मधुबनी : निर्दलीय चुनाव लड़ने का खुलासा 5 सितम्बर काे कर दिया था : डॉ.शकील - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

मधुबनी : निर्दलीय चुनाव लड़ने का खुलासा 5 सितम्बर काे कर दिया था : डॉ.शकील

डॉ.शकील अहमद ने कहा कि सोनिया गाँधी जी के साथ अपना जो दो फ़ोटो डाल रहा हूँ वह 5 सितम्बर 2019 का है। उस दिन मैने विस्तार से माननीय कांग्रेस अध्यक्ष को बताया था कि वह क्या परिस्थितियाँ थीं जिनके कारण निर्दलीय चुनाव लड़ा था...
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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) । अखिल भारतीय कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी जी ने डॉ.शकील अहमद जी को 25 अगस्त को निलंबन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया था।डॉ.शकील अहमद ने सोनिया मेडम और राहुल गाँधी जी को बहुत धन्यवाद दिया। इससे पहले 18 अगस्त को ही बेनीपट्टी की विधायक श्रीमती भावना झा जी का निलंबन भी श्रीमती सोनिया गाँधी जी द्वारा समाप्त कर दिया गया था। डॉ.शकील अहमद ने अपने लगभग एक वर्ष की निलंबन अवधि मे भी अपने हर पत्रकार सम्मेलन, टीवी इंटरव्यू , टीवी डिबेट या सोशल मीडिया पोस्ट द्वारा हर जगह पार्टी की नीतियों और नेतृत्व के पक्ष मे ही बात करता रहा। इस अवधि मे परिवार में बीमारी के कारण महीने-महीने भर से ज्यादा समय के लिये दो-दो बार विदेश जाने और लगभग पाँच महीने कोरोना वायरस बीमारी के कारण हुए लाॉकडाउन का पूर्णतः पालन करने के बाद भी CAA और प्रस्तावित NRC के सम्बंध मे 41 जन सभाएँ की और हर सभा मे पार्टी का ही पक्ष रखा। इन 41 सभाओं मे 2 सभा दिल्ली मे और 39 सभाएं मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी सहित बिहार के विभिन्न ज़िलों मे की। दिल्ली में एक सभा 24 दिसम्बर 2019 को शहीन बाग़ में और दूसरी 3 जनवरी 2020 को जामिया मिलिया इसलामिया (विश्वविधलय) मे आयोजित हुई थी। 

बहुत से लोग इस बात का भरम फैलाते हैं कि मुस्लिम समाज CAA का विरोध करता है। यह सरासर झूठ है, मुस्लिम समाज तो यह माँग करता है कि मुस्लिम समाज को भी CAA मे शामिल किया जाय। केवल मुस्लिम समाज ही नहीं, इस देश और दुनिया के हर न्यायप्रिय व्यक्ति की नज़र मे सभों को CAA की सुविधा देना और केवल मुसलमानों को छाँटना अन्याय भी है और भारत के संविधान के ख़िलाफ़ भी है। वैसे CAA की ज़रूरत भी नहीं थी, इस देश मे 1955 से ही यह क़ानून बना हुआ है कि भारत सरकार जिसे चाहे उसे नागरिकता दे सकती है। मगर मोदी सरकार का लक्ष्य लोगों को सुविधा देना नहीं बल्कि हिन्दू -मुस्लिम को लड़ा कर अपनी सत्ता बनाए रखना है। अंग्रेज़ भी हमें इसी लक्ष्य से लड़ाते थे जिसके नतीजे मे यह देश टूट गया था।  प्रस्तावित NRC का ज़रूर विरोध करता हूँ क्योंकि इसका सबसे अधिक नुक़सान सभी धर्मों के कमज़ोर, कम पढ़े लिखे और ग़रीब लोगों को होता है। भारत मे अभी तक केवल एक राज्य आसाम मे NRC बनाने का काम हो रहा था। जिसकी पहली सूची मे जिन 40 लाख लोगों के नाम काग़ज़ात के अभाव छूटे थे उन 40 लाख लोगों मे 29 लाख बेचारे हिन्दू समाज के कमज़ोर लोग थे, और दूसरी सूची मे जिन 19 लाख लोगों के नाम छूटे थे, उनमें 13 लाख हमारे हिन्दू भाई थे। उन 41 सभाओं मे लोगों को यही बातें समझा रहा था।  निलम्बन समाप्त होने के बाद पहली बार 7 सितम्बर को दरभंगा ज़िला के कुछ रास्तों से गुज़र कर मधुबनी गये। मेरे बहुत से समर्थकों की प्रबल इक्छा थी कि कोई बड़ी सभा हो और ढोल बाजा गाजा के साथ कार्यक्रम हो, मगर ऐसा सम्भव नहीं हो सका ।मैंने मना कर दिया था। उनकी भावनाओं का आदर और सम्मान करता हूँ, परन्तु कोरोना की बीमारी के कारण हमारे हाथ बंधे हैं। हम सामाजिक कार्यकर्ता हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम नियमों का उल्लंघन नहीं करें।  इसी लिये यह फ़ैसला हुआ है कि कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होगा। मै दिन मे एक बजे के आस पास मधुबनी शहर मे मोमिन टोला के अहमदीया मदरसा और सुमनता होटल के पास अवस्थित अपने आवास पर पहुंचा। 7 और 8 सितम्बर को मधुबनी में ही रहे ।  मिलने की वाले सोशल डिसंटेसिंग पालन करके 7 या 8 सितम्बर को मिले। 9 सितम्बर को बेगूसराय ज़िला में कांग्रेस विधायक और मधुबनी ज़िला के बीस सूत्री प्रभारी मंत्री रहे स्व० रामदेव राय जी के द्वादश कार्यक्रम मे भाग लेने के बाद पटना वापस चला गया।

