मधुबनी पेंटिंग के सुप्रसिद्ध गाँव मे राजनीतिक दलों का प्रवेश वर्जित। - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

मधुबनी पेंटिंग के सुप्रसिद्ध गाँव मे राजनीतिक दलों का प्रवेश वर्जित।

  • विधायक और सांसद के लापता होने का लगा पोस्टर।

मधुबनी (अजय धारी सिंह) तीन पद्मश्री, पच्चीस नेशनल, एक सौ राज्य पुरस्कारों से सम्मानित कलाकारो के इस गाँव मे नेताओ का प्रवेश वर्जित है। गाँव के बाहर लगे होर्डिंग मे लिखा है की राजद विधायक फैयाज अहमद लापता हैं, भाजपा सांसद अशोक यादव लापता हैं। इस गाँव मे सभी दल के नेताओ का प्रवेश वर्जित है। गाँव मे लगे पोस्टर मे लिखा है किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नेता गाँव मे प्रवेश ना करें। यह गाँव है जितवारपुर।  जिला मुख्यालय से सटे इस गाँव को मधुबनी पेंटिंग के हब के रूप मे पहचाना जाता है। गाँव मे अबतक मधुबनी पेंटिंग के क्षेत्र मे तीन महिलाओ को पद्मश्री, पच्चीस से अधिक को नेशनल एवं सौ से अधिक कलाकार को स्टेट अवार्ड मिल चुका है। गाँव मे दो हजार से अधिक कलाकर हैं। गाँव के ज्यादतर आबादी मधुबनी पेंटिंग बनाती है। यही इनका मुख्य व्यवसाय है। पिछले वर्ष इस गाँव को क्राफ्ट विलेज बनाने की घोषणा की गयी थी। तत्कालीन जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने इस दिशा मे काफी प्रयास किया था और कुछ काम का शुरूआत भी किया था लेकिन उनके ट्राँसफर के साथ ही गांव का विकास ठप्प हो गया।  अब जब सारे विकास के काम रुक गए है तो कलाकर एकजुट होकर प्रतिनिधियों का विरोध करने लगे हैं। नाला सड़क जैसी मूलभूत समस्याओ से परेशान कलाकारो ने गांव के मुख्य द्वार पर वोट बहिष्कार का पोस्टर लगा दिया है। स्टेट अवार्डी रेमंत कुमार मिश्रा ने कहा हमलोगो के साथ छल किया गया है। हमारे गाँव का विकास ठप्प पड़ा हुआ है। वही एक अन्य कलाकर प्रभाकर कुमार ने बताया की शुरूआत मे हमे बताया गया आप अपने गाँव को सजाइये,  चाय-नाश्ता का रुपया मिलेगा लेकिन काम तो महीनो तक कराया गया लेकिन चाय-नाश्ता तक का पैसा नही दिया गया। वही एक कलाकर ने बतायी की हमारे यहा मजबूत नेता नही है इसलिए हमारे कामो को पीछे रखा जाता है। लेकिन अब बहुत हो गया हम बर्दाश्त नही करेंगे। हालांकि देर शाम विधायक और सांसद के लापता होने का पोस्टर किसी ने वहाँ से गायब कर दिया। अब ये देखना होगा कि प्रशासन इसकी सुधि कब लेता है।

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