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मंगलवार, 22 सितंबर 2020

गया: नीतीश ने फल्गु नदी के बाएं तट पर रबड़ डैम का शिलान्यास किया

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गया, 22 सितम्बर। बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा गया जिले के फल्गु नदी के बाएं तट पर विष्णुपद मंदिर के निकट लगभग 266 करोड रुपए की लागत से बनने वाला रबड़ डैम का शिलान्यास किया गया, जिसमें पूरे वर्ष भर विष्णुपद मंदिर के निकट तीर्थ यात्रियों के लिए न्यून प्रवाह की अवधि में भी कम से कम 2 फीट पानी उपलब्ध रहेगा। रबड़ डैम का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विष्णुपद मंदिर के निकट रबड़ डैम बनाने के लिए विशेषज्ञों से राय ली गई है। उन्होंने कहा कि रबड़ डैम के बन जाने से पितृपक्ष मेला तथा अन्य अवसरों पर आए तीर्थयात्रियों के लिए पानी की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि नदी के पानी को संरक्षित किया जाएगा। नदी घाट की 500 मीटर की दूरी तक जल भंडारित रहेगी। कम से कम 2 फीट पानी अवश्य संरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि रबड़ डैम के साथ-साथ फल्गु नदी पर एक पैदल सेतु का भी निर्माण कराया जाएगा जिससे यात्री/ पर्यटक विष्णुपद मंदिर से सीता कुंड तथा सीता कुंड से विष्णुपद मंदिर आसानी से आ जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विष्णुपद का अत्यधिक महत्व है। इस कार्य के लिए उन्होंने जल संसाधन विभाग तथा गया जिला के वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दिया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी गया श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि रबड़ डैम बिहार के लिए एक अनूठा परियोजना है, जिसके बन जाने से गया जिला के लोगों तथा देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को काफी सुविधा होगी। रबड़ डैम के निर्माण से विष्णुपद मंदिर एवं सीताकुंड को देखने हेतु पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा अब लोगों को पितृपक्ष मेले में नदी पार कर तपते बालू में चलने से निजात मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह एक पर्यावरण हितैषी परियोजना है जिससे पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा। 

जिला पदाधिकारी ने रबड़ डैम के निर्माण के संबंध में बताया कि विष्णुपद मंदिर के 2 किलोमीटर उधर्वप्रवाह (अपस्ट्रीम) एवं 2 किलोमीटर निम्न प्रवाह (डाउन स्ट्रीम) में स्थल सर्वेक्षण किया जा रहा है। मंदिर के अपस्ट्रीम में एक बोरहोल एवं मंदिर के 300 मीटर निम्न प्रवाह में प्रस्तावित रबड़ डैम की दूरी पर चार बोरहोल जिसकी कुल गहराई 130.50 मीटर में किया गया है ताकि नदी तल के मिट्टी का वर्गीकरण एवं प्रस्तावित संरचना के रूपांकन हेतु मानकों का निर्धारण किया जा सके। जल की उपलब्धता एवं इसे संचित रखने का अध्ययन जिससे मंदिर के निकट वर्ष भर कम से कम 2 फीट पानी भी जल उपलब्ध हो सके। फल्गु नदी के बाएं तट पर 15.5 मीटर की गहराई तथा दाएं तट पर 22 मीटर की गहराई पर चट्टान पाया गया है। नदी के मध्य में जाने पर 28 मीटर की गहराई पर चट्टान पाया गया है। नदी की अपस्ट्रीम में जाने पर चट्टान और अधिक गहराई में उपलब्ध है। वर्ष 1970 से 2018 के बीच जल उपलब्धता के अध्ययन से पता चलता है कि विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी के सतह में जून माह के मध्य से पानी प्रवाहित होना शुरू हो जाता है। जुलाई एवं अगस्त माह तक जलस्तर में वृद्धि होती है तथा अक्टूबर माह के अंत तक पानी सूख जाता है। जल संतुलन अध्ययन से पता चलता है कि फल्गु नदी में 3 मीटर संरचना उप-सतही प्रवाह को रोकने के लिए पर्याप्त प्रावधानों के साथ निर्माण करने पर संरचना के उधर्वभाग में जून माह के मध्य से अक्टूबर माह के अंत तक 3 मीटर की ऊंचाई तक जल संचयन किया जा सकेगा। इसके बाद पानी सूखने लगेगा और मार्च के प्रथम सप्ताह में 0.6 मीटर जल उपलब्ध होगा। परामर्शी द्वारा समेकित रूप से सतही एवं भूगर्भ जल का सॉफ्टवेयर के माध्यम से मॉडल तैयार किया गया है, जिससे साबित होता है कि जल की कमी मात्र एक से डेढ़ महीने होगी। अतः सालों भर जल संचयन हेतु नदी के तल में पानी संचयन एवं ठहरे हुए पानी के समय-समय पर प्रतिस्थापन हेतु बोरवेल का उपयोग किया जाना है।

