झारखंड के तीन मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर रोक - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

झारखंड के तीन मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर रोक

मुख्यमंत्री ने मेडिकल आयोग को लिखा पत्र

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विजय सिंह ,रांची , लाइव आर्यावर्त ,6 नवंबर, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ,पलामू और दुमका तीन नए मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र में नामांकन पर रोक लगाए  जाने के आलोक में आयोग को पत्र लिख कर नामांकन पर रोक हटाए जाने का अनुरोध किया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के अध्यक्ष डॉ.सुरेश चंद्र शर्मा को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण संकट की वजह से भवन ,आधार भूत संरचना और उपकरणों के स्थापना का कार्य अधूरा रह गया था जिन्हे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर दिया जायेगा। राज्य सरकार आयोग द्वारा चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए तय किया गए नियम व मापदंडों को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित है और शीघ्र ही आयोग द्वारा निर्दिष्ट किये गए कमियों को दूर कर लिया जायेगा। साथ ही सीनियर रेसीडेंट ,जूनियर रेसीडेंट और पारा मेडिकल कर्मियों की रिक्तियों को 30 नवंबर तक पूरा भरने का भरोसा मुख्यमंत्री सोरेन ने आयोग को दिया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही पत्र में यह भी जोड़ा कि इन तीन मेडिकल कॉलेजों के पिछड़े जिलों में अवस्थित होने की वजह से प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पदों को भरने में दिक्कतें हो रही है क्योंकि योग्य उम्मीदवारों को इन क्षेत्रों में कार्य करने में दिलचस्पी नहीं है। श्री सोरेन ने झारखंड राज्य के गरीब ,पिछड़े और आदिवासी बहुल क्षेत्र का हवाला देते हुए नए सत्र 2020-21 में छात्रों को प्रवेश देने की अपील आयोग के अध्यक्ष से की है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश हेतु ली जाने वाली नीट परीक्षा का परिणाम आ चुका है और काउंसलिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों में नए सत्र में छात्रों के प्रवेश हेतु प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है परन्तु झारखंड के इन तीन नव निर्मित मेडिकल कॉलेज में कमी पाए जाने पर मेडिकल काउंसिल द्वारा रोक लगाए जाने से राज्य के छात्र उहापोह की स्थिति में हैं। झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने इन तीन नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति दी थी। भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इन तीन मेडिकल कॉलेजों को खोलने के लिए 340 करोड़ रुपये का अनुदान राज्य सरकार को दिया गया है जबकि झारखंड सरकार तीनों मेडिकल कॉलेज और इन जिलों के जिला अस्पतालों को उन्नत बनाने हेतु 392.88 करोड़ रुपये का योगदान दे रही है।

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