बेतिया : मृत घोषित और दिल्ली में मृतक जीर्वित पाया गया - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 1 सितंबर 2020

बेतिया : मृत घोषित और दिल्ली में मृतक जीर्वित पाया गया

सनसनीखेज खुलासा किया कि खालिद जीर्वित है तो सभी के होश उड़ गए। इस मामले में राहत की सांस लेते हुए पुलिस ने कहा कि हां खालिद अभी जिंदा है। इस संदर्भ में खालिद व उसके पिता सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है..
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बेतिया,31 अगस्त। बेतिया में मृत घोषित और दिल्ली में मृतक मो.अब्दुल खालिद हुसैन जीर्वित पाया गया। पश्चिम चम्पारण जिले के बेतिया  में प्रसिद्ध व्यवसायी रोहित सिकारिया की पत्नी व वार्ड नंबर 24 की पार्षद गरिमा देवी सिकारिया रहती हैं। सूचना है कि नगर परिषद बेतिया की सभापति और उनके व्यवसाई पति रोहित सिकारिया (Rohit Sikaria) को विवादित जमीन को लेकर विवाद में फंसाने के लिए एक ऐसी साजिश रची गई थी। खालिद हत्याकांड में हत्या किसी और की और  पहचान किसी और की कर दी गई। इस हत्या का आरोप किसी और पर लगा दिया गया। इस मामले में बेतिया पुलिस (Bettiah Police) ने चार दिन के भीतर जब सनसनीखेज खुलासा किया कि खालिद जीर्वित है तो सभी के होश उड़ गए। इस मामले में राहत की सांस लेते हुए पुलिस ने कहा कि हां खालिद अभी जिंदा है। इस संदर्भ में खालिद व उसके पिता सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।



बेतिया में हाई प्रोफाइल खालिद हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृत खालिद को दिल्ली से तलाश निकाला जिसके बाद यह केस पूरी तरह पलट गया है।यह हत्याकांड जिले का राजनीतिक मुद्दा बन गया था, वहीं मृत खालिद के जिंदा निकलने से नगर परिषद सभापति गरिमा सिकारिया व उनके पति रोहित सिकारिया ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने हत्या करवाने का आरोप नगर परिषद सभापति और उनके पति पर लगाया था। इस मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने खालिद व उसके पिता सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिनसे कड़ी पुछताछ की जा रही है।हालांकि जिस व्‍यक्ति का शव चार टुकड़ो में मिला था उसकी पहचान नहीं हो सकी हैं। पुलिस के मुताबिक, खालिद और उसके दोस्तों ने मिलकर ही एक व्यक्ति की हत्या की थी और जमीन विवाद में नगर परिषद सभापति और उनके पति को फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी।पुलिस ने इस मामले में खालिद के पिता को भी पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार किया हैं, लेकिन गिरफ्तार लोगों ने अब तक पुलिस को यह नहीं बताया है कि आखिर वह लाश किसकी थी जिसे खालिद के पिता ने अपना बेटा बताया था।

भरा पत्र भी मिला था जिसमें बियाडा की विवादित जमीन छोड़ने की धमकी दी गई थी जिसको लेकर परिजनों ने सीधा आरोप नगर परिषद सभापति व उनके पति पर लगाया था। जबकि इस हत्या को लेकर परिजनों और स्‍थानीय लोगों ने जमकर बवाल भी मचाया था और विपक्षी पार्टी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही थी।बेतिया शहर में दो अल्पसंख्यक युवाओं की निर्मम हत्या यह कोई घटना नहीं बल्कि एक सोची सोची समझी साजिश है। इसके पीछे अपराधियों का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होना कारण है। मोहम्मद खालिद की बेरहमी से हत्या कर सर मस्जिद के पास और अन्य शरीर इधर उधर फेंका जाना साफ दर्शाता है यह एक राजनीतिक साजिश है। प्रो. आलम ने इस की जांच सीबीआई से होनी चाहिए क्योंकि बिहार पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है।लेकिन यह सब एक सोची समझी साजिश थी जिसे पुलिस ने बेनकाब कर दिया है। पुलिस गिरफ्त में आ चुके मो.अब्दुल खालिद हुसैन ने बताया कि यह सब साजिश बेलदारी के एक युवक शादिक के कहने पर की थी और इसके लिए उसने 20 हजार रुपये दिए थे।शादिक ने उसे नरकटियागंज छोड़ा था जहां से वह अपने दोस्त रंजीत के साथ दिल्ली चला गया था और फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। बहरहाल, बेतिया पुलिस को इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस सुलझ जाने के बाद राहत मिली है। वहीं, अभी तक कई ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब बेतिया पुलिस तलाशने में लगी हुई है।सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर मरने वाला वह युवक कौन था जिसकी हत्या खालिद व उसके लोगों ने की थी और इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन है। इस संदर्भ में एसपी नताशा गुड़िया ने कहा कि मास्टरमाइंड  को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

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