विष्णुपद मंदिर के 300 मीटर निम्नप्रवाह (डाउनस्ट्रीम) में फल्गु नदी पर 3 मीटर ऊंचा एवं 405 मीटर की लंबाई में रबर डैम का निर्माण किया जाएगा। रबड़ में 06 स्पेन होंगे, जिसमें प्रत्येक की लंबाई 65 मीटर होगी। उप सतही प्रवाह को रोकने हेतु बायें तट, दाएं तट एवं प्रस्तावित रबड़ डैम के धुरी (एक्सिस) के अपस्ट्रीम में नदी तल में अवस्थित चट्टान के तल तक सीट पाइल कट ऑफ वाल का निर्माण। रबड़ डैम निर्माण के पश्चात अपस्ट्रीम में महीन तलछट जमा होंगे, जो आवरण की तरह काम करेंगे। दाएं तट के तरफ नदी तट का उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ कंक्रीट लाइनिंग कार्य तथा दो स्थानों पर 50-50 मीटर की लंबाई में घाट का निर्माण कार्य। बायें एवं दाएं तट को जोड़ने एवं सीताकुंड जाने वाले तीर्थ यात्रियों के सुविधा हेतु रबड़ डैम के ऊपर पैदल पथ का निर्माण कार्य। जल भंडारण हेतु विष्णुपद मंदिर के अपस्ट्रीम में अवस्थित सड़क पुल के अपस्ट्रीम में 150 मीटर के अंतराल पर 5 अदद बोरवेल का निर्माण। डैम स्थल जो विष्णुपद मंदिर के 300 मीटर डाउनस्ट्रीम, रबड़ डैम का प्रकार बुलेट प्रूफ होगा, एवटमेंट से एवटमेंट के बीच की लंबाई 405 मीटर होगी, उच्चतम बाढ़ लेवल 108.74 मीटर होगा, पौंड लेवल 106.6 मीटर, रबर डैम की शिखर की ऊंचाई 106.6 मीटर, स्पिलवे का सील लेवल 103.60 मीटर, एवटमेंट का शीर्ष तल 110 मीटर, स्पेन की संख्या 6 अदद, प्रत्येक स्पेन की चौड़ाई 65 मीटर, रबड़ डैम की ऊंचाई प्रत्येक 3 मीटर, प्रत्येक स्पेन के बीच कंक्रीट पाया की चौड़ाई 3 मीटर, फ्री बोर्ड 1.26 मीटर, रूपांकित जलश्राव 5470 क्यूमेक है। इस अवसर पर गुरुआ विधायक श्री राजीव नंदन दांगी, माननीय कृषि मंत्री बिहार सरकार की धर्मपत्नी,  विष्णुपद मंदिर प्रबंध कारिणी के सचिव श्री गजाधर लाल पाठक, विष्णुपद मंदिर प्रबंध कारिणी के सदस्य महेश लाल गुपुत,  नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग, अधीक्षक अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री शंभू नाथ झा, ए डी आई ओ श्री तरुण कुमार, जिला नजारत उप समाहर्ता श्री शैलेश दास, अनुमंडल पदाधिकारी सदर इंद्रवीर कुमार, नगर पुलिस उपाधीक्षक, पूर्व वार्ड पार्षद श्री लालजी प्रसाद, पूर्व वार्ड पार्षद श्री संतोष सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पंडा समाज के गणमान्य व्यक्ति, जल संसाधन विभाग के अभियंता गण एवं आम जन उपस्थित थे।

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