जायसवाल क्लब की मदद से कोरोना को मात देकर घर लौटा पवन - Live Aaryaavart

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शनिवार, 1 अगस्त 2020

जायसवाल क्लब की मदद से कोरोना को मात देकर घर लौटा पवन

  • बीएचयू की दुव्र्यस्था को लेकर देषभर में वायरल हुआ था मां की वीडियो 
  • पुष्पवर्षा कर पवन जैसे कोरोना योद्धा को लोगों ने किया सम्मानित
  • दो और संक्रमितों की मौत, डीएम आवास के व्यक्ति समेत 182 लोग मिले कोरोना पॉजिटिव
manoj jaisawal
वाराणसी। शहर में शनिवार को कोरोना वायरस के 182 नए मरीजों में पुष्टि हुई है। इस प्रकार वाराणसी जनपद में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 2930 हो गई है। जबकि 1103 मरीज स्वस्थ होकर अपने अपने घरों के लिए डिस्चार्ज हो चुके हैं। इन्हीं में से एक है गाजीपुर के पवन जायसवाल। इनकी चर्चा इसलिए क्योंकि बीएचयू हास्पिटल में कोविड-19 के इलाज के दौरान भारी लापरवाही व खामियों के चलते इनकी मां ने पत्रकारों से चीख-चीख कर कहा था, कोई उनके बेटे एमबीबीएस थर्डीयर पवन जायसवाल को बचा ले। क्योंकि अस्पताल में दुव्र्यस्था के चलते उनके बेअे की इलाज नहीं हो रही है, उनका बेटा अकारण ही चिकित्सकों की लापरवाही के चलते मौत के गाल में समाने को विवश है। 

monoj-mother
खास बात यह है मां सुमन जायसवाल की यह पुकार देखते ही देखते देशभर में वायरल हो गया। एक करोड़ से भी अधिक लोगों ने सोशल मीडिया शेयर और लाइक किया। वायरल वीडियों जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल के हाथ लगा औा उन्होंने तत्काल जिले के आला अधिकारियों से लेकर सूबे के स्टांप शुल्क पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल सहित बीएचयू प्रशासन से संपर्क कर पवन की बेहतर इलाज कराने की व्यवस्था की। इसके बाद पवन जायसवाल 14 दिन में पाॅजिटिव से निगेटिव होकर अपने घर लौट गए। गौरतलब है कि गाजीपुर निवासी सुमन जायसवाल का पुत्र पवन जायसवाल पूणे से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसका तीसरा साल है। वह अस्थमा से अक्सर ग्रसित हो जाता है। लाॅकडाउन के दौरान पूणे से वापस आने पर उसके गले में खरास होने लगा। कुछ दिन बाद बुखार के साथ सांस फूलने लगा। शुरुवाती लक्षण को देखते हुए मां को कोविड-19 की शंका होने पर बीएचयू में जांच कराई। रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर 17 जुलाई को भर्ती करा दिया। मां का आरोप है कि भर्ती के बाद चिकित्सक ने बाहर से 4500 का इंजेक्शन उमंग मेडिकल स्टोर से लाने को कहा, लेकिन उमंग ने देने से मना कर दिया। काफी पैरवी के बाद उसे इंजेक्शन मिला। इसी बीच सायंकाल कोविड-19 वार्ड फोर्थ फलोर के बेड नं 6 पर एकडमिट पवन ने मां के मोबाइल पर फोन कर कहा मां पानी दो गला सूख रहा है, यहां कोई पानी नहीं दे रहा है। मां पानी देने का प्रयास पूरी रात तक की लेकिन पानी उसे सुबह मिला। पांच जुलाई को पवन ने फिर फोन कर बताया कि मां मेरी जान निकल रही है। बगल में किसी ने लैट्रिन कर गंदगी कर दिया है। इसके बाद मां ने माथुर साहब कई लोगों से संपर्क किया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो अपनी पीड़ा पत्रकारों को बताई। इसके बाद वीडियों देशभर में वायरल हो गया। परिणाम यह रहा कि जायसवाल क्लब के मनोज जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर पवन को उत्तम इलाज कराने की व्यवस्था की। पवन अब घर पर है। 

बढ़ते संक्रमण को लेकर डीएम अलर्ट 
वाराणसी में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन नई रणनीति में जुट गया है। समय से जांच कर रिपोर्ट मिल सके और मरीजो का इलाज हो इसके लिए अर्ली डिटेक्शन, अर्ली कैचिंग कंसेप्ट के आधार पर काम किया जाएगा। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कैंप कार्यालय पर स्वास्थ्य अधिकारियों, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर और पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि इस कांसेप्ट से समय से मरीजों की जांच और उनकी पहचान हो जाएगी। जो कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सैंपल कलेक्शन के लिए पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया जाएगा। साथ ही जिले के हर पीएचसी पर डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा डाटा फीडिंग कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी लैब टेक्नीशियन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक जांच की प्रक्रिया पूरी करें, जिससे कि समय से रिपोर्टिंग की जा सके। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के कांटेक्ट वाले व्यक्तियों के सैंपल की जांच प्राथमिकता पर करने, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे की जांच का सर्वे कराए जाने का निर्देश भी दिया। सैंपल देने में आना कानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। 

सभी दे रहे हैं कोरोना को मात: मनोज जायसवाल 
जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए हम सबको सावधान रहना होगा। इस बात का ध्यान रखें कि शारीरिक दूरी और मास्क लगाना जीवन का हिस्सा हो गया है। कोरोना का इलाज कर रहे चिकित्सक महान हैं। उन्होंने कोरोना योद्धाओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि बिना लक्षण वाले कोरोना पाजिटिव मरीजों को तनाव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास क्लब द्वारा किया जा रहा है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला आहार भी लोगों में वितरित कराया गया। 

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