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बुधवार, 16 सितंबर 2020

बिहार : तेजस्वी के माता-पिता के शासन में कितने को मिला रोजगार : मांझी

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पटना : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तापक्ष की तरफ 15 साल बनाम 15 साल का मुद्दा चलाया जा रहा है। वहीं विपक्ष द्वारा बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बनाया गया है। इसको लेकर तेजस्वी यादव द्वारा एक पोर्टल बनाया गया। पोर्टल का उद्धघाटन करते हुए तेजस्वी ने कहा था कि सभी बेरोजगार को हमारी सरकार अगर इस बार सत्ता में आती है सभी को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इस बीच सीएम नीतीश की तरफ से सबसे पहले जीतनराम मांझी ने तेजस्वी यादव को जवाब दिया है। जीतनराम मांझी ने कहा है कि बिहार में काम हुआ है। तेजस्वी यादव बताएं कि उनके माता-पिता के शासन में कितने लोगों को नौकरी दी गई। मालूम हो कि एनडीए में शामिल होने के बाद जीतनराम मांझी लगातार तेजस्वी यादव और चिराग पासवान पर हल्ला बोल रहे हैं। 



इसी कड़ी में आज तेजस्वी के 17 सवालों पर जवाब देते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि बिहार की वर्तमान सरकार काम कर रही है। इससे अच्छा काम कोई नहीं कर सकता है। कहीं कुछ काम रह गया होगा, लेकिन संपूर्ण तौर आप कह सकते हैं कि बिहार में विकास हुआ है। जीतन राम मांझी ने राजद पर आरोप लगाते हुए कहा कि 15 साल पहले जो सरकार थी, वह शासन गुंडराज था। बंदूक, राइफल की नली कार की खिड़की से निकाल कर लोग चलते थे। सीएम आवास पर पंचायत लगती थी। उसमें कहा जाता था ये लोग लड़की उठाकर लाया है, दे दीजिए खाने और पीने के लिए। तेजस्वी बताए पहले उनके माता और पिता के शासन में कितने लोगों को रोजगार मिला। मांझी ने चुनाव आयोग से मिले नए चुनाव चिन्ह पर बोले कि उनकी पार्टी सिंबल बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। दो- तीन दिन में जन जन तक नया सिंबल पहुंच जाएगा। पहले हमारे पार्टी का सिंबल टेलीफोन छाप था, इससे हमें दिक्कत होती थी। हम हमें कराही सिंबल दिया गया है। जो घर-घर में मौजूद है। बता दें कि चुनाव आयोग ने जीतनराम मांझी की पार्टी हम को नया सिंबल दिया है। अब हम पार्टी का नया सिंबल कराही है।

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