बिहार : गृह विभाग के पूर्व अंडर सेक्रेट्री उमेश रजक मंगलवार को दम तोड़ दिये - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 14 जुलाई 2020

बिहार : गृह विभाग के पूर्व अंडर सेक्रेट्री उमेश रजक मंगलवार को दम तोड़ दिये

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पटना,14 जुलाई। बिहार में कोरोना मरीजों का हाल बेहाल है। राजधानी पटना के जगदेव पथ पर रहते हैं। गृह विभाग के पूर्व अंडर सेक्रेट्री उमेश रजक। उनको सांस लेने संबंधित तकलीफ थी। तब उनको आईजीआईएमएस में भर्ती करवाया गया। इस दौरान रूटीन जांच के तहत ही कोरोना की भी जांच करायी गयी। यहां पर उनका कोरोना की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद पटना एम्स रेफर कर दिये गये। शनिवार को करीब साढ़े दस बजे रात में आये पटना एम्स पहुंचे। तब उनको उक्त रात को पटना एम्स में दाखिला नहीं मिला। गृह विभाग के पूर्व अंडर सेक्रेट्री उमेश रजक को पटना एम्स में शनिवार को लाया गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा ट्वीट कर मामला उठाया गया। रविवार को भर्ती कर लिये गये। सोमवार को इलाज हुआ और मंगलवार को दम तोड़ दिये। इस तरह एक पूर्व अंडर सेक्रेट्री के साथ चार दिन पटना एम्स में कटा।  बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सत्ताधारी कहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तो ट्विटर बाॅय हैं। हर समय ट्वीट करते रहते हैं। उनका एक ट्वीट ने कोरोना संक्रमित मरीज को धरती के भगवान ने पटना एम्स में भर्ती न करके बेवस व उपेक्षित कर दिया गया था। वे मायुष होकर रात में चादर तानकर फुटपाथ पर सोने वाले गृह विभाग के पूर्व अंडर सेक्रेट्री उमेश रजक को पटना एम्स में भर्ती करवाने में सफल हो गये। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाथ लगे वीडियो को ट्वीट कर दिया। इसके बाद एक बार फिर से सीएम नीतीश कुमार को घेरने का प्रयास करने लगे। नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य विभाग और नीतीश सरकार की फजीहत कर डाली है। तेजस्वी यादव ने पटना एम्स के फुटपाथ परिसर का एक वीडियो ट्वीट करते हुए सरकार व सिस्टम समेत सूबे के स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में ले जाकर खड़ा कर दिया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कोरोना महाआपदा काल के आरंभ से ही व्यवस्था तथा रखरखाव में हो रही लापरवाही को लेकर सरकार पर हमलावर रहे हैं। एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की वीडियो को ट्वीट करते हुए सरकार को आईना दिखाया है। ट्वीट में तेजस्वी यादव ने लिखा है की ‘पटना एम्स के फुटपाथ पर लेटा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है. सरकार, प्रशासन और अस्पताल कोई नहीं सुन रहा है। बिहार में कोरोना के हालात बहुत भयावह है। आने वाले दिनों में स्थिति बेकाबू होने वाली है। सरकार जाँच नहीं कर रही, कर रही है तो आँकड़े छुपा रही है। बिहार को अब भगवान बचाए..। तेजस्वी यादव के ट्वीट ने प्रदेश सरकार के लिए मुसीबत बढ़ा दी हैं। इसके पूर्व भी तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके सरकार पर कोरोना संबंधी आंकड़ों को छुपाने तथा जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि तेजस्वी यादव ने इसके पहले भी एक कोरोना पेशेंट का वीडियो जारी किया था। जिसे लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने वीडियो को फर्जी बताया था। हालांकि तेजस्वी यादव के द्वारा रविवार को ट्वीट किया गया वीडियो सूबे के राजनीति के गलियारों में बहुत हलचल मचा रहा है। आखिरकार रविवार सुबह गृह विभाग के पूर्व अधिकारी को एडमिट कर लिया गया। उनका रविवार और सोमवार को पटना एम्स में इलाज चला। उनका मंगलवार को निधन हो गया। यह रहा संपूर्ण प्रकरण में पटना एम्स का संपूर्ण प्रकरण में पटना एम्स के निदेशक सीएम सिंह ने कहा कि यहां पर 300 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है।  वीडियो में दिखाई देने वाली महिला की तलाश कर रहे हैं ताकि वस्तुस्थिति व सच्चाई को प्राप्त किया जा सके। बचाव में नोडल अफसर डॉ. संजीव कुमार कहते हैं कि रात में आए थे तो किसी को खबर करनी चाहिए थी। यह कहा गया कि जब मामले ने तूल पकड़ा और वीडियो वायरल हो गई तब एम्स प्रशासन की नींद टूटी। इसके बाद उमेश को भर्ती किया गया। सूचना मिलने के बाद उन्हें एडमिट कर लिया गया।दो दिन पहले पटना एम्स के बाहर फुटपाथ पर तड़प रहे गृह विभाग के पूर्व अंडर सेक्रेट्री उमेश रजक की कोरोना से मौत हो गई। मंगलवार को एम्स में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रविवार देर शाम उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए पटना एम्स रेफर किया गया था। परिजन उन्हें लेकर रात करीब साढ़े दस बजे एम्स पहुंचे लेकिन, उन्हें भर्ती नहीं किया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।इसके बाद उनकी पत्नी ने बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। वह रो रही थी और लगातार कह रही थी कि कोरोना पॉजिटिव मरीज गृह विभाग के पूर्व सेक्रेट्री हैं। कोई इन्हें अस्पताल में भर्ती करा दो लेकिन उस महिला की सुनने वाला कोई नहीं था। महिला ने बताया कि उसने डॉक्टरों से भर्ती करने का अनुरोध किया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेड नहीं है। बहुत देर विनती की तब भी कोई हमारी नहीं सुना।

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