बिहार : सिर से जुड़ीं जुड़वां बहनें सबा और फराह ने भी वोट दिए - Live Aaryaavart

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बुधवार, 4 नवंबर 2020

बिहार : सिर से जुड़ीं जुड़वां बहनें सबा और फराह ने भी वोट दिए

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पटना। आपस में एक-दूसरे से सिर से जुड़ीं जुड़वां बहनें सबा और फराह ने भी वोट दिए। उन्होंने मतदाताओं से शत-प्रतिशत वोटिंग की अपील की। सबा-फराह पटना के समनपुरा में रहती हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर जो प्रेरक कहानियां पोस्‍ट की हैं, उनमें 23 साल की सबा-फराह के भी नाम हैं। मंगलवार को दोनों वोटरों का उत्साह बढ़ाती रहीं। दोनों कहती हैं, जब हम वोट दे सकती हैं तो आप क्यों नहीं? इस बार निर्वाचन आयोग ने दोनों के लिए अलग-अलग वोटर कार्ड जारी किया है। दोनों पोस्टल बैलेट के जरिए कुछ दिन पहले मतदान कर चुकी हैं। सबा-फराह दीघा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता हैं। सबा और फराह एक-दूसरे से सिर से जुड़ी हुई हैं, लेकिन सोचती हैं अलग-अलग। पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों के पास एक ही वोटर आई कार्ड था। चुनाव आयोग ने दोनों को जुड़वां होने की वजह से एक ही वोटर माना था। लेकिन बाद में आयोग ने दोनों के अलग-अलग वोटर कार्ड बनाए। यह पहला विधानसभा चुनाव है जब दोनों बहनों ने अलग-अलग वोट डाले हैं। इसलिए इनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।


पहले एक ही वोटर कार्ड से देती थी वोट

दोनों बहनें लगभग 23 साल की हो चुकी हैं। जब एक वोटर कार्ड था तब दोनों मिलकर वोट करती थीं। यानी सबा कहती थी कि बटन दबाओ और फराह बटन दबाती थी। बाद में जब दोनों के अलग-अलग वोटर कार्ड बने तो यह बात भी सामने आई कि वोट की गोपनीयता तो खत्म नहीं हो जाएगी! लेकिन दोनों के शरीर की बनावट ऐसी है कि एक वोट देती है तो उस समय दूसरी देख नहीं पाती है। दोनों के सिर विपरीत दिशा में हैं।


भाई सलमान खान ने भुला दिया

दोनों जहां रहती हैं वह घर एस्बेस्टस का है। कहती हैं कि सलमान खान ने दोनों को बहन बनाया, मुंबई जाकर दोनों ने राखी बंधवाई और इसके बाद सलमान भाई ने दोनों को भुला दिया। इसके बावजूद दोनों सलमान खान की फैन हैं। कहती हैं सलमान भाई हमें भुला दें पर हम उन्हें भाई मान चुके हैं और कभी भुला नहीं सकते। सबा और फराह के शरीर की दिक्कत दोनों बहनें एक जिस्म दो जान हैं। एक कहीं जाना चाहती है तो दूसरी को भी जाना ही पड़ता है। इसलिए अंडरस्टैंडिग दोनों के जीवन का हिस्सा बन गई है। दोनों एक-दूसरे की भावनाओं का गजब ख्याल रखती हैं। दोनों की ज्यादातर रुचियां मिलती-जुलती हैं। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय से सबा और फरहा को राहत मिली थी कि जब दोनों 18 साल के हो जाएंगे तो खुद ही एकदूसरे से ‘जुदा’ होने का निर्णय ले सकेंगे।आज 23 साल की हो गयी हैं। प्रायः नेताओं के द्वारा धर्मवाद, प्रांतवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि का मुद्दा उठाकर राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को करारा जवाब पुणे में कानून की पढ़ाई करने वाली ने दी थी। उसने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करके बिहार की जुड़वा बहनों के इलाज करवाने के बारे में ठोस कदम उठाने का आदेश पारित करने का आग्रह किया गया था। 

इसके आलोक में माननीय न्यायालय ने बिहार सरकार को आदेश निर्गत दिया था कि दोनों जुड़वा बहन सबा और फरहा को सरकारी खर्च पर नयी दिल्ली में स्थित ‘एम्स’ में इलाज कराया जाए। तब बिहार सरकार ने सारी व्यवस्था करने की जिम्मेवारी पटना जिले के असैनिक शल्य एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को दी थी। उन्होंने सारी व्यवस्था कराकर दिल्ली जाने वाले ही थे कि दोनों बहनों के मां-बाप ने विरोध करना शुरू कर दिया। इसके कारण दोनों दिल्ली नहीं जा सके। लगे हाथ सरकार से मांग कर दिये कि सरकार दोनों के खर्च के लिए राशि मुहैया कर दें। अभी-अभी माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि बिहार सरकार 5 हजार रू. मासिक सबा और फरहा के परिजनों को दें। इसके साथ दोनों की जांच नियमित हो और उसकी रिपोर्ट ‘एम्स’ को दी जाए। पटना शहर के बेलीरोड में स्थित बकरीहट्टा में जुड़वा बहनों के अब्बा ढांबा खोल रखे हैं। इसी से परिवार का खर्च होता है। एक छोटा कमरा में मां-बाप,एक भाई और पांच बहने रहती हैं। काफी कष्टकर जिदंगी व्यत्तित करते हैं। दोनों जुड़वा बहने बिग बॉस के बॉस सलमान खान के चाहने वालों में से एक हैं। जब सलमान खान पटना में आये थे तो दोनों बहनों के घर गये थे।  माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आने पर सबा और फरहा के भाई तमन्ना और उनके अम्मी और अब्बा काफी खुश हुए थे। उस समय दोनों 17 साल की थीं। 18 साल की हो जाएगी तो निर्णय ले पायेगी कि दोनों संग-संग रहेंगी अथवा एक -दूसरे से अलग होगीं? यह दोनों पर ही निर्भर है। दोनों सिर से जुड़ी हैं। शरीर में एक के पास अंग है तो दूसरे के पास नहीं है। इसके कारण दोनों को अलग करना, काफी मुश्किल और नामुमकिन है। इतना तय है कि एक को बचाने में दूसरी मौत निश्चित है।  तमाम लोगों की दुआ सबा और फरहा के साथ है। अल्ला,भगवान,येसु आदि सर्वेश्रर से दुआ है कि दोनों को सही सलामत रखे। विज्ञान काफी तरक्की कर ली है। इससे नामुमकिन को मुमकिन किया जा सकता हैं। गत  23 सालों से एक की इच्छा पूरी करने के लिए दूसरे को सहयोग देना ही पड़ता है।  

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