बिहार : घर में अकेले सो रहे सुभाष तड़प-तड़प कर मर गए - Live Aaryaavart

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शनिवार, 19 सितंबर 2020

बिहार : घर में अकेले सो रहे सुभाष तड़प-तड़प कर मर गए

और वे हर दिन की तरह घर में अकेले सोने चले गये।घर मिट्टी से बनी थी।किसी को अंदेशा नहीं थी कि एक दिन मिट्टी की दीवार गिर जाएगी!एक दिन वे अपने घर में चारपाई पर सोए रहे थे। सोने की अवस्था में मिट्टी की दीवार गिरी, मलबे के नीचे दबकर तड़प-तड़प कर मर गए.....
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पटना। पटना जिले के मसौढ़ी में मिट्टी की दीवार के नीचे दबकर वृद्ध की मौत हो गई।वह मिट्टी की दीवार से बने घर में सोते थे।घटना चपौर गांव की है। 70 साल के सुभाष पासवान पिछली रात को अपने घर में चारपाई पर सोए थे।मिट्टी की दीवार से बने घर की हालत जर्जर थी। करीब 20 इंच मोटी मिट्टी की दीवार भी कमजोर हो गई थी। स्थानीय थाना क्षेत्र के चपौर गांव में मिट्टी की दीवार गिरने से मलबे में दबकर पिछली देर रात 70 वर्षीय सुभाष पासवान की मौत हो गई। स्वजनों को इसकी जानकारी सुबह में जाकर मिली। बताया जाता है कि सुभाष ने अपने घर के पास ही फूंस और मिट्टी से एक अन्य कमरा बनाया था।उसी में वह रोजाना सोता था।बगल के एक कमरे में मवेशी व एक में पशु चारा रखा हुआ है।परिवार के अन्य सदस्य भी पास के कमरे में ही सोए थे।रात में जब दीवार गिरी को किसी को पता नहीं चला। सुबह मवेशियों का दूध निकालने के लिए पिता को खोजने लगा।जब वह नहीं मिले तो कमरे में गया, जहां वे रोजाना सोते थे।अंदर का नजारा देखकर वह सन्न रह गया।रात को मिट्टी की दीवार सुभाष पर गिर गई। करीब ढाई क्विंटल वजनी मलबा का टुकड़ा सुभाष पर गिरा, जिसके नीचे दबकर उनकी मौत हो गई। घर में अकेले सो रहे सुभाष तड़प-तड़प कर मर गए और पास में ही दूसरे घर में सो रहे उनके बेटे गुलाबी पासवान को इसका पता तक नहीं चला। सुबह करीब पांच बजे गांव के लोग जगे तो देखा कि सुभाष के घर की दीवार गिरी हुई है। इसके बाद गुलाबी पासवान को जानकारी मिली। लोग घर के अंदर गए तो देखा कि मलबे के नीचे सुभाष का शव पड़ा है। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर शव बाहर निकाला। स्वजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची मुखिया अनामिका देवी ने कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत दाह संस्कार के लिए तीन हजार रुपए दिए।

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