दरभंगा : लाल जी टंडन के योगदान को मिथिला सदा याद रखेगा :- विनोद चौधरी - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 21 जुलाई 2020

दरभंगा : लाल जी टंडन के योगदान को मिथिला सदा याद रखेगा :- विनोद चौधरी

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दरभंगा  (आर्यावर्त संवाददाता) पूर्व विधान पार्षद प्रो० विनोद कुमार चौधरी ने आज एक बयान जारी कर स्व० लाल जी टंडन के साथ अपने एक अनुभव को साझा करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री लालजी टंडन का आज सवेरे निधन हो गया वह 85 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना उनके पुत्र आशुतोष टंडन ने ट्विटर के माध्यम से दी। मैं उन्हें संपूर्ण मिथिलांचल की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। बिहार के शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उन्होंने पहल की लेकिन एक घटना का जिक्र मैं यहां विशेष रूप से करना चाहता हूं। मिथिला विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह होने वाला था और एकेडमिक पैरेड वालों के लिए पाग के स्थान पर मालवीय टोपी का प्रावधान कर दिया गया था। सिंडिकेट के सारे साथियों ने इसका विरोध कर इसे न पहनने का संकल्प लिया कई अन्य संगठनों ने भी इसका विरोध किया लेकिन अंत में हम लोगों ने कुलाधिपति से मिलने का निर्णय लिया और इसके लिए समय लेने के लिए माननीय विधायक श्री संजय सरावगी जी को अधिकृत किया गया। हमें छुट्टी के दिन ही मिलने का समय मिला और हम लोग उनसे मिलने के लिए पटना गए। हम लोग का साथ में बैजू जी, अजीत जी, हरिनारायण सिंह जी और अर्जुन सहनी जी विधान पार्षद, श्री संजय सरावगी जी माननीय विधायक के नेतृत्व में महामहिम से मिलने पहुंचें। उन्होंने मिलने पर कहा कि पहले हम लोग नाश्ता करें फिर बातें होंगी। नाश्ते के बाद जब हम लोगों ने पूरी बातें उन्हें बताएं तो अधिकारियों से बात कर उन्होंने कहा आप सबों के आने में विलंब हुआ। समय कम है इसलिए इस वर्ष सिर्फ इतना किया जा सकता है मिथिला पेंटिंग वाला चादर हम स्वीकृत करते हैं और अगले दीक्षांत में पुन पागचादर ही रहेगा और वह भी मिथिला पेंटिंग सहित। उन्होंने कहा मिथिला संस्कृति का मैं बड़ा सम्मान करता हूं यह संस्कृति बहुत संपन्न है। हम लोग जब वहां से विदा होने वाले थे तो उन्होंने फोटोग्राफर को बुलाकर कहा कि भाई ये लोग मिथिलांचल से आए हैं हमारे साथ इनका एक फोटो लीजिए। टंडन जी व्यक्तित्व बड़ा दिव्य था और हम लोग वहां से खुशी-खुशी लोटे। मिथिलांचल कभी भी उनके उदार व्यक्तित्व को नहीं भुला सकता है  ।

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