बिहार : छात्र - छात्राओं और शिक्षकों ने ताली, थाली बजाकर विरोध प्रर्दशन किया - Live Aaryaavart

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शनिवार, 5 सितंबर 2020

बिहार : छात्र - छात्राओं और शिक्षकों ने ताली, थाली बजाकर विरोध प्रर्दशन किया

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पटना,05 सितम्बर। केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न भर्ती आयोगों के अनियमितता और भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश में छात्र - छात्राओं और शिक्षकों ने ताली, थाली बजाकर विरोध प्रर्दशन किया। पटना के शिक्षक साथियों ने भी हमलोगों का प्रदर्शन के समर्थन पर सड़क पर उतरे। राजधानी पटना में पांच सितंबर शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को युवाओं ने देश में बढ़ती बेरोजगारी, रेलवे और एसएससी की लंबित परीक्षा कराने की मांग को लेकर पांच बजे पांच मिनट के लिए थाली, ताली पीटकर अपना विरोध जताया। बिहार समेत पूरे देश के युवाओं ने एकजुट होकर बेरोजगारी के खिलाफ यह विरोध किया।



गौरतलब है कि इसके लिए पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा था।ऐसे में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले बेरोजगार युवाओं ने घरों की छत पर थाली पीटकर विरोध जाहिर किया। दरअसल बिहार में रेलवे और एसएससी की परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या सबसे ज्यादा रहती है।इसी वजह से इस मामले में बिहार के छात्र सोशल मीडिया पर सबसे अधिक सक्रिय रहे।छात्रों ने राजधानी पटना के कई इलाकों में सड़कों पर उतरकर भी प्रदर्शन किया। साथ ही बिहार की परीक्षाओं का विलंब से लिए जाने का भी विरोध किया गया। देश में बढ़ती बेरोजगारी और सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया में लेट लतीफ से परेशान बेरोजगार युवकों ने अब ताली और थाली बजा कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का निर्णय लिया। आज पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शाम पांच बजे बेरोजगार युवक पांच मिनट तक ताली और थाली बजा कर सरकार की नीतियों का विरोध किये। इसके पूर्व दिनभर कार्यक्रम की सफलता को लेकर प्रतियोगी छात्र एकता के बैनर तले छात्र सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर आदि के माध्यम से प्रचार प्रसार करते रहे। शिवकुंड के छात्र कृष्णा सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम पटना के चर्चित शिक्षक खान सर के आह्वान पर पूरे देश में आयोजित किया गया है। ताली और थाली पीट कर युवा प्रधानमंत्री तक अपनी मन की बात पहुंचाने की कोशिश किये।

भारतीय युवा मंच हसपुरा के तत्वावधान में भारत में बढ़ती बेरोज़गारी, घटती ख़रीदारी की ताक़त और बर्बाद होती अर्थव्यवस्था व जीडीपी के ख़िलाफ़ सरकार को उसी की भाषा में शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को 5 बज कर 5 मिनट में  थाली, ताली बजा कर युवाओं ने हल्ला बोल प्रदर्शन किया।जिसमें  छात्र अभिभावक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, सनाउल्लाह सर , धनंजय कुमार, रंधीर कुमार ,राहुल कुमार, सरोज कुमार ,ब्रजेश कुमार , प्रिंस , रुस्तम, संजिव कुमार ,संजित कुमार ,संतोष कुमार ,अनुज, नीरज, प्रवीण , दीपक एवं समत युवा । रोजगार पर बढ़ते हमलों के खिलाफ बीएचयू-लंका चौराहे पर शनिवार को तमाम युवाओं ने ताली-थाली का बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। देश में घटते रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी-आत्महत्या को लेकर आंदोलित छात्रों ने राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।  आंदोलित छात्रों का कहना था कि लंबे समय से देश के अंदर बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। ऊपर से रेलवे और अन्य सार्वजानिक उपक्रमों का तेजी ने निजीकरण करने में लगी है। रेलवे जो अकेला 14 लाख युवाओं को रोजगार देता था उसको भी बेचा जा रहा है। हालत ऐसी है की 2017 वाली वैकेंसी भी अभी तक लटका हुआ है। इस लॉकडाउन में करोड़ों लोगों ने नौकरियों से हाथ धो दिया है। ऐसी भयावह स्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा किसी तरह का समाधान नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन का संचालन भगतसिंह छात्र मोर्चा से नीतीश ने किया।  

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