डॉ.शकील अहमद ने कहा कि सोनिया गाँधी जी के साथ अपना जो दो फ़ोटो डाल रहा हूँ वह 5 सितम्बर 2019 का है। उस दिन मैने विस्तार से माननीय कांग्रेस अध्यक्ष को बताया था कि वह क्या परिस्थितियाँ थीं जिनके कारण निर्दलीय चुनाव लड़ा था। अंत में यह कर अपनी बात समाप्त करना चाहता हूँ कि यह सभों को मालूम है कि कांग्रेस की विधायक श्रीमती भावना झा सहित बहुत से कांग्रेस के साथियों ने मेरा साथ दिया था। मै उनका उपकार जीवन भर याद रखूँगा, परन्तु जिन लोगों ने मेरी किसी भी कारण से मदद नहीं की, मेरे मन मे उनके लिये भी कोई दुर्भावना नहीं है। मेरा स्वभाव वैसा नहीं है। पैंतीस वर्षों से अधिक दिनो से सामाजिक जीवन मे रहने के कारण लोग मेरा स्वभाव जानते हैं।  इस मामले मे बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गौहिल जी, अध्यक्ष मदन मोहन झ जी, विधायक दल  के नेता सदानंद बाबू, सचिव वीरेंद्र राठौर जी तथा सचिव अजय कपूर जी का बड़ा महत्व्पुर्ण योगदान है। इस पर प्रेम कुमार कहते है कि सर आप कॉंग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। माननीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी को भी आप जैसे सिपाही आज के परिस्थिति में आप जैसे सिपाही की पार्टी को जरूरत है, जिस तरह हाल के दिनों में पार्टी के दर्जनों  सीनियर नेताओं ने पार्टी एवं हमारी राष्ट्रीय अध्यक्षा जी को कमजोर करने की कोशिश की आप जैसे  वीर सच्चे सिपाही की तरह पार्टी एवं माननीय अध्यक्षा के साथ खड़े रहे। अजय कुमार चौधरी ने कहा कि कांग्रेस जब तक महा गठबंधन में रहेगा  तब तक काँग्रेस का कुछ नही होने वाला है।ए.के.लाल ने कहा कि डॉ.शकील अहमद साहब आपका टिकट लालू यादव के कारण कटा।एम सादीक खान ने कहा कि शकील साहब आप जैसे नेताओं की पार्टी को सख्त जरूरत है | आप से उम्मीद है आप पार्टी को और ऊँचाईयों पर ले जायेंगे और देश में पनप रही विनाशकारी ताक़तों से मुकाबला करेंगे | अल्लाह आपको लंबी उम्र दे |

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