विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 06 नवम्बर - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 06 नवम्बर

किसानों के हित में रबी की फसल हेतु पलेवा (सिंचाई) कार्य हेतु 10 घण्टे की विद्युत आपूर्ति विभाग के निर्देश अनुसार सुनिश्चित की जाये -विधायक भार्गव 


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विदिशाः- विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने महाप्रबंधक म.प्र.म.क्षे.वि.वि.क.लि. को पत्र लिखकर 10 घण्टे की विद्युत सुविधा कृषकों को अनिवार्य रूप से दिये जाने के संबंध में तत्काल कार्यवाही करने की बात रखी। उन्होने कहाॅ कि वर्तमान में जिले में रबी की फसल हेतु पलेवा का कार्य कृषको द्वारा किया जा रहा है जो कि आगामी फसल हेतु काफी महत्वपूर्ण है सम्पूर्ण जिले से किसानो द्वारा लगातार शिकायते प्राप्त हो रही है कि विभाग द्वारा तय की गई 10 घण्टे की विद्युत आपूर्ति की सुविधा पलेवा कार्य हेतु प्राप्त नही हो रही है मात्र 2 या 3 घण्टे विद्युत प्रदाय की जा रही है। जिस कारण से किसानो का पलेवा कार्य प्रभावित हो रहा है किसान पूर्व से ही सोयाबीन की फसल शत प्रतिशत प्राकृतिक आपदा से नष्ट होने के कारण परेशान है, ऐसे में 10 घण्टे सुनिश्चित विद्युत की आपूर्ति नही होने से किसानों में काफी असंतोष है। विधायक भार्गव ने कहाॅ कि जब विभाग द्वारा 10 घण्टे की विद्युत सुविधा देने की व्यवस्था की गई है तो फिर मात्र 2 या 3 घण्टे विद्युत प्रदाय किये जाने के कारण के संबंध में विभाग स्पष्ट रूप से कार्यवाही करे एवं विद्युत प्रदाये निश्चित समय अवधि में 10 घण्टे किये जाने में किसी प्रकार का व्यवधान होता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाये जिससे की किसानों को समय पर पलेवा कार्य हेतु 10 घण्टे विद्युत प्रदाय की स्थिति सुनिश्चित हो सके। 


राज्य शासन ने त्यौहार अग्रिम के लिये आदेश जारी किए


विशेष त्यौहार योजना अन्तर्गत अग्रिम राशि स्वीकृति के लिये मापदण्ड निर्धारित किए गए है। पात्रता राज्य शासन के कार्मिकों यथा नियमित, कार्यभारित, तदर्थ, संविदा कर्मी, स्थाई कर्मी, दैनिक वेतन भोगी एवं राज्य शासन के शत-प्रतिशत् अनुदान से वेतन प्राप्त कर रहे कार्मिक। ऐसे कार्मिक जिनकी सातवेंं वेतनमान में कुल मासिक उपलब्धियां (मूलवेतन ़ मंहगाई भत्ता) 40 हजार रूपए अथवा इससे कम है। स्थायी कर्मियों के लिये वेतन की मासिक सीमा 12 हजार अथवा इससे कम होगी। अधिकतम अग्रिम राशि 10 हजार (ब्याज रहित) अग्रिम का समायोजन अधिकतम 10 समान किश्तों मे अथवा सेवानिवृत्ति संविदा अवधि समाप्ति की तिथि, जो भी पूर्व हो।  आदेशानुसार कोविड-19 की आपदा के कारण आर्थिक गतिविधियों मे भी अपेक्षित सक्रियता का अभाव है। आर्थिक गतिविधियों को सक्रिय करने के लिये आवश्यक है कि उपभोक्ता खपत को बढाया जाए। राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि राज्य शासन के कार्मिकों यथा  नियमित, कार्यभारित, तदर्थ, संविदा कर्मी, स्थाई कर्मी, दैनिक वेतन भोगी एवं राज्य शासन के शत्-प्रतिशत अनुदान से वेतन प्राप्त कर रहे कार्मिकों के लिये विशेष त्यौहार अग्रिम योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये एत्तदारा स्वीकृति दी गई है।  योजना की अवधि 01 नवम्बर 2020 से 31 मार्च 2021 तक रहेगी। योजना अंतर्गत 31 मार्च 2021 तक ही आहरण किया जा सकेगा। व्यय शीर्ष यह अग्रिम, उद्देश्य शीर्ष वेतन के अंतर्गत विस्तृत शीर्ष त्यौहार अग्रिम के आवंटन के विरूद्ध स्वीकृत किया जायेगा, अन्य के लिये अग्रिम का आहरण वेतन, मजदूरी अथवा अन्य व्यय शीर्ष से आहरित किया जायेगा। पूर्व अग्रिम यदि किसी कार्मिक के द्वारा पूर्व में प्रचलित योजना, नियम के अंतर्गत त्यौहार अग्रिम प्राप्त किया गया है तब उस अग्रिम की शेष राशि को वर्तमान स्वीकृत अग्रिम की राशि से जोड़कर कुल राशि का समायोजन आगामी अधिकतम 10 किश्तों मे किया जाएगा। त्यौहार आवेदक द्वारा आवेदन मे अंकित त्यौहार ही इस विशेष अग्रिम के लिये मान्य होगें। आवेदन का प्रारुप परिशिष्ट-1 पर संलग्न है। स्वीकृतकर्ता अधिकारी कार्यालय प्रमुख स्वीकृति के लिये अधिकृत होगें एवं अग्रिम के समायिक समायोजन का भी उत्तरदायित्व उनका होगा। आवंटन संबधित व्यय शीर्ष मे प्रावधान अपर्याप्त होने पर संबधित बजट नियंत्रण अधिकारी वेतन मद के प्रावधान से पुनर्विनियोजन के लिये अधिकृत होगें। निगम,मंडल,सार्वजनिक उपक्रम,स्थानीय निकाय,विश्वविद्यालय और आयोग भी स्वंय की वित्तीय स्थिति के आधार पर इस योजना को अपने कार्मिकों के लिये लागू के संबंध में निर्णय लेने के लिये स्वयं सक्षम होंगे। उपर्युक्त निर्देशों से समस्त अधीनस्थ अधिकारियों को अवगत कराते हुये सामयिक आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित करें। 

शासकीय सेवक की सेवाकाल में मृत्यु होने पर अनुकम्पा नियुक्ति के संशोधित नियम जारी

शासकीय सेवक की सेवाकाल में मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति के लिये नये नियम जारी किये गए है। पूर्व में जारी किये गये निर्देशो के क्रम में संशोधित निर्देश स्थापित किये गये है। जिसके अंतर्गत अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन पत्र संशोधित परिशिष्ठ 01 प्रति स्थापित किया जाता है। शेष निर्देश और नियम यथावत रहेंगे। इसी प्रकार अनुकंपा नियुक्ति प्राप्तकर्ता पेशनर है, तो उसके द्वारा संशोधित परिशिष्ठ 01 में दी गई जानकारी के आधार पर नियुक्ति अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह संबंधित बैंकध्जिला कोषालय अधिकारी को नियुक्ति आदेश प्रष्ठाकित करे। जिससे उसका पीपीओ, बैंक खाता क्रमांक तय मप्र शासन वित्त विभाग के परिपत्र 19 अप्रैल 2007 के तहत संबंधित को परिवार पेंशन पर राहत देय नही करने हेतु सूचित करें।

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