर्ष में 77 लाख मजदूरों को आज की स्थिति में मनरेगा में काम दिया गया है। प्रदेश की 2 हजार 885 ग्राम पंचायतों में मनरेगा 57 हजार 363 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं।

किसानों को उपज का अधिक से अधिक मूल्य दिलाने के लिए मंडी अधिनियम संशोधित

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक मूल्य दिलाने के उद्देश्य से मंडी अधिनियम में कई संशोधन किये हैं। इनके लागू होने से अब किसान घर बैठे ही अपनी फसल निजी व्यापारियों को बेच सकेंगे। उन्हें मंडी जाने की बाध्यता नहीं होगी। इसके साथ ही, उनके पास मंडी में जाकर फसल बेचने तथा समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने का विकल्प भी जारी रहेगा। श्री चौहान ने कहा कि अधिक प्रतिस्पर्धी व्यवस्था बनाकर हमने किसानों के हित में यह प्रयास किया है। श्री चौहान मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों को मंडी अधिनियम में किए गए संशोधनों की जानकारी दी। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा गृह मंत्री   श्री नरोत्तम मिश्रा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, जल-संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह प्रमुख सचिव कृषि श्री अजीत केसरी उपस्थित थे।

किसान घर से ही बेच सकेंगे अपनी उपज, फल, सब्जी-    मुख्यमंत्री ने बताया कि अब व्यापारी लाइसेंस लेकर किसानों के घर पर जाकर अथवा खेत पर उनकी फसल खरीद सकेंगे। पूरे प्रदेश के लिए एक लाइसेंस रहेगा। व्यापारी कहीं भी फसल खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि हमने ई-ट्रेडिंग व्यवस्था भी लागू की है, जिसमें पूरे देश की मंडियों के दाम किसानों को उपलब्ध रहेंगे। वे देश की किसी भी मंडी में, जहाँ उनकी फसलों का अधिक दाम मिले, सौदा कर सकेंगे।

सौदा पत्रक व्यवस्था के अच्छे परिणाम-     मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि इस बार हमने प्रदेश में सौदा पत्रक व्यवस्था लागू की है। इसके माध्यम से व्यापारी किसानों से उनकी फसल घर से ही खरीद रहे हैं। मंडियों की खरीद की लगभग 80% खरीदी सौदा पत्रकों के माध्यम से हुई है तथा किसानों को इससे उनकी उपज का अच्छा मूल्य भी प्राप्त हुआ है। इस प्रयोग के परिणाम सकारात्मक होने के कारण हमने मंडी अधिनियम में संशोधन किये हैं।

09 प्रावधानों में से 02 पहले से लागू, 7 को अपनाया गया-    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा एग्रीकल्चर प्रोड्यूस एंड लाइव-स्टोक मैनेजमेंट एक्ट 2017 (IPLM) मॉडल मंडी अधिनियम राज्यों को भेजकर उसे अपनाने अथवा प्रचलित अधिनियम में संशोधन का विकल्प दिया गया था। अधिनियम को लागू करने के लिए रोडमैप तैयार करने के उद्देश्य से गठित मुख्यमंत्रियों की उच्च-स्तरीय समिति ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में कहा था कि यदि राज्य अपने मौजूदा मंडी अधिनियम में संशोधन करना चाहते हैं, तो उन्हें उसमें IPLM के प्रावधानों में से कम से कम 7 को शामिल कर संशोधन करना होगा। मध्यप्रदेश में IPLM के प्रावधानों में से दो प्रावधान पहले से ही लागू हैं। इसलिये अन्य 07 प्रावधानों को मंडी अधिनियम में संशोधन के माध्यम से अब प्रदेश में लागू किया गया है।

यह हैं पूर्व के 2 प्रावधान-     मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में IPLM के पहले से लागू दो प्रावधान हैं। पहला प्रावधान यह है कि संपूर्ण राज्य में कृषि उपज पहली बार खरीदने के समय ही मंडी शुल्क लिया जाएगा। इसके बाद पूरे प्रदेश में पश्चातवर्ती क्रय-विक्रय में मंडी शुल्क नहीं लिया जाएगा।  दूसरा प्रावधान यह है कि फलों और सब्जियों के विपणन का विनियमन  अर्थात फल और सब्जियों को मंडी अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया है। शेष सात प्रावधानों पर कानून में संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि अब सात नए प्रावधानों को मंडी अधिनियम में शामिल किया गया है। ये हैं: निजी क्षेत्रों में मंडियों की स्थापना के लिये प्रावधान। गोदामों, साइलो कोल्ड स्टोरेज आदि को भी प्राइवेट मंडी घोषित किया जा सकेगा। किसानों से मंडी के बाहर ग्राम स्तर से फूड प्रोसेसर, निर्यातक, होलसेल विक्रेता और अंतिम उपयोगकर्ता को सीधे उपज खरीदने का प्रावधान। मंडी समितियों का निजी मंडियों के कार्य में कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा। प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड से रेगुलेटरी शक्तियों को पृथक कर संचालक विपणन को  दिए जाने का प्रावधान। पूरे प्रदेश में एक ही लाइसेंस से व्यापारियों को व्यापार करने का प्रावधान। ट्रेनिंग के लिए प्रावधान।

कलेक्टर ने किया उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण

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शनिवार को कलेक्टर श्री अजय गुप्ता द्वारा जिले के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने जिले के रेहटी तसहील अन्तर्गत रमगढ़ा, नंदगांव, रिछाड़िया, बड़नगर आदि उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री गुप्ता द्वारा जहां अधिकारियों को सावधनियां बरतने के निर्देश दिए गए। वहीं कृषकों को प्रशासन का सहयोग करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने की अपील की। उपार्जन केन्द्रों पर सभी प्रकार की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतुष्टि व्यक्त की।

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