कांग्रेस ने कभी नहीं चाहा राम मंदिर बने : योगी - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 4 अगस्त 2020

कांग्रेस ने कभी नहीं चाहा राम मंदिर बने : योगी

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अयोध्या 03 अगस्त, अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने कभी नहीं चाहा कि राम मंदिर का निर्माण हो सके। सोमवार को भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करने आये श्री योगी ने पत्रकारों से कहा “ कांग्रेस को अपने अतीत में झांकना चाहिये। वे कभी उस स्थान पर शिलान्यास नहीं चाहते थे जहां रामलला विराजते हैं। करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़े इस मुद्दे को कांग्रेस कभी नहीं हल करना चाहती थी। उन्होने सिर्फ लोगों को जाति,धर्म के नाम पर बांटा है। ” उन्होने कहा कि करीब पांच सौ वर्ष पहले एक अत्याचारी ने श्री राम जन्म भूमि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया था। अब तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत न्यायपालिका के आधार पर एक निर्णय आया है उस निर्णय के तहत मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 के चुनाव में कहा था कि अयोध्या में संविधान के दायरे में रहकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा और उच्चतम न्यायालय ने श्री राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर के पक्ष में निर्णय दिया था। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि पांच अगस्त को राम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुविधा को ध्यान में रखते हुये बनाया गया है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि सनातन धर्म और लोगों की धार्मिक भावनाओं को दरकिनार किया गया कि यह कार्यक्रम अशुभ घड़ी में रखा गया है। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बयान काे संदर्भित करते हुये श्री सिंह ने ट्वीट किया “ मैं मोदी जी से फिर अनुरोध करता हूँ पांच अगस्त के अशुभ मुहुर्त को टाल दीजिए। सैंकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद भगवान राम मंदिर निर्माण का योग आया है अपनी हठधर्मीता से इसमें विघ्न पड़ने से रोकिए। भगवान राम करोड़ों हिंदुओं के आस्था के केंद्र हैं और हज़ारों वर्षों की हमारे धर्म की स्थापित मान्यताओं के साथ खिलवाड़ मत करिए।” उन्होने कहा “ इन हालातों में क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री को कोरोनटाइन नहीं होना चाहिए। क्या कोरोनटाइन में जाने की बाध्यता केवल आम जनता के लिए है। प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के लिए नहीं है। कोरोनटाइन की समय सीमा 14 दिवस की है। अब एक और प्रश्न उपस्थित होता है। उत्तर प्रदेश की मंत्री की कोरोना से मौत हो गयी। उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष कोरोना पोजिटिव भारत के गृहमंत्री कोरोना पोजिटिव।”

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