दरभंगा : GNM स्टूडेंट्स ने मिनिस्टर अंकल से किया निवेदन, सुनवाई नहीं - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 10 अक्तूबर 2020

दरभंगा : GNM स्टूडेंट्स ने मिनिस्टर अंकल से किया निवेदन, सुनवाई नहीं

जीएनएम थर्ड ईयर स्टूडेंट्स की परीक्षा जल्द से जल्द कराये। इन जीएनएम थर्ड ईयर स्टूडेंट्स ने हेल्थ मिनिस्टर अंकल से निवेदन किया कि जल्दी परीक्षा ले या प्रमोट करें।ऐसा करने से निकलने वाली वैकेंसी को भरकर सिर दर्द को दूर करा सकें। जो हेल्थ मिनिस्टर नहीं करा सके....

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दरभंगा।
जीएनएम थर्ड ईयर स्टूडेंट्स को न राम मिला, न रहीम। सत्र 2016-19 के इन स्टूडेंट्स की परीक्षा 2019 की अक्टबूर माह में ही हो जानी थी।मगर बिहार परिचारिका निबंधन परिषद की कर्तव्यहीनता के कारण 11 माह के बाद भी परीक्षा नहीं हो सकी।महामारी कोरोना और चुनाव के आलोक में 3000 से अधिक नर्सिंग स्टूडेंट्स ने हेल्थ मिनिस्टर मंगल पांडेय से गुहार लगाये थे कि  जीएनएम थर्ड ईयर स्टूडेंट्स की परीक्षा जल्द से जल्द कराये। इन जीएनएम थर्ड ईयर स्टूडेंट्स ने मिनिस्टर अंकल से निवेदन किया कि जल्दी परीक्षा ले या प्रमोट करें।ऐसा करने से निकलने वाली वैकेंसी को भरकर सिर दर्द को दूर करा सकें। जो हेल्थ मिनिस्टर नहीं करा सके।  बता दें कि राजधानी पटना में है नया सचिवालय।इसी नया सचिवालय में है बिहार परिचारिका निबंधन परिषद का कार्यालय। यह स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित है।बिहार परिचारिका निबंधन परिषद में एक रजिस्ट्रार का पद है जो स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशन में कार्य करती हैं। दोनों के सहयोग से बिहार में संचालित नर्सिंग स्कूलों को मान्यता दी जाती है। इसके बाद मान्यता प्राप्त नर्सिंग स्कूलों की जेनरल नर्सिंग स्टूडेंट्स, मिडवाइफ स्टूडेंट्स और एएनएम की परीक्षा संचालन और रिजल्ट प्रकाशन के बाद सार्टिफिकेट निर्गत किया जाता है। यह सब कार्य समय पर संचालन नहीं करने के कारण बिहार परिचारिका निबंधन परिषद से मोहभंग कर नर्सिंग स्कूल मिड इंडिया का दामन थाम लिये।इसमें अधिकांश मिशनरी नर्सिंग स्कूल थे।विख्यात कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल नर्सिंग स्कूल शामिल है।

आगे बताया जाता है कि फिलवक्त बिहार परिचारिका निबंधन परिषद में केवल सरकारी और निजी नर्सिंग स्कूल ही पंजीकृत है। इनका ही संचालन किया जाता है। वह बेहतर ढंग से नहीं किया जाता है। इसका खामियाजा नर्सिंग स्कूल की जेनरल नर्सिंग, मिडवाइफ और एएनएम स्टूडेंट्स भुगत रही हैं।जब पानी सिर से ऊपर होकर गुजरने लगा तो जीएनएम थर्ड ईयर फाइनल स्टूडेंट्स में से श्वेता सिंह ने टि्वटर पर हेल्थ मिनिस्टर मंगल पांडेय को ट्वीट कर व्यथा बयान कर दी।उनका कहना है कि सत्र 2016- 2019 की परीक्षा 2019 में ही अक्टूबर महीने में हो जानी थी। जो 11 महीने के बाद भी नहीं हो सकी है। वह यहां तक कह दी कि बिहार परिचारिका निबंधन  परिषद की परीक्षा अक्टूबर और अप्रैल माह में होती है। इनका कुलीला है कि अक्टूबर माह में होने वाली परीक्षा अप्रैल माह में और अप्रैल माह में होने वाली परीक्षा अक्टूबर माह में ली जाती है। इस बाबत श्वेता सिंह कहती है कि सत्र 2015-2018 की जीएनएम थर्ड ईयर फाइनल की अप्रैल माह की स्टूडेंट्स की परीक्षाअक्टूबर माह में ली गयी।इन लोगों का रिजल्ट और परिषद में पंजीकृत होने के बाद सरकारी वैकेंसी भरने के बाद सरकारी नौकरी मिल गयी।सभी मस्ती में जीवन व्यक्तित कर रही हैं। आगे कहती हैं कि सत्र 2016-19 जीएनएम थर्ड ईयर की परीक्षा अधर में लटक गया है। परीक्षा तो 2019  अक्टूबर माह में ही हो जानी थी।इनके कुप्रथा के कारण 6 माह के बाद परीक्षा लेने से 3000 हजार स्टूडेंट्स की जिंदगी लॉकडाउन के कारण लॉक हो गया।परिषद के नियमानुसार अक्टूबर 2019 की परीक्षा अप्रैल 2020 में होनी वाली थी। अब तो चुनाव के बाद ही मसलन 2021 अप्रैल माह में ही परीक्षा हो सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दरभंगा में है लहरिया सराय । यहां पर स्थित है आर.बी.मेमोरियल स्कूल ऑफ नर्सिंग।यहां की 50 से अधिक सत्र 2016-19 जीएनएम थर्ड ईयर नर्सिंग स्टूडेंट्स परीक्षा देने वाली हैं। इन सभी को मिलाकर 3000 से अधिक स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक गया है। इन थर्ड ईयर की जेनरल नर्सिंग स्टूडेण्ट्स ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के समक्ष माथा पटकते रह गये पर समाधान नहीं निकाल सकें।

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