तीन सप्ताह तक चले 15वे मेटा का हुआ समापन - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 31 अगस्त 2020

तीन सप्ताह तक चले 15वे मेटा का हुआ समापन

  • बेस्ट प्ले के साथ साथ पाँच अन्य श्रेणियों में जीत कर ब्लैक बॉक्स ओखला के नाटक “फोर द रेकौर्ड” ने सबसे अधिक अवॉर्डस हासिल किए
  • असम से ‘द ओल्ड मैन’ और पच्छिम बंगाल से ‘घूम नेइ’ ने जीते चार-चार अवॉर्ड
  • ऐतिहासिक 15 वें संस्करण में महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (मेटा) 2020 का समारोह तीन सप्ताह तक चला जिसमें  थिएटर क्रिटिक्स कॉन्फ्रेंस, ‘मेटा बेस्ट ओरिजिनल स्क्रिप्ट’ के पहले प्रकाशन का लोकार्पण , लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित बैरी जॉन पर ख़ास कार्यक्रम और वर्चुअल अवार्ड्स सेरेमनी शामिल थे ।
kirti pant
नई दिल्ली, 31 अगस्त 2020 - पिछले तीन सप्ताह से चल रहे महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (मेटा ) के 15 वें संस्करण का आज भारतीय रंगमंच की पहली वर्चुअल अवॉर्ड सेरेमनी के साथ समापन हुआ । देश के कोने कोने से इंटरनेट के द्वारा जुड़ कर इस वर्चुयल अवॉर्ड सेरेमनी में नाट्य प्रेमियों, भारतीय रंगमंच के दिग्गाज्जों और मेटा के नये पुराने नामंकित  और विजेताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । महिंद्रा ग्रुप द्वारा अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने हेतु, टीमवर्क आर्ट्स द्वारा क्यूरेट किया गया मेटा पुरस्कार रंगमंच की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों और प्रदर्शनों के साथ-साथ  निर्माताओं और कलाकारों को एक नई पहचान दिलाता आया है। दुनिया भर में कोविड-19 के प्रकोप के चलते भारत में लॉकडाउन की स्थिति में मेटा 2020 फेस्टिवल, जो की मार्च 2020 में होना था, स्थगित कर दिया गया था। लॉकडाउन होने के कारण प्रदर्शन कला व्यवसाय व कलाकारों पर ख़ास तौर से काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है । रचनात्मकता और कला का समर्थन करने के दृढ़ विश्वास के साथ, महिंद्रा ग्रूप ने इस साल के मेटा समारोहों को ऑनलाइन करके थिएटर बिरादरी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर एक मिसाल दी। 15 वर्ष से चली आ रही अपनी गौरवशाली यात्रा में मेटा ने 6200 से अधिक रंगकर्मियों और करीब 3000 नाटकों से जुड़ कर 215 से अधिक उत्कृष्ट कलाकारों को पुरूस्कारित और सम्मानित किया है ।



अवॉर्ड सेरेमनी पर विजेताओं और नाटक प्रेमियों का साहस बढ़ाते  हुए, महिंद्रा ग्रूप के चेयरमैन, आनंद महिंद्रा ने कहा “15वे मेटा के सभी प्रकृष्ट विजेताओं और मेटा लाइफ्टाइम अचीव्मेंट अवॉर्ड से सम्मानित बैरी जॉन को मेरी हार्दिक शुभकामनायें | मुझे गर्व है की इस  मुश्किल समय में भी और शायद इस की बदौलत, आज हम सब देश के अन्य कोनों में रह कर भी एक जुट हो सके है और इस शानदार समारोह का जश्न माना पा रहे हैं | आदरणीय ज्यूरी, सभी भाग  लेने वाले नाट्यकार और मेटा का संचालन करते टीमवर्क आर्ट्स को मैं धन्यवाद करता हूँ |” नाट्यकला प्रदर्शन के एक डिजिटल अवतार की संभाव्यता दर्शाते हुए पहली बार मेटा  की ज्यूरी ने सभी नामांकित रचनायें ऑनलाइन ही देखी और उनपे चर्चा, विचार और विजेताओं का निर्णय भी ऑनलाइन मिल कर ही किया | मेटा 2020 की ज्यूरी में इस साल शामिल रहे प्रसिद्ध नाटककार, मंच निर्देशक और फिल्म निर्माता महेश दत्तानी, प्रसिद्ध नाटककार और उपन्यासकार मकरंद साठे, अनुभवी बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री सुषमा सेठ, अभिनेता-लेखक विनय पाठक जो दो दशकों से भारतीय सिनेमा और थिएटर में सक्रिय रूप से शामिल हैं, और प्रसिद्ध फिल्म, टेलीविजन और थिएटर अभिनेता और निर्देशक लिलेट दुबे।

