मधुबनी : खेग्रामस और ऐपवा ने निकाला विरोध मार्च - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 15 सितंबर 2020

मधुबनी : खेग्रामस और ऐपवा ने निकाला विरोध मार्च

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मधुबनी। 15 सितंबर, भाकपा-माले से संम्बद्ध अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) एवं अखिल भारतीय प्रगतीशिल महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के बैनर तले दोनों जन संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री रेलवे स्टेशन परिसर से समाहरणालय तक मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व खेग्रामस के जिला अध्यक्ष उत्तीम पासवान, जिला सचिव बेचन राम एवं ऐपवा के जिला संयोजक पिंकी सिंह ने किया। मार्च के जरिए निम्नलिखित मांग किया गया। जिसमें प्रमुख है,-

1)स्वयं सहायता समूह-जिवीका समूहों से जुड़ी सभी महिलाओं का लोन माफ किया जाय।
2)ग्रूप लोन पर ब्याज दर आधा किया जाय।
3)ब्याज पर ब्याज वसूलना बंद किया जाय।
4)सभी प्रबासी और ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा के तहत बर्ष में दो सौ दिन काम और पांच सौ रुपए दैनिक मजदूरी देने की गारंटी किया जाय।
5) दिल्ली में 48000 झोपड़ियां उजाड़ने से पहले ऊसे बैकल्पिक ब्यबस्था किया जाय।
     
जिला समाहरणालय के समक्ष उत्तीम पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा के जिला संयोजक एवं पूर्व जिला पार्षद पिंकी सिंह ने कहा कि मोदी नीतीश के राज में महिला सशक्तिकरण के नाम पर महिलाओं पर अत्यार ही बढ़ा है। कोरोनावायरस और लोकडाउन के कारण समूहों की महिलाओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात में इनके साथ लोन वसूली का मामला अन्यायपूर्ण है। खेग्रामस के जिला सचिव बेचन राम ने कहा कि हम लगातार प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण मजदूरों के सबालों पर संघर्ष चला रहें है। परंतु नीतीश मोदी सरकार  मज़दूरों इस बिपदा की घड़ी में भी  मनरेगा के तहत रोजगार देने में बिफल है। यह पूंजीपतियों और अमीरों की तिजोरी भरने में लगी हुई है। भाकपा-माले के मधुबनी जिला कमिटी सदस्य सह रहिका प्रखंड माले सचिव अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नीतीश मोदी सरकार में गरीबों को पांच डिसमिल बास भूमि देने के बदले, पहले से बसे भूमिहीन गरीबों को उजाड़ने का काम कर रही है। माले गरीब बसाओ आंदोलन चलाकर इसका करारा जवाब दे रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। मार्च में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव प्रेम कुमार झा, बेनीपट्टी प्रखंड माले सचिव श्याम पंडित, सोसल मीडिया प्रभारी शंकर पासवान, गणेश यादव, मनीष मिश्रा, संतोष साह, दीपक पासवान।खेग्रामस नेता राम बिनय पासवान, बीरबल दास, राम प्रसाद पासवान,बिबेकी सदाय, बिकास सदाय, शिवजी राम, राम अवतार मंडल, बिक्रम पासवान, नारायण राम, छोटे राम, योगेन्द्र दास, अनिल राम,तेतर पासवान। ऐपवा नेत्री, ललीता देवी,किरण दास,शिला देवी,पारो देवी, लीला देवी,इंदुला देवी, रामकली देवी,प्रिया कुमारी,जुलेखा खातून सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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