बेगूसराय : स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनी शौचालय में पड़ा ताला - Live Aaryaavart

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रविवार, 11 अक्तूबर 2020

बेगूसराय : स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनी शौचालय में पड़ा ताला

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अरुण शाण्डिल्य (बेगूसराय) बेगूसराय विद्युत बोर्ड कार्यालय परिसर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बना शौचालय/मूत्रालय घरों में यत्र-तत्र कुत्ते-बिल्लियों का बना स्थान,आम आदमियों के लिए पड़ गया ताला अतः लोग अब जहाँ-तहाँ की क्या बात बताऊँ अब तो लोग मुख्य (प्रवेश) द्वार पर भी मूत्रादि विसर्जित करने से बाज नहीं आते।ऐसे में भलाय भारत क्या स्वच्छ रह पाएगा? स्वच्छ भारत अभियान के तहत ही घर घर शौचालयों का भी निर्माण कराया गया है फिर भी लोग अभी भी खेतों में शौच करते नजर आ ही जाते हैं।इसका कारण मुख्यतः यह भी है कि शौचालय निर्माण सार्वजनिक रूप से जहाँ-तहाँ हुआ उसका देखभाल करने वाला कोई नहीं अतः वह भी मृतप्राय हो गया है,घर घर शौचालय की बात करुँ तो उसी घर में शौचालय दिखाने को मिलेगा जिस घर का मुखिया शौचालय बनवाने में स्वयं सक्षम है।जो लोग सरकारी योजना पर निर्भर हैं उनके भी कुछ ऐसे घरों में ही शौचालय बन पाया है जिस घर के लोग वार्ड पार्षद को शौचालय के नाम पर 12 हजार रुपया पाने के लिए 1000/1500 रुपये दिए हैं,बाकी के घरों में शौचालय तो क्या ठीक से पूरे परिवार के लिए रहने भर का जगह भी उपलब्ध नहीं है वे बिचारे भलाय शौचालय कहाँ और कैसे बनवायेंगे।उपर्युक्त तो शौचालय की व्यथा है अब आगे कुछ नगर निगम की भी व्यथा से अवगत कराते चलूँ की किस तरह बेगूसराय नगर निगम नरक निगम में तब्दील हो गया है। सर्व प्रथम तो आपको ये बता दूँ की नगर निगम के महापौर,नगर आयुक्त केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार घर घर नाली-जल योजना के तहत जगह जगह नाली बनाने और घर घर नल पहुँचाने के नाम पर अच्छी खासी सड़कों को तोड़-फोड़कर सड़क की ऐसी दशा कर दी है कि लोगों का चलना मुश्किल हो गया है,वो भी सामने बरसात का मौसम देखते हुए।ये कार्य यदि बरसात के पूर्व अथवा बरसात के बाद किया जाता तो शायद इतनी परेशानियों का सामना नहीं भी करना पड़ता।और अगर करना भी पड़ता तो इस कदर नहीं।वैसे यह तथ्य भी विचारणीय है कि नाली के लिए तो जगह जगह गढ़ा कर दिया गया है मगर पानी लेकर जाएगा कहाँ।मेरा मतलब है कि नाले का पानी कहाँ गिराया जाएगा इसके बारे में नगर निगम कभी कुछ सोचा या किया है।आज भी बरसात के पानी से पूरा बेगूसराय जलमग्न हुआ पड़ा है।आज भी अगर बेगूसराय जिले का निरीक्षण किया जाए तो एस०पी० ऑफिस,पोखरिया, कहचारी रोड, पुरानी मछली बाजार,जी०डी०कॉलेज के पीछे और निराला नगर रतनपुर,रतनपुर मेन रोड जहाँ की पूरे का पूरा आढ़त गद्दी सब्जी से लेकर नमक,तेल चीनी चावल आदि किराना का सभी सामग्रियों का एक मात्र थोक विक्रेता का आढ़त है वह सड़क भी खाई में तब्दील हो चुका है जबकि यहाँ से सबसे अधिक राजस्व कोष में पैसा भी जाता है।इतना ही नहीं शौचालय सफाई के लिए मायर एक ही गाड़ी है जिसके वजह से निजी गाड़ी अनाप सनाप पैसे लेकर शौचालय टंकी साफ कराने के लिए विवश हैं बेगूसराय के आमजन इसपर कभी कोई विचार ही नहीं किया जाता है।इसके साथ नगर निगम के सफाई कर्मी वार्ड में सफाई सप्ताह में मात्र दो दिन ही कर पाते हैं जबकि प्रत्येक दिन करना चाहिए।सफाई के दौरान जितने भी सफाई के दौरान कचरे जमा होते हैं सफाई कर्मी गाँव के ही सुदूर स्थान पर डाल देते हैं कहीं कहीं तो सड़कों के बगल में भी छोड़ देते हैं इस दृश्य का सबसे सुन्दर नजारा आपको बेगूसराय हड़ताली चौक और नगर थाना के बीच ट्रांसफार्मर के नीचे देखने को मिल सकता है।इसके अलावा पान गाछी धाम से एन०एच०31 को मिलाने वाला रिंग बाँध का नजारा भी देखते बनता है।बेगूसराय की सुन्दरता का बखान फिर भी जितना करुँ कम है यह बात तय आप भी ब-खूबी समझ ही रहे होंगे। 

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