ज्यूरी के सभी सदस्यों ने ब्लैक बॉक्स ओखला के नाटक ‘फोर द रेकौर्ड’ की काफ़ी सराहना करते हुए इसे ‘मॉडर्न एक्सपेरिमेंटल थियेटर’ का तारकीय उदाहरण बताया | निखिल मेहता द्वारा निर्देशित इस नाटक ने बेस्ट प्ले के साथ-साथ इस साल सबसे अधिक श्रेणियों में अवॉर्ड हासिल किए | ‘विजया राधाकृष्णन’ की भूमिका में कृति पंत ने बेस्ट बेस्ट एक्टर इन ए लीड रोल (फीमेल) और ‘नीरज कक्कर’ की भूमिका में ध्वनि विज ने बेस्ट एक्टर इन ए सपोर्टिंग रोल (फीमेल) प्राप्त किया | इसके अलावा ‘फॉर द रेकॉर्ड’को बेस्ट एन्सेम्बल और बेस्ट ओरिजिनल स्क्रिप्ट का भी खिताब मिला जिसे निखिल मेहता, ध्वनि विज, कृति पंत, कृत्तिका भट्टाचार्जी, क्षितिज मर्विन, नील सेनगुप्ता, निहारिका लाइरा दत्त और प्रशांत प्रकाश ने साथ मिलकर रचा है | निखिल मेहता के साथ ‘द ओल्ड मैन  के निर्देशक साहिदुल हक ने बेस्ट डाइरेक्टर का अवॉर्ड साझा किया | पुर्वी  भारत में रंगमंच की गौरवशाली प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए असम से ऑर्किड थियेटर के नाटक 'द ओल्ड मैन' और पच्छिम बंगाल से  से ठाकुरपुकुर इच्छेमोतो के नाटक 'घूम नेइ' ने चार-चार अवॉर्ड प्राप्त किए| बेस्ट डाइरेक्टर के सहविजेता साहिदुल  द्वारा निर्देशित 'द ओल्ड मैन' अर्नेस्ट हेमिंग्वे के विश्व क्लासिक "द ओल्ड मैन एंड द सी" का रूपान्तर है | इस नाटक द्वारा प्राप्त चार अवॉर्ड्स में शामिल रहे बेस्ट एक्टर इन ए लीड रोल (मेल) के विजेता निरंजन नाथ, जिन्होने इस नाटक में ‘द ओल्ड मैन’का किरदार निभाया है | साहिदुल हक को बेस्ट कॉरियोग्रफी के लिए भी पुरूस्कारित किया गया और ‘द ओल्ड मैन’ के तपन कुमार बरुआ और ‘घूम नेइ’ के सौमेंन चक्रबोर्ती ने बेस्ट लाइट डिज़ाइन का अवॉर्ड साझा किया | 

सौरव पालोधी द्वारा निर्देशित नाटक 'घूम नेइ' कामकाजी वर्ग के मुद्दों को बंगाली हास्या व्यंग में बेहतरीन तरीके से सामने रखता है, जिसमे ‘अख़लाक़’ की भूमिका में प्रतिभाशाली प्रदर्शन के लिए कौशिक कर को बेस्ट एक्टर  इन ए सपोर्टिंग रोल (मेल) के लिए चुना गया | इस नाटक को देबदीप मुखर्जी द्वारा बेस्ट इनोवेटिव साउंड डिज़ाइन, तुर्ना दास और अप्रतिम सरकार द्वारा बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन और सौमेन चक्रबोर्ती द्वारा बेस्ट लाइट डिज़ाइन के लिए भी पुरस्कृत किया गया | दक्षिण से बैक स्टेज की प्रस्तुति मलयालम नाटक भास्करा पत्तेलार्रुम तोम्मियुडे जीविथावम के सुवीरान को बेस्ट स्टेज डिज़ाइन के लिए अवॉर्ड प्राप्त हुआ | मेटा 2020 की वर्चुअल अवॉर्ड सेरेमनी का सञ्चालन गितिक्का गंजू धर ने किया और इसमें  शामिल रहे नाट्य, नृत्या, कलमंच, सिनेमा  और साहित्य की दुनिया के कई चमकते सितारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. विजेताओं की घोषणा करने वाली हस्तियों में अजीत राए, अखिला कृष्णामूर्ती, ऐश्ली लोबो, दीपा पुंजनी, दीपिका देशपांडे अमीन, डॉली आह्लुवलिआ, फ़िरोज़ अब्बास ख़ान, जोसेफ़ मिचेल, लिलेट दुबे , मकरंद साठे, महेश दत्तानी, नंदिता दास, नवीन किशोर, शर्मिला टैगोर, शोभा दीपक सिंह, सोनल मानसिंह , सुमंत जयकृष्णन, सुषमा सेठ,इला अरुण और विनय पाठक शामिल थे  |



भारत के सर्वोत्तम  थिएटर प्लेटफॉर्म मेटा में इस वर्ष देशभर से 385 से भी अधिक नाटकों की प्रविष्टियाँ प्राप्त रहीं। हिंदी और अंग्रेजी भाषा के नाटकों के साथ-साथ इस वर्ष के नामांकन में हिंदुस्तानी, बंगाली, मराठी, मलयालम, असमिया और एक गैर-मौखिक नाटक भी शामिल रहे। मेटा के 15 वें संस्करण को यादगार बनाते हुए इस साल तीन सप्ताह का समारोह रखा गया था जिसमें 10 अगस्त को एक थिएटर क्रिटिक्स कॉन्फ्रेंस रखी गयी जहाँ थिएटर पर विश्लेषण और क्रिटिक्स के बीच चर्चा हुई | समकालीन भारतीय रंगमंच में पटकथा लेखन को बढ़ावा देते हुए मेटा ने पहली बार “बेस्ट ओरिजिनल स्क्रिप्ट” का प्रकाशन किया जिसका लॉंच 18 अगस्त को किया गया और पिछले सप्ताह 23 अगस्त ko लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड में वरिष्ठ कलाकार बैरी जॉन को एक विशेष प्रस्तुति द्वारा सम्मानित किया गया जिसमे उनके कई साथी कलाकारों ने उनको नमन किया और उनके थियेटर जगत में योगदान और स्कूली स्तर पर नाटक और रंगमंच के अध्ययन की स्थापना में उनकी अग्रणी भूमिका पर चर्चा भी की |

कोई टिप्पणी नहीं: