बिहार : अवमानना का मामला माननीय उच्च न्यायालय में दायर - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

बिहार : अवमानना का मामला माननीय उच्च न्यायालय में दायर

एकता परिषद बनाम भारत सरकार व अन्य ने जनहित याचिका माननीय पटना उच्च त्यायालय में दाखिल किए थे। सी डब्ल्यू जे सी नम्बर- 1350/2010 के तहत आदेश पारित किया गया।इसका अनुपालन 10 साल के बाद भी नहीं हो रहा है।इसके आलोक में अवमानना का मामला माननीय उच्च न्यायालय में दायर किया जा रहा है....
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पटना। जब आप सत्ता में रहते हैं तो पब्लिक का काम नहीं करते हैं।इसके कारण हासिए पर चल जाते हैं।यहीं हाल बिहार में कांग्रेस की हुई है।बिहार में कांग्रेस वैशाखी के सहारे चल रही है। बता दें कि बिहार प्रदेश काँग्रेस कमिटी के अध्यक्ष  डॉ0 मदन मोहन झा हैं। जब बिहार के डॉ0 मदन मोहन झा जी राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री थे। डॉ0 मदन मोहन झा काँग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में जनता दरबार लगाते थे। इस जनता दरबार में समस्याओं से ग्रसित लोग समस्याओं का समाधान करवाने जाते थे। टेश लाल वर्मा नगर के विस्थापित  300 परिवारों के लोग पुनर्वास करवाने की मांग को लेकर कष्ट सहने वाले गये थे। मगर दैनिक मजदूरी करने वाले लोग मंत्री के दरबार से खाली हाथ लौट आए थे । ये लोग महादलित, पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यक आदि समुदाय के थे।  यहां से निराश होकर लौटे लोगों ने माननीय पटना उच्च न्यायालय के द्वार खटखटाये। एकता परिषद बनाम भारत सरकार व अन्य ने जनहित याचिका माननीय पटना उच्च त्यायालय में दाखिल किए थे। सी डब्ल्यू जे सी नम्बर- 1350/2010 के तहत आदेश पारित किया गया।इसका अनुपालन 10 साल के बाद भी नहीं हुआ ।इसके आलोक में अवमानना का मामला माननीय पटना उच्च न्यायालय में विचारार्थ है। लॉकडाउन में लॉक होकर दीघा नहर के किनार रहने को बाध्य हैं। दानापुर अंचल अन्तर्गत ग्राम/मुहल्ला-टेश लाल वर्मा नगर वार्ड नं0-02 में तीन दशक से रूकमिनी देवी पति सुरेन्द्र बिन्द रहते हैं। जाति के बेलदार हैं। इनके पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत पहचान-पत्र और बी0 पी0 एल0 कार्ड है। 9 सितम्बर,2002 से विस्थापित भूमिहीन गृह विहिन है।पूर्व मध्य रेलवे परियोजना द्वारा गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल निर्माण हो रहा है। जो अब पूर्ण हो चुका है। पश्चिम में ओभर ब्रिज और पूर्व में रेलवे लाइन बनने के कारण रहने की असुविधा है।

विस्थापित, भूमिहीन, गृहविहिन परिवारों को पुनर्वास करें 
इस संबंध में जन संगठन एकता परिषद द्वारा माननीय पटना उच्च न्यायालय में सी डब्ल्यू जे सी नं0 - 1350/2010 में एकता परिषद बनाम भारत सरकार व अन्य जनहित याचिका दायर किया। माननीय पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता महेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने जनहित याचिका की पैरवी किए थे। अब महरूम हो गए हैं। माननीय न्यायधीशों ने अपना दावा आपके समक्ष उपस्थित करने का आदेश दिए हैं। पटना में रहने के लिए कोई भूमि मेरा नहीं है। 11 सितम्बर,2015 को दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी को मौजा/धनौत थाना नं0 -20 में प्लॉट संख्या- 321,322 में बसाने हेतु आवेदन दिया गया।पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव से निवेदन किया गया है कि माननीय पटना उच्च न्यायालय के आदेश में हम विस्थापित,भूमिहीन,गृहविहिन परिवारों को पुनर्वास करने के लिए उचित कार्रवाई करने का कष्ट करेंगे।

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